एैनो के जादुई बीज : गणित की कक्षा में इस्‍तेमाल के नज़रिए से कहानी की समीक्षा

अनुवाद : सीमा | पुनरीक्षण : प्रतिका गुप्ता | कॉपी एडिटर : अनुज उपाध्याय

जादुई बीज (Anno’s Magic Seeds) 1992 में मित्‍सुमासा एैनो द्वारा लिखी गई बच्‍चों की कहानी की एक किताब है। मित्‍सुमासा एैनो (1926-2020) जापान के एक गणित शिक्षक और बच्चों की किताबों के मशहूर लेखक व चित्रकार हैं। वे प्राइमरी स्‍कूल के एक प्रशिक्षित शिक्षक और एक स्व-शिक्षित कलाकार थे। उन्होंने बच्चों की किताबों के लिए 300 से अधिक चित्र बनाए हैं। गणित में उनका प्रशिक्षण और गणित के प्रति उनकी गहरी रुचि जादुई बीज किताब की कहानी और चित्र दोनों में झलकती है। लेखक और चित्रकार का यह मेल बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए इस कहानी के पढ़ने को एक दिलचस्‍प गणितीय अनुभव और कथानक से जोड़े रखता है।

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यह किताब श्रीमान एैनो द्वारा विभिन्न गणितीय विषयों पर लिखी गई बच्चों की किताबों की शृंखला का एक हिस्सा है (इस शृंखला की कुछ अन्य किताबें हैं — Anno’s Counting Book, Anno’s Hat Tricks, Anno’s Counting House)। मूल रूप से जापानी भाषा में लिखी गई जादुई बीज कहानी कई भाषाओं में प्रकाशित हो चुकी है। इस किताब का अँग्रेज़ी-हिन्‍दी द्विभाषी संस्करण भारत ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा 2005 में प्रकाशित किया गया था।

जादुई बीज की कहानी घातीय वृद्धि (exponential growth) को दर्शाने के लिए बीजों से पौधों के निकलने और पौधों से बीज प्राप्‍त होने के सिद्धान्‍त पर बात करती है। STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित आधारित किताबें) किताबों के चलन की शुरुआत से बहुत पहले लिखी गई इस किताब के गणितीय सिद्धान्‍त केन्द्रीय कथानक को आगे बढ़ाते हैं। गणित और कहानी का इस तरह का ताना-बाना हमें आज भी बहुत कम किताबों में देखने को मिलता है। श्रीमान एैनो के शब्दों में, कहानी सिर्फ़ गणित सिखाने के लिए नहीं लिखी गई थी, बल्कि टेक्‍स्‍ट और चित्रों दोनों में बुनी गई अंकगणितीय पहेलियों का मज़ा लेने के लिए लिखी गई थी । (एैनो के जादुई बीज किताब के लेखक नोट से उद्धरित)

कहानी की शुरुआत जैक नाम के एक युवक और एक बूढ़े जादूगर की एक संयोगवश मुलाक़ात से होती है। जादूगर जैक को दो जादुई बीज उपहार में देता है। जादूगर जैक से एक बीज को पकाकर खाने के लिए कहता है, जिससे पूरे साल उसे भूख नहीं लगेगी, वह तृप्त रहेगा। वह उसे अगले साल 2 और बीज प्राप्‍त करने के लिए दूसरे बीज को बोने के लिए भी कहता है। जैक जादूगर के निर्देश के अनुसार कई सालों तक ऐसा करता रहता है। फिर वह एक दिन यह फ़ैसला लेता है कि वह एक भी बीज नहीं खाएगा और एक साथ दोनों बीजों बो देगा। यहीं से कहानी एक महत्त्वपूर्ण मोड़ लेती है। अगले साल वे 2 बीज 4 बीजों में बदल जाते हैं। वह उनमें से 1खाता है और बाक़ी 3 बीज बो देता है। अगले साल उसे 6 बीज मिलते हैं, वह 1खाता है और बाक़ी 5 बीज बो देता है। और इस तरह कहानी आगे बढ़ती रहती है। बाद के सालों में, गणितीय जटिलता बढ़ती जाती है क्योंकि वह शादी कर लेता है, फिर उनका एक बच्चा होता है। वह बीज इकट्ठा करना और उन्हें बेचना शुरू कर देता है और फिर एक दिन भयानक तूफ़ान आता है और सब कुछ नष्ट कर देता है। जैक के पास सिर्फ़ 10 बीज रह जाते हैं और वह उनसे फिर से शुरुआत करता है।

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कहानी में पाठकों से बीच-बीच में दो सवाल बारम्‍बार पूछे जाते हैं :

  • वह कितने बीज बोएगा?
  • अगली पतझड़ में जैक के बग़ीचे में कितने बीज लगेंगे?

