फ़ैक्ट फ़ैमिली
पहले दिन कक्षा में, शिक्षिका ने बच्चों से ‘फ़ैमिली’ यानी माता, पिता और बच्चे पर बातचीत शुरू की। इसके बाद उन्होंने तीन संख्याओं की एक फ़ैमिली : 4, 5 और 9 पेश की। उन्होंने बच्चों से पूछा कि क्या वे बता सकते हैं कि ये संख्याएँ जोड़ और घटा के माध्यम से कैसे आपस में जुड़ी हुई हैं। बच्चों ने जोड़ के तथ्य इस प्रकार बताए : 4 + 5 = 9 और 5 + 4 = 9। जब कुछ बच्चों ने 2 + 7 = 9 शामिल करना चाहा, तो शिक्षिका ने याद दिलाया कि इस फ़ैमिली में केवल 4, 5 और 9 ही सदस्य हैं। उन्होंने इसे काउंटर की मदद से भी दिखाया, जैसा कि चित्र-1 में दिखाया गया है। इसके बाद उन्होंने इन्हीं संख्याओं से घटा के तथ्य पूछे और जवाब मिले : 9 – 5 = 4 और 9 – 4 = 5।
शिक्षिका ने अब बच्चों को अपनी मनचाही संख्या चुनकर फ़ैक्ट फ़ैमिली बनाने को कहा। शुरुआत में संख्याएँ चुनी गईं {6, 3, 10}, जाँच करने के बाद वे {6, 3, 9} हो गईं। शिक्षिका ने जब कहा कि फ़ैमिली में कोई संख्या दोहराई नहीं जानी चाहिए, तो {4, 4, 8} को बदलकर {3, 5, 8} कर दिया गया। ग्रुप गतिविधियों से बनी फ़ैक्ट फ़ैमिली थीं : {12, 8, 20}, {54, 31, 23} और {20, 4, 16}।

दूसरे दिन आक़ेफ़ा बच्चों को खेल के मैदान में ले गईं और उन्हें एक मिनट में जितने हो सकें उतने कंकड़ इकट्ठा करने को कहा। इसके बाद बच्चों ने अपने-अपने कंकड़ों की गिनती की। हर किसी के पास अलग-अलग संख्या थी। अब शिक्षिका ने प्रत्येक बच्चे से कहा कि वे अपने इकट्ठा किए हुए कंकड़ों को दो भागों में बाँटें, ताकि एक फ़ैक्ट फ़ैमिली बनाई जा सके। एक बच्ची के पास 43 कंकड़ थे। उसने उन्हें 42 और 1 में बाँटा। उसकी फ़ैक्ट फ़ैमिली थी : {1, 42, 43} और उसने ये तथ्य लिखे : 1 + 42 = 43, 42 + 1 = 43, 43 – 1 = 42 और 43 – 42 = 1।
एक विद्यार्थी ने जब {20, 30, 50} की फ़ैमिली बनाई तो इससे चर्चा आगे बढ़कर 50 को सबसे बड़ी संख्या रखते हुए दूसरी फ़ैक्ट फ़ैमिली तक पहुँची, जैसे : {10, 40, 50} और {50, 0, 50}। उन्होंने देखा कि 50 कंकड़ों को कई तरीक़ों से दो भागों में बाँटा जा सकता है। इसके बाद बच्चों ने जोड़ की बजाय 50 के लिए घटा की फ़ैक्ट संख्याएँ खोजना शुरू कर दीं।
कुछ बच्चों ने और आगे जाकर ऐसी फ़ैक्ट फ़ैमिली भी बनाईं जिनमें 50 सबसे बड़ी संख्या नहीं थी, जैसे 60 – 10 = 50। यह दिखाता है कि गणित मूर्त (concrete) से शुरू होकर धीरे-धीरे अमूर्त (abstract) बन जाता है। बच्चे एक अंकीय संख्याओं के साथ-साथ दो अंकीय संख्याओं से भी फ़ैक्ट फ़ैमिली बना पा रहे थे। लेकिन मज़ेदार बात यह थी कि वे ऐसे जोड़ या घटा से बच रहे थे जिनमें हासिल लेना या देना पड़ता है, जैसे : 37 + 25 = 62 या 51 – 24 = 27। बच्चों को ऐसे जोड़ या घटा वाले सवाल पसन्द थे जिनमें सिर्फ़ प्रत्येक अंक को सीधे जोड़ना या घटाना होता है। जैसे : 23 + 14 = 37 या 45 – 13 = 32।
किसी भी फ़ैक्ट फ़ैमिली में, विशेषकर जब तीन संख्याएँ अलग-अलग हों, तो जोड़ के दो फ़ैक्ट बनते हैं, जैसे : 2 + 3 = 5 और 3 + 2 = 5। यह जोड़ के क्रम-विनिमय गुणधर्म को (commutative property) दिखाता है। इसी प्रकार घटा के दो फ़ैक्ट बनते हैं, जैसे 5 – 2 = 3 और 5 – 3 = 2।
इससे यह समझ आता है कि एक जोड़ का फ़ैक्ट दो घटा के फ़ैक्ट के रूप में भी व्यक्त किया जा सकता है।
