विभाज्यता : बचपन की कुछ छोटी-छोटी गणितीय खोजें
एनसीईआरटी (2017) [1] द्वारा कक्षा-6 के लिए सुझाई गई शैक्षणिक प्रक्रियाओं (पेज-67) में 2, 3, 4, 5, 6, 9, 10 और 11 से विभाज्यता के पैटर्नों का अवलोकन करने का सुझाव दिया गया। ऊपर वर्णित लेख में कही गई यह बात बिलकुल सही है, कि ऐसी संख्याओं से विभाज्यता की जाँच स्कूली विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय है। इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि विद्यार्थी मात्र निर्धारित नियमों के रूप में इनका अभ्यास करने की बजाय, इन दिलचस्प संख्या पैटर्नों की स्वयं खोज करें और उन्हें समझें। 7 से विभाज्यता के लिए चिका की जाँच यह थी कि दी गई संख्या के इकाई अंक को 5 से गुणा किया जाए और इसे संख्या के शेष (इकाई-रहित) भाग में जोड़ दिया जाए। मूल संख्या उस स्थिति में, सिर्फ़ उस स्थिति में, 7 का गुणज होगी जब परिणामी संख्या 7 का गुणज हो। हालाँकि, इस लेख में, हम एक ऐसी जाँच के बारे में जानेंगे जो हमें 7 और अन्य भाजकों, उदाहरण के लिए 13, 17, 19, 23 आदि के लिए कई सरल विभाज्यता की जाँच के तरीक़े बनाने में सक्षम करेगी। जाँचने के यह तरीक़े व्यापक रूप से ज्ञात नहीं हैं।
विद्यार्थियों को इन विभाज्यता परीक्षणों पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित करने से संख्याओं के प्रति उनका दृष्टिकोण बेहतर होगा और उनकी संख्याओं की समझ विकसित होगी। इससे विद्यार्थी संख्याओं से जुड़े दिलचस्प पैटर्नों की खोज करने और बाद में उनके पीछे के तर्क को समझने में सक्षम होंगे, जो उनकी गणितीय सोच को और बढ़ाने में योगदान दे सकता है। इस लेख और चिका की कहानी के बीच एक और समान पहलू है। वह है संख्याओं और संक्रियाओं के बीच सम्बन्धों को देखते हुए दिलचस्प पैटर्नों को खोजने में गणितीय सूझ-बूझ (intuition) की भूमिका।
हम एक छोटी लड़की माया की कहानी से शुरू करते हैं, जिसका पसन्दीदा शौक़ था किसी भी संख्या के लिए नए विभाज्यता जाँच के तरीक़े खोजना। एक बार जब हम उसकी सरल तरकीबों को समझ लेंगे, तो हम किसी जटिल गणित या किसी नियम को याद किए बग़ैर किसी भी संख्या के लिए विभाज्यता की जाँच के लिए अपने सामान्य नियम बना पाएँगे। यह मज़ेदार होगा न? लेकिन इस तरकीब को जानने के लिए, आपको माया की कार्यप्रणाली जाननी होगी। सुविधा के लिए, हम कुछ पूर्व-निर्धारित प्रतीकों को परिभाषित और उपयोग करेंगे। हम दी गई संख्या के इकाई अंक को U और इकाई अंक हटाने के बाद की शेष संख्या को T से दर्शाएँगे। उदाहरण के लिए, यदि संख्या 5382 है, तो U, 2 होगा और T, 538 होगा, और यदि संख्या 394 है, तो U, 4 होगा और T, 39 होगा आदि।