कहानी का इस तरह का ढाँचा कक्षा के लिए संवादपूर्ण सत्र बनाने के लिए उपयुक्‍त होता है क्योंकि कहानी में पहले से ही सवाल शामिल हैं। मैंने इस कहानी का इस्तेमाल प्राइमरी और मिडिल दोनों स्‍कूलों के बच्चों के साथ किया है। छोटे बच्चों (ग्रेड 2-3) के साथ मैंने इसका इस्तेमाल सिर्फ़ गणितीय कहानी सुनने के मज़े का अनुभव करने के लिए किया। मैंने देखा कि बच्चे जोड़, घटा और दोगुना करने की बुनियादी समझ के साथ भी कहानी का मज़ा ले पाए, हालाँकि मुझे कहानी के अधिक जटिल हिस्सों को छोड़ना पड़ा।

मैंने कक्षा-6 के विद्यार्थियों के साथ इस कहानी का इस्‍तेमाल घातीय वृद्धि पैटर्न (exponential growth patterns) को समझने के लिए किया। मैं कहानी को ज़ोर से पढ़ते हुए बीच-बीच में रुक जाती थी ताकि विद्यार्थियों को सवालों के जवाब तलाशने का मौक़ा मिल सके। शुरुआती कुछ सवाल तो ज्‍़यादातर बच्चे आसानी से हल कर पाए। (उदाहरण के लिए, पहले साल में 2 बीज दोगुने होकर 4 हो गए, 3 बीज (जैक द्वारा खाए गए 1 बीज को घटाने के बाद) दूसरे साल में दोगुने होकर 6 हो गए।) शुरुआती कुछेक सालों के बाद, साल के साथ-साथ बीजों की बढ़ती संख्या का ट्रैक रखने के लिए हमें किसी एक तरीक़े की ज़रूरत महसूस हुई। इसके लिए, हमने नीचे दिखाए अनुसार एक तालिका बनाई। तालिका ने विद्यार्थियों को उभरते पैटर्न को नोटिस करने में मदद की और आने वाले सालों में उगाए गए और बोए गए बीजों की संख्या की गणना करने की प्रक्रिया को गति दी।

(किसी एक साल में उगाए गए बीजों की संख्या का पता लगाने के लिए, हमें बोए गए बीजों की संख्या को दोगुना करना होगा। लेकिन अगले साल बोए गए बीजों की संख्‍या पिछले साल उगाए गए बीजों से एक कम है, क्योंकि जैक हर साल एक बीज खाता है। इसलिए, हमें एक विशेष साल में बोए गए बीजों की संख्या को दोगुना करना होगा और फिर अगले साल बोए गए बीजों की संख्या का पता लगाने के लिए उसमें से एक घटाना होगा। यह इस कहानी में इस्तेमाल किया गया मूल पैटर्न है।)

सालबोए गए बीजों की संख्‍याउगाए गए बीजों की संख्‍यापैटर्न
1242 × 2 = 4
2364 – 1 = 3, 3 × 2 = 6
35106 – 1 = 5, 5 × 2 = 10
491810 – 1 = 9, 9 × 2 = 18
5173418 – 1 = 17, 17 × 2 = 34
6336634 – 1 = 33, 33 × 2 = 66
(साल-दर-साल बीजों की बढ़त के पैटर्न को दर्शाती तालिका। साल 1 का आशय यहाँ उस साल से है जब जैक ने पहली बार दो बीज उगाए।)

