पूर्ण संख्याओं के लिए मैनिप्यूलेटिव्स सामग्री : कब और क्यों?
एट राइट एंगल्स ने कई मैनिप्यूलेटिव्स* वस्तुओं की समीक्षा की है जिनका उपयोग स्थानीय मान और पूर्ण संख्याओं की तुलना तथा उन पर की जाने वाली अंकगणितीय संक्रियाओं को सिखाने के लिए किया जा सकता है। इन वस्तुओं में (i) ऐरो कार्ड (ii) गणितमाला (iii) काउंटर (iv) 10 के फ़्रेम (v) फ़्लैट-लॉन्ग-यूनिट (एफएलयू), (vi) डींस ब्लॉक और (vii) स्टेटिक बीड्स शामिल हैं। (इन पर एट राइट एंगल्स के विभिन्न अंकों में इसी क्रम में चर्चा की गई है।) इसके अलावा, तीली बण्डल एक लोकप्रिय और व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली वस्तु है। कुछ और भी ऐसी मैनिप्यूलेटिव्स वस्तुएँ हैं जिन्हें आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है, जैसे – (क) अबेकस और (ख) नोट एवं सिक्के। इनमें से कई वस्तुएँ एनसीईआरटी और पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम जैसे कुछ राज्यों के फ़ाउण्डेशनल (कक्षा 1-2) और प्रिपरेटरी स्टेज (कक्षा 3-5) की गणित की पाठ्यपुस्तकों में शामिल हो गई हैं।
पूर्ण संख्याओं के लिए मैनिप्यूलेटिव्स सामग्री के प्रकार
ऐरो कार्ड को छोड़कर ऊपर उल्लिखित सभी मैनिप्यूलेटिव्स वस्तुएँ मात्राओं की द्योतक होती हैं। इसके विपरीत ऐरो कार्ड इकाइयों, दहाइयों आदि का इस्तेमाल करके संख्यात्मक रूप बनाते हैं। बाक़ी वस्तुओं को मोटेतौर पर दो समूहों में वर्गीकृत किया जा सकता है : पूर्ण संख्याओं के लिए सामग्री [Mat(h)erials]

- आनुपातिक : जिनमें 10 स्पष्ट रूप से (आकार में) एक से 10 गुना बड़ा होता है या 100 एक का 100 गुना या 10 का 10 गुना होता है। गणितमाला, 10 के फ़्रेम, तीली बण्डल, एफएलयू, डींस ब्लॉक, स्टेटिक बीड्स इस श्रेणी में आते हैं और काउंटर भी।
- ग़ैर-आनुपातिक : इनमें ऐसे अनुपात मान लिए जाते हैं जो वास्तव में वैसे दिखाई नहीं देते। अबेकस और नोट व सिक्के इस श्रेणी में आते हैं। ₹100 का नोट क्षेत्रफल/ आयतन या भार में ₹10 के नोट का 10 गुना नहीं होता और यही बात ₹10 या ₹1 के सिक्के पर लागू होती है।
आनुपातिक मैनिप्यूलेटिव्स वस्तुओं के भी दो उप-समूह होते हैं :
- समूहित किए जाने योग्य : हर इकाई किसी दहाई या सैकड़े का हिस्सा हो सकती है या अकेली भी रह सकती है। तीली बण्डल (और काउंटर) इस श्रेणी में आते हैं।
- पहले से समूहित : हर इकाई, दहाई, सैकड़ा का अपने आप में एक अस्तित्व होता है। इन्हें और नहीं तोड़ा जा सकता या किसी और बड़ी वस्तु का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता।


दिलचस्प बात है कि गणितमाला और 10 के फ़्रेम में उक्त दोनों प्रकारों के गुण शामिल रहते हैं :


| पहले से समूहित सामग्री के गुण | समूहित किए जाने योग्य सामग्री के गुण | |
|---|---|---|
| गणितमाला | मनके दस-दस के समूहों में होते हैं और उन्हें उसी के अनुरूप रंग दिया जाता है | हर मनका किसी दहाई का हिस्सा हो सकता है या फिर एक अकेली इकाई माना जा सकता है, जो इस बात पर निर्भर करेगा कि हम किस संख्या को निरूपित कर रहे हैं |
| दस के फ़्रेम | 2 x 5 फ़्रेम | रखा गया हर काउंटर किसी दहाई का हिस्सा हो सकता है (अगर वह एक पूरा फ़्रेम बन जाए) या एक इकाई माना जा सकता है |
यह उन्हें बेहद उपयोगी बना देता है!