यह सम्बन्ध आगे चलकर इबारती सवालों को समझने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा, यह बच्चों को यह समझने का मौक़ा भी देता है कि सबसे बड़ी संख्या बाक़ी दो संख्याओं का जोड़ होती है। मतलब यदि हमारे पास सबसे बड़ी संख्या को दर्शाने वाली वस्तुओं का समूह है, तो उसे दो हिस्सों में बाँटा जा सकता है। हर हिस्सा बाक़ी दो संख्याओं में से एक को दर्शाता है। दूसरे दिन की कंकड़ इकट्ठा करने वाली गतिविधि इसी विचार को मज़बूत करती है।
अवलोकन
- गणित को सिखाने के लिए ठोस चीज़ों से अमूर्त सोच की ओर बढ़ना बेहतर है, बजाय इसके उलटा करने के। बच्चों से कहा जा सकता था कि वे कक्षा में लाए गए कंकड़ों की थैली से अपनी मुट्ठी भरें और उसी से फ़ैक्ट फ़ैमिली बनाएँ। ज़रूरी बात यह है कि बच्चे कंकड़ ख़ुद लें न कि उन्हें दिए जाएँ। इससे बच्चों की भागीदारी बढ़ती है और प्रत्येक को एक अलग संख्या मिलती है, ऐसी संख्या जो किसी ने पहले से तय नहीं की होती है।
- यह गतिविधि कक्षा-2 में कराई गई थी, जहाँ दो-अंकीय संख्याएँ शामिल थीं। लेकिन इसे कक्षा-1 में भी शुरू किया जा सकता है, जब बच्चे 20 तक की संख्याएँ सीख लेते हैं और केवल एक-अंकीय जोड़-घटा का अभ्यास करते हैं। इससे बच्चों को एक-अंकीय जोड़ और उससे जुड़े घटा अपने-आप (1-देखें) करने की आदत बनती है, जो किसी भी जोड़-घटा को फटाफट करने की दक्षता लाने के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है। ऐसी गतिविधियाँ बच्चों के मन गणित को तेज़ करती हैं और उन्हें संख्याओं के साथ खेलना सिखाती हैं जो गणित को पसन्द करने में बहुत मदद करता है।
- शिक्षक इन तरह-तरह की गतिविधियों को आज़मा सकते हैं :
- सभी सम्भावित फ़ैक्ट फ़ैमिली ढूँढ़ें जिनमें सबसे बड़ी संख्या (मान लें) 20 हो। 20 को सबसे बड़ी संख्या मानकर कितनी फ़ैक्ट फ़ैमिली सम्भव हैं?
- सभी सम्भावित फ़ैक्ट फ़ैमिली ढूँढ़ें जिनमें सबसे छोटी संख्या (मान लें) 3 हो। 3 को सबसे छोटी संख्या मानकर कितनी फ़ैक्ट फ़ैमिली सम्भव हैं?
- ऐसी फ़ैक्ट फ़ैमिली बनाएँ जिसमें दो संख्याएँ एक ही पहाड़े से हों, जैसे 15 और 35। तीसरी संख्या क्या होगी? क्या आप बता सकते हैं कि ऐसा क्यों होता है?
- गुणा फ़ैक्ट फ़ैमिली भी बनाई जा सकती हैं, जैसे गुणन-भाग से {2, 3, 6} फ़ैक्ट फ़ैमिली बनाई जा सकती हैं, यह बच्चों को अलग-अलग तरीक़ों से गुणा सीखने में मदद करते हैं। आगे इन बातों को भी आज़माया जा सकता है :
- सभी सम्भावित फ़ैक्ट फ़ैमिली ढूँढ़ें जिनमें सबसे बड़ी संख्या (मान लें) 20 हो। 20 को सबसे बड़ी संख्या मानकर कितनी फ़ैक्ट फ़ैमिली सम्भव हैं?
- अगर किसी फ़ैक्ट फ़ैमिली में 1 हो तो क्या होता है? और अगर 0 हो तो क्या होता है?
- जोड़ फ़ैक्ट फ़ैमिली पर आधारित एक वर्ग-संख्या पहेली यहाँ दी गई है।
यह अभ्यास बच्चों को किसी संख्या के सभी गुणकों यानी किन-किन संख्याओं को गुणा करने से वह संख्या बनती है, यह ढूँढ़ना सिखाता है। यह आगे चलकर मध्य पद गुणनखण्डन जैसी प्रक्रियाओं में उपयोग होता है, जो द्विघात समीकरणों को हल करने में बहुत काम आता है।
दूसरी ओर, 1 और 0 वाले सवाल बच्चों को यह समझाने में मदद करते हैं कि गुणा और भाग में इन दोनों संख्याओं की विशेष भूमिका होती है, 1 संख्या को नहीं बदलता और 0 किसी भी संख्या को गुणा करने पर 0 बना देता है। इससे इनकी अलग-अलग ख़ासियत साफ़ समझ में आती है।
इन विचारों के आधार पर, जोड़ वाले फ़ैक्ट फ़ैमिली की एक वर्कशीट तैयार की गई है।
- Addition pullout: https://bit.ly/4o5Q5YC
- Subtraction pullout: https://bit.ly/48BAHON
- Commutative property of addition: https://bit.ly/4nXcTcZ
- Word problems: https://bit.ly/4odUfxq
- Word problem Worksheet: https://bit.ly/49lXhuW