सातवें साल से, जब कहानी में थोड़ा बदलाव होता है (यानी, जैक की शादी हो जाती है और वह बीजों को बाँटने और बेचने लगता है), तो अगले साल बोए जाने वाले बीजों की संख्‍या पता करने के लिए बीजों की एक अलग संख्या घटानी पड़ती है। इस पड़ाव पर, कुछ विद्यार्थियों को कहानी में प्रस्तुत सवालों के जवाबों की गणना करने के लिए काग़ज़ और पेंसिल की भी ज़रूरत पड़ी। लेकिन तालिका ने उन्हें यह देखने में मदद की कि दोगुना करने का मूल पैटर्न अभी भी वही था। कहानी ख़त्म होने के बाद, हमने कहानी में इस्तेमाल किए गए पैटर्न और सवालों को हल करने के लिए बच्चों द्वारा इस्तेमाल की गईं रणनीतियों पर एक छोटी चर्चा की। इसी चर्चा की वजह से उपरोक्त तालिका में दिखाई देने वाले आख़िरी कॉलम को जोड़ा गया। इस तरह की पैटर्न और नियम पहचान गतिविधि बीजगणित करने से पहले की उत्कृष्ट/ बढ़‍िया तैयारी है। (और अधिक जानने के लिए इस अंक का पुलआउट देखें।)

बीजों की संख्या अधिक हो जाने पर तालिका के अलावा, कहानी के साथ दिए गए गणितीय रूप से सही व सटीक चित्रों ने भी विद्यार्थियों की मदद की, इन चित्रों को देखकर विद्यार्थी बढ़ते पैटर्न आसानी से पहचान सकते हैं। हमने देखा कि पैटर्न पहचानने और बीजों की संख्या का पता लगाने में आसानी हो इसके लिए चित्रांकन गुणन सारणीनुमा और 10 के समूहों में किया गया है।

उदाहरण के लिए, कहानी के इस हिस्से में हम देख सकते हैं कि 10-10 बीजों की 10 पोटलियाँ गाड़ी पर व्यवस्थित रूप से रखी हैं जिनमें ठीक 100 बीज रखे दिखाई दे रहे हैं; बीजों के भण्डार गृह में 10-10 के समूहों में 51 बीज रखे हुए हैं; और 30-30 बीजों की पंक्तियों में 120 बीज व्यवस्थित हैं और इतना ही नहीं 30 बीजों की इन पंक्तियों को तीन बराबर खण्डों में बाँटकर दर्शाया गया है, प्रत्येक खण्ड में बीजों की 5 जोड़ियाँ हैं। यह पैटर्न पहचानकर कहानी में आने वाले गणितीय सवालों को हल करने में बच्चों की मदद करता है।

काम का फॉलोअप करने के लिए, विद्यार्थियों को समूहों में काम करने और यह पता लगाने के लिए कहा गया कि क्या होगा यदि बीज हर साल दोगुने होने की बजाय तीन गुना हो जाएँ। विद्यार्थियों ने अपने-अपने समूहों में इसके लिए तालिकाएँ बनाईं। इससे उन्हें गुणन पैटर्न को और अधिक समझने में मदद मिली।

सत्र के दौरान, मैंने अन्य दिनों की तुलना में कक्षा में ज्‍़यादा भागीदारी देखी। मैंने सवालों को हल करने की रणनीतियों पर समूह में चर्चा होते हुए भी देखी। इन चर्चाओं के दौरान वे बिना किसी बाहरी मदद के ग़लती होने पर एक-दूसरे को आसानी से सुधार भी पा रहे थे। यह भी महत्त्वपूर्ण पहलू है जिस पर हमें गणित की कक्षा में ध्यान देने की ज़रूरत है। गणित पढ़ाने में इस तरह की कहानियों के इस्‍तेमाल ने मुझे उद्देश्य को प्राप्त करने में मदद की। हम एक ही कहानी को अलग-अलग तरीक़ों से और अलग-अलग आयु समूहों के साथ इस्तेमाल करके देख सकते हैं कि हमारे विद्यार्थियों के लिए कौन-सा तरीक़ा कब सबसे अच्छी तरह से काम करता है। उदाहरण के लिए, भविष्य में, इस टेक्‍स्‍ट का इस्‍तेमाल करते समय मैं विद्यार्थियों को कुछ ऐसे अतिरिक्त सवाल देना चाहूँगी, जैसे :

  • क्या होगा यदि 1 को दोगुना करने और घटाने का पैटर्न 10 साल या 20 साल तक जारी रहे?
  • जैक को 1,000 या 1,00,000 बीज हासिल करने में कितने साल लगेंगे?