अब हमें बेस-10 (10 के आधार) यानी स्थानीय मान को समझने की मज़बूत बुनियाद बनाने के लिए आनुपातिक सामग्री से शुरुआत करनी चाहिए। इसके अलावा, चूँकि कम उम्र के शिक्षार्थियों के लिए व्यावहारिक अनुभव बेहद महत्त्वपूर्ण होता है, हमें ऐसी मैनिप्यूलेटिव्स सामग्री से शुरुआत करनी चाहिए जिसमें समूहित किए जाने वाले गुण हों। नीचे दी गई तालिका इन वस्तुओं के विभिन्न गुणों को प्रदर्शित करती है :
| सामग्री | संख्या की सीमा | बनाने में आसानी का स्तर | उपयोग | आभासी रूप की उपलब्धता | सम्भावित विस्तार |
|---|---|---|---|---|---|
| काउंटर | 0-10 और अधिक | शिक्षार्थियों द्वारा जुटाए जा सकते हैं, ये कंकड़, बटन, बीज आदि हो सकते हैं – अच्छा हो यदि ये एक जैसे हों, लेकिन ऐसा होना एकदम ज़रूरी नहीं है | गिनती, तुलना, चार संक्रियाएँ, पैटर्न तथा और भी चीज़ें | हाँ | पूर्णांकों के लिए रंगीन या चिह्नांकित |
| दस के फ़्रेम | 0-20, 0-50 | आसानी से बनाए जा सकते हैं | गिनती, एक अंकीय जोड़ के तथ्यों का स्वचालीकरण (automatization), सम-विषम की पहचान | हाँ | गुणजों और संख्या पैटर्न के लिए अन्य फ़्रेम |
| गणितमाला | 0-100, 0-200 | शिक्षार्थियों द्वारा बनाई जा सकती है | गिनती, संख्याओं का क्रम, तुलना, चार संक्रियाएँ व और भी चीज़ें | अभी तक नहीं | पूर्णांकों के लिए चौरंगी रूप |
| तीली बण्डल | 0-100, सम्भवतः 0-999 | शिक्षार्थी इकट्ठा करके बण्डल बना सकते हैं | गिनती, समूहीकरण (दहाइयों में) का अभ्यास, तुलना, जोड़-घटाव | अभी तक नहीं | गुणन के लिए लम्बी रंगीन – ग़ैर-आनुपातिक बन जाती है |
| एफएलयू | 0-999 | शिक्षकों द्वारा बनाए जा सकते हैं जिसमें सम्भवतः वे कुछ बड़ी उम्र के विद्यार्थियों की मदद ले सकते हैं | निरूपण, तुलना, चार संक्रियाएँ, क्षेत्रफल के लिए महत्त्वपूर्ण, वर्ग एवं वर्गमूल | हाँ | दशमलव एफएलयू, बीजगणितीय टाइल |
| डींस ब्लॉक | 0-1000 | स्थानीय स्तर पर बनाना बेहद मुश्किल | तुलना, चार संक्रियाएँ, आयतन के लिए महत्त्वपूर्ण | हाँ | दशमलव रूप |
| स्टेटिक बीड्स | 0-1000 | स्थानीय स्तर पर बनाना मुश्किल | निरूपण, तुलना, चार संक्रियाएँ | ||
| अबेकस | तीन अंकीय संख्याओं के आगे | स्थानीय स्तर पर बनाना मुश्किल | निरूपण, जोड़-घटाव | अभी तक नहीं | दशमलव रूप |
| नोट एवं सिक्के | 0-999 | स्थानीय स्तर पर बनाए जा सकते हैं | निरूपण, जोड़-घटाव, इबारती सवाल |