सबसे पहले, 7 से विभाज्यता की जाँच ज्ञात करने के लिए, माया 7 के गुणजों को लिखेगी, यानी 7, 14, 21, 28 आदि। फिर वह 7 के गुणजों के अंकों के बीच एक संक्रिया के बारे में सोचेगी जिससे परिणाम 0 या 7 आए। इस प्रकार, 7 के दूसरे और चौथे गुणज (यानी 14, 28) से सुराग़ लेते हुए, दहाई अंक को 4 से गुणा किया जाए और प्राप्त गुणनफल और इकाई अंक के बीच का अन्तर ज्ञात किया जाए ताकि परिणामी मान 0 या 7 हो (तालिका-1)।
तालिका-1 : तरकीब-1 : (T × 4) – U (U = इकाई अंक, T = शेष संख्या)
| गुणज 14 और 28 ने माया को यह नियम बनाने में मदद की। | ||
|---|---|---|
| तब तक दोहराएँ जब तक परिणाम 0 या 7 न हो जाए। | ||
| दो-अंकीय संख्या 84 (U = 4, T = 8) के लिए तरकीब का सत्यापन | तीन-अंकीय संख्या 959 (U = 9, T = 95) के लिए तरकीब का सत्यापन | चार-अंकीय संख्या 9261 (U = 1, T = 926) के लिए तरकीब का सत्यापन |
| 8 × 4 – 4 = 28 दोहराएँ 28 के लिए U = 8, T = 2 2 × 4 – 8 = 0 | 95 × 4 – 9 = 371 दोहराएँ 371 के लिए (U = 1, T = 37) 37 × 4 – 1 = 147 दोहराएँ 147 के लिए (U = 7, T =14) 14 × 4 – 7 = 49 दोहराएँ 49 के लिए (U = 9, T = 4) 4 × 4 – 9 = 7 |
926 × 4 – 1 = 3703 3703 के लिए (U = 3, T = 370) 370 × 4 – 3 = 1477 1477 के लिए (U = 7, T = 147) 147 × 4 – 7 = 581 581 के लिए (U = 1, T = 58) 58 × 4 – 1 = 231 231 के लिए (U = 1, T = 23) 23 × 4 – 1 = 91 91 के लिए (U = 1, T = 9) 9 × 4 – 1 = 35 35 के लिए (U=5, T = 3) 3 × 4 – 5 = 7 |
इस तरकीब की सबसे अद्भुत बात यह है कि इसका उपयोग 7 के किसी भी गुणज के लिए 7 से विभाज्यता की जाँच के रूप में किया जा सकता है। इस तरकीब को बीजगणित या मॉड्यूलो अंकगणित का उपयोग करके सिद्ध किया जा सकता है। चूँकि यह प्रारम्भिक स्कूली गणित के दायरे से बाहर है, इसलिए इस लेख में इसके प्रमाण पर चर्चा नहीं की गई है।
हालाँकि संक्रियाओं को तब तक दोहराया गया है जब तक कि परिणाम 0 या 7 न आ जाए, फिर भी जब परिणाम 7 का कोई पहचाने जाने योग्य गुणज हो, तो प्रक्रिया को रोका जा सकता है और वही निष्कर्ष निकाला जा सकता है। उदाहरण के लिए, तालिका-1 के कॉलम-2 और 3 में, क्रमशः 147 और 1477 पर पहुँचने पर प्रक्रिया को रोका जा सकता है।
क्या होगा यदि कोई ऐसी अधिक कारगर तरकीब हो, जो हर अगले चरण के साथ संख्या में अंकों को कम कर सके? माया ने एक नई तरकीब सोची, जो 7 के एक विशिष्ट गुणज यानी 21 के अंकों से प्रेरित थी।
तरकीब-2 यह थी कि इकाई अंक को 2 से गुणा किया जाए और इस गुणनफल तथा शेष संख्या के बीच का अन्तर, यानी T – (2 x U) निकाला जाए, ताकि परिणामी संख्या 0 या 7 प्राप्त हो (जैसा कि तालिका-2 में दिखाया गया है)। पहले की तरह, इस तरकीब को 7 के सभी गुणजों के लिए सत्य सिद्ध किया जा सकता है।
तालिका-2 : तरकीब-2 : T – (2 x U) (U = इकाई अंक, T = शेष संख्या)
| गुणज 21 और 42 ने माया को यह नियम बनाने में मदद की। | ||
|---|---|---|
| तब तक दोहराएँ जब तक परिणाम 0 या 7 या 7 का कोई ज्ञात गुणज न हो जाए। | ||