फ़ाउण्डेशनल और प्रिपरेटरी स्‍टेज के सन्‍दर्भ में कहानी से प्राप्त कुछ सुझाव इस प्रकार हैं :

फ़ाउण्डेशनल स्‍टेज

बच्चों को चित्रों से संख्याओं को जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है जिनमें दो, पाँच, दस आदि के समूहों को दर्शाया गया है। संख्याओं को इस तरह से कैसे दर्शाया जाए, उस पर वर्कशीट हो सकती हैं। यह संख्याओं की, ख़ासतौर पर विभाज्यता से सम्बन्धित, गहरी समझ के बनाने की ओर ले जाता है। कहानी में इस्‍तेमाल किए गए विज़ुअल (दृश्य) दस के ढाँचे (विषम-सम और पाँच के समूह दोनों) के साथ स्पष्ट सम्बन्ध दिखाते हैं।

प्रिपरेटरी स्‍टेज

हर साल उगाए और बोए गए बीजों की संख्या पता करने की रणनीतियों पर चर्चा बच्चों को पैटर्न पहचानने (2, 3, 5, 9, 17…) और नियम (पिछली संख्या के दोगुने से एक कम या 2n – 1) की व्‍याख्‍या करने के लिए प्रेरित कर सकती है, साथ ही इसी उद्देश्य के लिए 2 संक्रियाओँ को शामिल करते हुए इसी तरह के पैटर्न बनाने वाली वर्कशीट भी दी जा सकती है। [इसे (माध्यमिक चरण में) बीजगणित के शिक्षण से भी जोड़ा जा सकता है।] इसके लिए, साल के दौरान प्राप्त हुए, खाए और बोए गए बीजों की संख्या को तर्क के साथ एक तालिका में भरा जाए है। यहाँ, किताब में दिए गए चित्र बहुत मददगार हो सकते हैं।

इसके बाद, कहानी को दर्शाने वाला एक ग्राफ़ भी बनाया जा सकता है। विद्यार्थियों को ग्राफ़ में बीजों की संख्या में एकदम हुई वृद्धि और फिर गिरावट को नोट करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। यह जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव के बारे में बात करने का मौक़ा भी प्रदान करता है और यह भी कि अगर कुछ बीज हों तो जीवन फिर से कैसे संवारा जा सकता है। ऐसे कौन-से बीज हो सकते हैं? ऐसी चर्चाएँ साहित्य और गणित के सम्बन्धों को मज़बूत कर सकती हैं।

मैं यह भी देखना चाहूँगी कि विद्यार्थी अलग-अलग पैटर्न का इस्‍तेमाल करके अपनी ख़ुद की कहानी की किताबें कैसे डिज़ाइन करते हैं।

अलग-अलग आयु और ग्रेड स्तरों के बच्चों के साथ गणित की कक्षा में इस्‍तेमाल किए जाने के लिए यह कहानी एक बेहतरीन संसाधन है। हम जानते हैं कि गणितीय अवधारणाओं से जुड़ने के लिए बच्चों का साहित्य एक अर्थपूर्ण सन्दर्भ प्रदान करने में मदद करता है। जादुई बीज ऐसे साहित्य का एक बेहतरीन उदाहरण है। गणितीय पैटर्नों का अवलोकन करना, चर्चा करना, दस्तावेज़ बनाना, पहचानना और पूर्वानुमान लगाना सीखना एक महत्त्वपूर्ण कौशल है।

कहानी में मुख्य पात्र जैक कई परिस्थितियों (चुनौतियों, सफलताओं और असफलताओं) का सामना करता है, जिससे विद्यार्थी आसानी से जुड़ सकते हैं और अपनी वास्तविक दुनिया से जोड़कर देख सकते हैं। बच्चे भविष्य के लिए जैक की योजना और दूरदर्शिता की सराहना करना शुरू कर देते हैं और साथ ही जीवन की परिस्थितियों में बदलाव के साथ ज़िम्मेदारी और देखभाल के विचारों को आत्मसात करते हैं। अन्य संसाधनों के साथ इस किताब का इस्‍तेमाल निश्चित रूप से विभिन्न अवधारणाओं के शिक्षण और कक्षा में अच्छे जीवन कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण के विकास को समृद्ध कर सकता है।

आभार : लेखक अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की सुश्री स्वाती सरकार द्वारा दिए गए सुझावों के लिए आभारी हैं।

  1. Anno,M. (1992). Anno’s Magic Seeds/Jadui Beej https://arvindguptatoys.com/arvindgupta/anno.pdf

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