इस तरह, काउंटर और तीली बण्डल सीधे शिक्षार्थियों द्वारा जुटाए जा सकते हैं, जबकि गणितमाला उनके द्वारा आसानी से बनाई जा सकती है। एफएलयू भी किसी भी स्कूल में स्थानीय स्तर पर बनाए जा सकते हैं लेकिन उनके लिए किसी शिक्षक और मिडिल/ हाई स्कूल विद्यार्थियों के सक्रिय निरीक्षण की आवश्यकता होगी। 10 के फ़्रेम तथा नोट व सिक्के भी स्थानीय स्तर पर बनाए जा सकते हैं। मनके स्थानीय स्तर पर बनाए जा सकते हैं – लेकिन इसमें काफ़ी ज़्यादा सामग्री (लगभग 2000 गोलाकार मनके) और बहुत ज़्यादा श्रम लगेगा। इसी प्रकार, अबेकस को भी किसी बढ़ई की मदद से स्थानीय स्तर पर बनाया जा सकता है। लेकिन डींस ब्लॉक को बनाना मुश्किल हो सकता है अगर कोई कुशल बढ़ई* आपके सम्पर्क में न हो तो।
(*डीन्स ब्लॉक : इकाई छोटा घन होनी चाहिए, जैसे 1 सेमी x 1 सेमी x 1 सेमी, छड़ (या दहाई) इकाई की 10 गुना होनी चाहिए, यानी, 10 सेमी x 1 सेमी x 1 सेमी, फ्लैट (या सैकड़ा) छड़ का 10 गुना होनी चाहिए, यानी, 10 सेमी x 10 सेमी x 1 सेमी और अन्त में बड़ा घन (हज़ार) फ़्लैट का 10 गुना होनी चाहिए, यानी, 10 सेमी x 10 सेमी x 10 सेमी। अगर इकाई थोड़ा बड़ा घन हो तो फिर बाक़ी के हिस्से उसी अनुपात में बड़े होने चाहिए।)
इसके अलावा, यह भी ध्यान रखें कि सीखने के शुरुआती चरण में ये वस्तुएँ शिक्षार्थियों की पहुँच में होना चाहिए। इसलिए, कक्षा में इनका एक ही सेट होना शायद पर्याप्त न हो। यह सही है कि विद्यार्थी अवलोकन के द्वारा सीखते हैं। लेकिन गहराई से सीखने के लिए यह ज़रूरी है कि वे ख़ुद इन वस्तुओं के साथ जुड़ें। इसलिए, आदर्श स्थिति होगी कि 30 बच्चों की कक्षा में इन वस्तुओं के कम-से-कम 6-8 सेट हों ताकि प्रति सेट के साथ 4-5 शिक्षार्थियों को सीखने का मौक़ा मिल सके।
इसलिए, पर्याप्त डींस ब्लॉक और स्टेटिक बीड्स का बन्दोबस्त करना मुश्किल है। यही बात अबेकस के लिए भी हो सकती है।
स्टेज के अनुसार
काउंटर, तीली बण्डल और गणितमाला फ़ाउण्डेशनल स्टेज में गिनती करने, दहाइयों के गट्ठर बनाने और संख्याओं के साथ खेलने के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण होते हैं। समूहित किए जाने योग्य सामग्री के रूप में तीली बण्डल दहाइयों के गट्ठर बनाने और फिर जब भी एक प्रकार के 10 मौजूद हों तो एक बड़ा बण्डल बनाने का बेहद ज़रूरी ठोस अनुभव प्रदान करते हैं। (इसलिए 10 दहाइयाँ एक बड़ा बण्डल, सैकड़ा बनाती हैं।) गणितमाला दिखाती है कि दहाइयाँ बाईं ओर तथा इकाइयाँ दाईं तरफ़ होती हैं और इस तरह (दो-अंकीय संख्या में) बाएँ अंक को दहाई के रूप में तथा दाएँ अंक को इकाइयों के रूप में दिखाती हैं। चार रंगों वाली 200 मनकों की गणितमाला (जिसमें एक-दूसरे से भिन्न दो रंग 0-100 दिखा रहे हों और ऐसे ही दो और रंग 100-200 दिखा रहे हों) इसे आगे ले जाती है और दिखाती है कि सैकड़े का अंक सबसे बाएँ होना चाहिए। ये मालाएँ संख्या रेखा का मैनिप्यूलेटिव्स की सम्भावना वाला रूप भी होती हैं और दोनों के कई साझा गुण होते हैं (चित्र-5)। 10 के फ़्रेम शायद इन दोनों जितने महत्त्वपूर्ण न हों लेकिन कुछ ज़रूरी मानसिक छवियाँ पैदा करते हैं।

