प्राथमिक स्कूल में गणित के अन्तर्गत पढ़ाए जाने वाले सभी प्रसंग (topic) बच्चों की अपनी दुनिया को समझने की ज़रूरत से उत्पन्न होते हैं। इस समझ को बनाने व बढ़ाने की प्रक्रिया के दौरान बच्चों का सामना विविध प्रकार के संख्यात्मक आँकड़ों (डेटा) से होता है। समान तरह के अन्य संख्यात्मक आँकड़ों के सम्बन्ध में देखने पर अक्सर इन आँकड़ों का महत्त्वपूर्ण अर्थ होता है। जब आँकड़ों को एक अर्थपूर्ण तरीके से व्यवस्थित किया जाता है और ग्राफ़ के रूप में प्रस्तुत किया जाता है तो समानताएँ व विभिन्नताएँ स्पष्ट रूप से समझ आती हैं। आँकड़ों की तुलना की जा सकती है और पैटर्न का अवलोकन कर उपयोगी निष्कर्षों पर पहुँचा जा सकता है। ख़ासतौर पर, निम्नलिखित सवालों को सम्बोधित किया गया है :

  • भाग की संक्रिया में हम बाएँ से दाएँ की ओर क्यों बढ़ते हैं, जबकि अन्य सभी संक्रियाओं में दाएँ से बाएँ की ओर बढ़ा जाता है?
  • भाग के मानक एल्गोरिदम में स्थानीय मान की क्या भूमिका है?
  • जब भाजक में दो या दो से अधिक अंक हों तब हम भागफल का अनुमान कैसे लगाते हैं?

पहले और दूसरे बिन्दु जुड़े हुए हैं। विद्यार्थियों के साथ जो तर्क मैं इस्तेमाल करती हूँ वह यह है कि यह महज़ कार्य-कुशलता का मसला है। जोड़ और घटाव के मामले में, बाएँ से दाएँ वाला एल्गोरिदम कारगर नहीं होगा, जैसा कि नीचे चित्रित है।

घटाव में भी ऐसी ही परिस्थिति उभरती है। पर मामलों में विविधता को देखते हुए, मुझे सन्देह है कि क्या यह बच्चों को पढ़ाया या करके दिखाया भी जाना चाहिए या नहीं।

भाग के लिए दाएँ से बाएँ वाला एल्गोरिदम सबसे कारगर नहीं है, जैसा नीचे दर्शाया गया है।

नोट : एल्गोरिदम में इकाइयों की अदला-बदली साफ़तौर पर जाहिर नहीं है। यदि शिक्षक दहाई से इकाई का रूपान्तरण सामग्री – जैसे बेस टेन ब्लॉक्स या दस की गठरी द्वारा दर्शाएँ तो विद्यार्थियों को लाभ होगा।

यदि हम ये विद्यार्थियों को दिखाएँ या उससे भी बेहतर, उन्हें दोनों तरीक़ों — बाएँ से दाएँ और दाएँ से बाएँ — पर काम करवाएँ और प्रत्येक तरीक़े की कार्यकुशलता पर चिन्तन करवाएँ, तो उनके पास एक बेहतर समझ होगी कि आख़िर मानक एल्गोरिदम जैसे हैं, वैसे ही क्यों हैं।

https://sites.google.com/apu.edu.in/mathspace/numbers-and-operations#h.614qgwxuw56 (scroll down to “Division with 4-digit dividend”) पर मैंने 8643÷7 का उदाहरण लेकर यह दस्तावेज़ीकरण करने की कोशिश की है कि कैसे भाग के मानक एल्गोरिदम में स्थानीय मान लाया जाता है, वह भी क़दम-दर-क़दम लम्बे और छोटे तरीक़ों का साथ-साथ डेमो देकर।