| दो-अंकीय संख्या 84 (U = 4, T = 8) के लिए तरकीब का सत्यापन | तीन-अंकीय संख्या 959 (U = 9, T = 95) के लिए तरकीब का सत्यापन | चार-अंकीय संख्या 9261 (U = 1, T = 926) के लिए तरकीब का सत्यापन |
| 8 – (2 × 4) = 0 | 95 – (2 x 9) = 77 | 926 – (2 x 1) = 924 924 के लिए (U = 4, T = 92) 92 – (2 x 4) = 84 84 के लिए (U = 4, T = 8) 8 – (2 x 4) = 0 |
यह देखना दिलचस्प है कि तरकीब-2, तरकीब-1 की तुलना में अधिक कारगर है क्योंकि तरकीब-2 सीधे एक चार-अंकीय संख्या को तीन-अंकीय और फिर तीन-अंकीय को दो-अंकीय संख्या में घटा देती है, जिससे यह जल्दी तय किया जा सकता है कि दी गई संख्या 7 से विभाज्य है या नहीं।
इन तरकीबों को खोजने का सुराग़, इकाई के अंक और दहाई के अंक के बीच कुछ संक्रियाएँ करने से मिलता है, जिससे परिणाम 0 या 7 का गुणज प्राप्त हो, जैसा कि 7 के दो-अंकीय गुणजों में देखा जाता है। 7 के गुणजों जैसे 42 या 35 का उपयोग करते हुए चिका की जाँच को T + (5 x U) के रूप में भी व्यक्त किया जा सकता है। इसके अलावा, यह जाँचना दिलचस्प होगा कि क्या उपरोक्त तरकीबें चिका की जाँच से अधिक कारगर होंगी, लेकिन यह कार्य मैं पाठकों पर छोड़ती हूँ। सावधानी के तौर पर, यदि विद्यार्थियों का परिचय अभी ऋणात्मक संख्याओं से नहीं हुआ है, तो शिक्षक उन्हें इस तरकीब का उपयोग करते समय केवल संख्याओं के बीच का अन्तर खोजने (चिह्न पर ध्यान न देते हुए) के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।
आइए अब 13 के लिए विभाज्यता की तरकीब की खोज करें। यहाँ फिर से, हम 13 के गुणजों, यानी 13, 26, 39, 52 आदि को लिखने से शुरुआत करेंगे। और इस मामले में भी, हमारा तरीक़ा यह है कि अंकों के बीच कुछ ऐसी संक्रियाओं को खोजा जाए जिससे परिणाम 0 प्राप्त हो। ऊपर दिए गए 13 के गुणजों के मामले में, यह स्पष्ट होगा कि शेष संख्या को 3 से गुणा करने और उसके तथा इकाई अंक के बीच का अन्तर निकालने पर 0 प्राप्त होगा।
तालिका-3 : तरकीब-3 : T x 3 – U (U = इकाई अंक, T = शेष संख्या)
| 13 और 26 के गुणजों ने इस नियम को प्रेरित किया | |
|---|---|
| तब तक दोहराएँ जब तक परिणाम 0 या 13 या 13 का कोई पहचाने जाने योग्य गुणज न हो जाए। | |
| तीन-अंकीय संख्या जैसे 741 (U = 1, T = 74) के लिए तरकीबों का सत्यापन | चार-अंकीय संख्या जैसे 3003 (U=3,T = 300) के लिए तरकीबों का सत्यापन |
| 74 × 3 – 1 = 221 221 के लिए (U = 1, T = 22) 22 × 3 – 1 = 65 65 के लिए (U = 5, T = 6) 6 × 3 – 5 = 13 | 300 × 3 – 3 = 897 897 के लिए (U = 7, T = 89) 89 × 3 – 7 = 260 |
यहाँ एक सवाल है : क्या T + 4 × U (जो 13, 91 और 52 से प्रेरित है) 13 के गुणजों की पहचान करने के लिए काम करता है? इन दोनों तरकीबों में से आपको कौन-सी ज़्यादा प्रभावी लगती है, जो हर चरण में आपको छोटी संख्याएँ देती है?