प्रिपरेटरी स्टेज में, जब हम दो अंकों के आगे जाते हैं, तब जहाँ तक उपयोग करने में आसानी की बात है तो एफएलयू, पहले से समूहित सामग्री के रूप, तीली बण्डल की तुलना में अधिक उपयोगी हो जाते हैं। इसके अलावा, गुणा-भाग में एफएलयू की व्यवस्थाएँ बाद की कई अवधारणाओं के लिए पूर्व शर्त होती हैं जिनमें परिधि और क्षेत्रफल शामिल हैं (हालाँकि यह केवल इन तक सीमित नहीं रहतीं)।
जब हम चार अंकीय संख्याओं पर पहुँचते हैं, तो आनुपातिक सामग्री के साथ काम करना मुश्किल हो जाता है। कोई शिक्षक आसानी से 10 सैकड़ों को जोड़कर बनाए गए हज़ार को दिखा सकता है, बच्चों को यह दर्शाने के लिए कि 1000 कितना बड़ा होता है। लेकिन इसे किन्हीं भी दो चार-अंकीय संख्याओं की तुलना करने या फिर किसी सामान्य कक्षा में संक्रियाओं आदि के लिए उपयोग करना व्यावहारिक और व्यवस्थागत रूप से असम्भव है। यहीं पर ग़ैर-आनुपातिक सामग्री मदद कर सकती है। दुर्भाग्यवश, 1000 का नोट अब उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस स्थिति में अब नोट व सिक्के मदद नहीं कर सकते। अबेकस इसमें मदद कर सकता है, ख़ासतौर से संख्या-संरचना (स्थानीय मान) और जोड़-घटाव के सन्दर्भ में।
हमें यह भी याद रखना चाहिए कि जब कोई शिक्षार्थी चार-अंकीय संख्याओं तक पहुँचता/ पहुँचती है तो उसके पास 10-आधार (यानी स्थानीय मान) की पर्याप्त समझ होनी चाहिए और उसे मैनिप्यूलेटिव्स सामग्री के बग़ैर चार-अंकीय संख्याओं के साथ काम करने में सक्षम होना चाहिए।
संक्षेप में
गणितमाला = 1डी (एक-आयामी) बेस 10, एफएलयू = 2डी (दो-आयामी) बेस 10, डींस ब्लॉक = 3डी (त्रि-आयामी) बेस 10
- काउंटर इसलिए महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि हम इनसे गिनना सीखते हैं, इन्हें प्राप्त करना और बनाना भी बहुत आसान होता है।
- तीली बण्डल भी महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि ये दहाइयों में समूहित करने का अनुभव प्रदान करती हैं और जुटाने/ बनाने में आसान हैं।
- गणितमाला बहुत बढ़िया है क्योंकि यह संख्या रेखा से जुड़ जाती है और अंकों के क्रम से सम्बन्ध स्थापित करती है और बनाने में आसान है।