जब भाग का एल्गोरिदम सिखाया जाता है, हम आमतौर पर उसका छोटा संस्करण इस्तेमाल करते हैं जो कि घटाव के उन नियमों का उल्लंघन करता है जो एक बच्चे ने सीखे हैं।

तीसरा बिन्दु ज़रूरी है क्योंकि भाग ही वह जगह है जहाँ मानक एल्गोरिदम में अनुमान करने की ज़रूरत होती है। जोड़, घटाव और गुणा के लिए, चाहे कितनी भी बड़ी संख्याएँ हों, अनुमान की कोई आवश्यकता नहीं होती।

यह रणनीति बहुमुखी है क्योंकि सन्निकटन किसी भी दिशा में जा सकता है। तो हमें 2 अंकों वाले भाजकों से शुरुआत करनी होगी और उन्हें सबसे क़रीबी दहाई के सन्निकट करना होगा ताकि अनुमान लगाया जा सके। स्वाभाविक रूप से, यह एक अच्छा आईडिया होगा कि आम 2 अंकीय भाजकों की ओर बढ़ने से पहले, बच्चों को उन भाजकों के साथ अभ्यास करवाया जाए जो 10 के विभाज्य हैं, जैसे 40, 70 आदि। उसके बाद, यदि भाजक 62 है, तो हम उसे 60 के सन्निकट कर सकते हैं और हर क़दम के लिए भाज्य से कम, सबसे बड़े विभाज्य ढूँढ़ सकते हैं। इसी तरह, यदि भाजक 37 है, तो इसे 40 के सन्निकट करना होगा। बेशक, 5 से ख़त्म होने वाली संख्याएँ (जैसे 85) हमेशा ही थोड़ी पेचीदा होती हैं — आप 80 या 90 में से किसी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यहाँ इस बात पर भी तवज्जोह दी जानी चाहिए कि प्रत्येक क़दम पर अन्तर भाजक से कम होना चाहिए। आकलन के क़दम कुछ इस प्रकार हैं :

अनुमान के क़दमउदाहरण : 256 ÷ 36उदाहरण : 256 ÷ 33
1. भाजक को 10 के सबसे क़रीबी विभाज्य से सन्निकट करें।36 का 40 में सन्निकटन33 का 30 में सन्निकटन
2. इस क़दम पर अनुमान का इस्तेमाल कर भागफल (या भागफल अंक) का आकलन करें।256 ÷ 40 (या 25 ÷ 4) ≈ 6256 ÷ 30 (या 25 ÷ 3) ≈ 8
3. भागफल अंक x असल भाजक की गणना करें।6 × 36 = 216 8 × 33 = 264
4. चेक करें :
(क) यदि भागफल अंक x भाजक > भाज्य : भागफल अंक को 1 से कम करें और तीसरा क़दम दोहराएँ।
(ख) यदि नहीं, भाज्य चेक करें — भागफल अंक x भाजक भाजक : भागफल अंक को 1 से बढ़ाएँ और तीसरा क़दम दोहराएँ।
(ग) यदि भाज्य – भागफल अंक x भाजक ≤ भाजक : पाँचवे क़दम की ओर बढ़ें
चेक करें :
(क) 216 < 256
(ख) 256 – 216 = 40 > 36
⇒ भागफल = 6 + 1 = 7
7 को भागफल अंक के रूप में इस्तेमाल करते हुए तीसरे क़दम पर वापस जाएँ।
चेक करें :
(क) 264 > 256
⇒ भागफल अंक = 8 – 1 = 7
7 को भागफल अंक के रूप में इस्तेमाल करते हुए तीसरे क़दम पर वापस जाएँ।
5. (बदले हुए) भागफल के साथ भाग के क़दम को पूरा करें।7 × 36 = 252, यानी कि,
256 ÷ 36 = 7 शेषफल 4
7 × 33 = 231, यानी कि,
256 ÷ 33 = 7 शेषफल 25

मैं पाठकों के सुझावों का स्वागत करती हूँ।

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