इसी प्रकार, 17 से विभाज्यता की जाँच का तरीक़ा भी पहले इसके गुणजों, यानी 17, 34 और 51 को लिखकर और किसी पैटर्न का पता लगाने के लिए उनके अंकों की जाँच करके खोजा जा सकता है। उदाहरण के लिए, (7 x T) – U (17 से प्रेरित) और T – (5 x U) (51 से प्रेरित) विभाज्यता की ऐसी तरकीबें हैं जो 17 के गुणजों की पहचान करने में मदद करती हैं।
यह दर्शाता है कि किसी संख्या के लिए विभाज्यता का कोई एक अकेला जाँच का तरीक़ा नहीं होता है और इन जाँचों को इन सरल नियमों का पालन करके बनाया जा सकता है। इस लेख में, उदाहरणों को मुख्य रूप से अभाज्य भाजकों के साथ आज़माया गया, अर्थात वे भाजक ऐसी संख्याएँ थीं जिनका 1 और स्वयं के अतिरिक्त कोई अन्य गुणनखण्ड नहीं होता। पाठकों से अनुरोध है कि वे अभाज्य संख्याओं की सूची : 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, 23, 29, 31, 37, 41, 43, 47, 53, 59, 61, 67, 71, 73, 79, 83, 89, 97 आदि से अन्य अभाज्य संख्याओं के लिए और अधिक तरकीबें खोजने का प्रयास करें।
इसके अलावा, ये नियम भाज्य संख्याओं के लिए भी बनाए जा सकते हैं। और मैं चाहती हूँ कि आप अपनी पसन्द की किसी भी अन्य दो-अंकीय संख्या के लिए विभाज्यता जाँच का तरीक़ा खोजने का प्रयास करें।
इस लेख से यह ध्यान देने योग्य बात सामने आती है कि किसी निश्चित संख्या के गुणजों के अंकों के बीच अलग-अलग प्रकार के पैटर्न होते हैं जो विभाज्यता के नियमों तक पहुँचाते हैं। और यह कि ये सभी पैटर्न उस संख्या के सभी गुणजों के लिए काम करते हैं, जैसा कि लेख में दिए गए उदाहरणों में देखा गया है।
हालाँकि उपयोग किए गए सभी उदाहरण लिए गए भाजक के गुणज रहे हैं, फिर भी विद्यार्थियों के लिए यह सत्यापित करना उपयोगी होगा कि ये नियम उन संख्याओं के पर लागू नहीं होते जो उस संख्या के गुणज नहीं हैं। इस तरह की खोज संख्या संक्रियाओं के अभ्यास को दिलचस्प बनाने का एक सूक्ष्म अवसर है। जब गणित की कक्षा उन्हें ऐसे अवसर प्रदान करती है, तो विद्यार्थी स्वयं को खोजकर्ता और अन्वेषक की तरह महसूस करते हैं। मुझे आशा है कि यह लेख गणित में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के बीच ऐसी सहज खोजों को पुनर्जीवित करेगा।
आभार : लेखिका लेख के प्रारम्भिक मसौदे की समीक्षा के लिए आलोका कान्हेरे और रॉसी डिसूज़ा का आभार व्यक्त करती हैं।
- National Council of Educational Research and Training. (2017). Mathematics learning outcomes for Class VI. In Learning outcomes at the elementary stage (p. 67). NCERT. https://bit.ly/4o2okAb