- एफएलयू 2डी बेस-10 ब्लॉक के रूप में उत्कृष्ट हैं – 2डी होना इन्हें ज़्यादा उपयोगी और पर्याप्त मात्राओं में स्थानीय रूप से बनाना आसान बनाता है।
इसलिए, ऊपर बताई गई इन चारों वस्तुओं को निश्चित रूप से इस्तेमाल किया जाना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में यानी, हर 4 विद्यार्थियों के लिए एक सेट।
- दस के फ़्रेम बनाने में आसान हैं और उनके ऊपर उल्लिखित गुण हैं।
- नोट एवं सिक्के वास्तविक जीवन में संख्याओं के उपयोग को सन्दर्भ में रखने में मदद कर सकते हैं, ख़ासतौर पर ख़रीदने-बेचने के सन्दर्भ में और ये विद्यार्थियों द्वारा बनाए जा सकते हैं।
ऊपर बताई गई ये दोनों सामग्रियाँ वाँछनीय श्रेणी में आती हैं।
- स्टेटिक बीड्स को बनाने के लिए बहुत ज़्यादा प्रयास और सामग्री (मनकों) की ज़रूरत पड़ती है। लेकिन ये अवधारणात्मक स्पष्टता प्रदान करते हैं।
- डींस ब्लॉक बनाने के लिए विशेष शिल्प कौशल और बारीक़ी की ज़रूरत होती है।
अतः इन दोनों वस्तुओं को प्रदर्शन के हिसाब से रखा जा सकता है। अबेकस – ग़ैर-आनुपातिक है, इसलिए अवधारणात्मक स्पष्टता में मदद नहीं करता। यह उन कुछ शिक्षार्थियों के लिए मददगार हो सकता है जो कक्षा-5 या बाद की कक्षाओं में कुछ अवधारणाओं के साथ जूझ रहे हों। इसे बनाना आसान नहीं है। इसलिए इसका उपयोग करने की ज़रूरत नहीं।
ऐरो कार्ड बेस-10 संरचना को खोलने में मदद करते हैं और इसलिए बेहद उपयोगी हैं, लेकिन इन्हें किन्हीं आनुपातिक वस्तुओं के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इन्हें स्थानीय रूप से एफएलयू की अपेक्षा ज़्यादा आसानी से बनाया जा सकता है। इसलिए इन्हें पर्याप्त मात्रा में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
गणितमाला, दस के फ़्रेम, तीली बण्डल, एफएलयू और हाँ, ऐरो कार्ड एनसीईआरटी की गणित की पाठ्यपुस्तकों में दाख़िल हो चुके हैं। सिक्किम जैसे कुछ राज्यों ने इन्हें पहले ही अपनी पाठ्यपुस्तकों में शामिल कर लिया था। अबेकस पश्चिम बंगाल की प्रादेशिक पाठ्यपुस्तकों में शामिल हो चुका था। हम चाहते हैं कि पाठक इन वस्तुओं की ख़ूब जाँच-पड़ताल करें। सम्बन्धित लिंक नीचे दी गई हैं।
- Arrow Cards: https://bit.ly/42ZuwRX
- Ganitmala: https://bit.ly/4hRl9rs
- Counters: https://bit.ly/3EzT7m2
- Ten-Frames: https://bit.ly/4hXAtCU
- Flats-Long-Units (FLU): https://bit.ly/430USCK
- Dienes Blocks and Static Beads: https://bit.ly/3Qjnb8a
- NCERT textbooks: https://bit.ly/4jSCn9H
- Sikkim textbooks: https://bit.ly/4aZQkPl
- West Bengal textbooks: https://bit.ly/410ikNU