समीक्षा : 3 लिटिल फ़ायरफ़ाइटर्स

लेखक : स्टुअर्ट जे. मर्फी, समीक्षक : क्षमा चक्रवर्ती

अनुवाद : रोशन खान | पुनरीक्षण : सुशील जोशी | कॉपी एडिटर : अतुल अग्रवाल

इस लेख में स्टुअर्ट जे. मर्फी की किताब ‘3 लिटिल फ़ायरफ़ाइटर्स’ की समीक्षा की गई है। इसे हार्परकॉलिन्स पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित किया गया है। यह किताब ‘मैथस्टार्ट’ (MathStart) शृंखला का हिस्सा है। इस शृंखला की कहानियाँ विद्यार्थियों को पढ़कर सुनाई जा सकती हैं, और फिर उनसे जुड़ी बातें मज़ेदार तरीक़े से चर्चा करके समझाई जा सकती हैं। कहानी सुनाना एक ऐसा तरीक़ा माना गया है जिससे विद्यार्थी ख़ुशी-ख़ुशी और अच्छे से सीखते हैं। (पृ. 93, एनसीएफ़-एफ़एस, 2022)।

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चित्र-1

‘3 लिटिल फ़ायरफ़ाइटर्स’ ‘मैथस्टार्ट’ शृंखला की किताबों में से स्तर-1 की एक किताब है। कुल मिलाकर इन किताबों के तीन स्तर हैं।

स्तर-1 : प्री-किंडरगार्टन और किंडरगार्टन
स्तर-2 : कक्षा-1 और 2
स्तर-3 : कक्षा-3 और 4

पहले दो स्तर की किताबें वही हैं जो नई शिक्षा नीति 2020 में बताए गए फ़ाण्‍उडेशन स्‍टेज से मेल खाती हैं।

इस शृंखला में कई विषय शामिल हैं। जैसे मिलान करना (matching), छाँटना (sorting), बार ग्राफ़, पूर्णांक और अज्ञात मान का पता लगाना। स्तर-3 की किताबों का इस्तेमाल कक्षा-5 और 6 के विद्यार्थियों के लिए भी किया जा सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि शिक्षक विद्यार्थियों के साथ बातचीत कैसे करते हैं। उदाहरण के लिए, जब कक्षा में भिन्न का पाठ पढ़ाया जा रहा हो तो ‘जम्प, कंगारू, जम्प’ कहानी पढ़कर सुनाई जा सकती है। यह कहानी बताती है कि किसी निश्चित संख्या की वस्तुओं को बराबर समूहों में कैसे बाँटा जाता है। इस कहानी के आधार पर की गई चर्चा पाठ्यपुस्तक के पूरक के रूप में काम कर सकती है। तीनों स्तरों के विषयों की सूची तालिका में दी गई है। इन सभी किताबों का विवरण https://www.mathstart.net/books.html पर उपलब्ध है।

स्तर-1स्तर-2स्तर-3
पैटर्नजोड़नाअनुमान लगाना
आकारों की तुलना करनाआँकड़े एकत्र करनावर्गीकरण करना
आकृतियाँ पहचाननाघटानाभाग देना
गिननापुनः समूह बनानासमय
विलोमसमय सीमाभिन्न
क्रमिक संख्याएँआधे की समझबार ग्राफ़
राशियों की तुलना करनासमरूपतासिक्के गिनना
विषम और सम संख्याएँकैलेंडरसमीकरण बनाना
एक घटानाप्रायकिताक्षमता
मिलान2-2, 3-3 और 4-4 में गिनतीदो अंकों की संख्याएँ घटाना
क्रम में जमानामापनागुणा करना
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किताब ‘3 लिटिल फ़ायरफ़ाइटर्स’ छाँटने की अवधारणा से जुड़ी है। इसे साढ़े तीन से छह साल की उम्र के विद्यार्थियों को पढ़कर सुनाया जा सकता है। मैंने इस उम्र के विद्यार्थियों के साथ कहानी सुनाने के सत्र के लिए इसका इस्तेमाल किया और पाया कि यह विद्यार्थियों को बहुत पसन्द आई! इस ख़ास सत्र का मक़सद था कि वे छँटाई के विषय को रोज़मर्रा के सन्दर्भों में टटोल सकें। मान्यता यह थी कि उन्हें छँटाई के बारे में पहले से थोड़ी जानकारी है। कहानी सुनने और उसके बाद की गतिविधि से विद्यार्थियों को यह सीखने का मौक़ा मिला कि चीज़ों को अलग-अलग आधारों (कसौटियों) पर कैसे छाँटा जा सकता है; कुछ आधार पहले से बताए गए थे, और कुछ उन्हें ख़ुद सोचने थे।

यह किताब गणित में गुणधर्मों के आधार पर छँटाई की बात एक मज़ेदार कहानी के ज़रिए सिखाती है। कहानी में नन्‍हें फ़ायरफ़ाइटर्स हैं जो परेड की तैयारी कर रहे हैं। बड़ी परेड शुरू होने से कुछ पहले ही उन्हें पता चलता है कि उनके कोट के बटन ग़ायब हैं। इस समस्या को सुलझाने के लिए उन्हें जल्दी से तीन तरह के मिलते-जुलते बटन ढूँढ़ने हैं। इन बटनों को आकृति (गोल, तिकोन, चौकोर), माप (बड़ा, मध्यम, छोटा) और रंग (ग्रे, काला, पीला) के आधार पर छाँटना है।

कहानी में जल्दबाज़ी और मज़ा दोनों है, क्योंकि फ़ायरफ़ाइटर्स समय रहते बटन की व्यवस्था करने की हड़बड़ी में हैं। बर्निस लुम के जीवन्त चित्र कहानी को और भी मज़ेदार बना देते हैं जिससे छँटाई की प्रक्रिया छोटे विद्यार्थियों के लिए स्पष्ट और मनमोहक हो जाती है।

चित्र-3

तीनों नन्हें फ़ायरफ़ाइटर्स परेड के लिए तैयार हो रहे हैं। उन्हें अपना कोट पहनना है, लेकिन तभी उन्हें पता चलता है कि बटन ग़ायब हैं। अपनी नाभि को छिपाने के लिए प्रत्येक को चार बटन चाहिए! (पूरे सत्र के दौरान हर बार नाभि का ज़िक्र सुनकर विद्यार्थी हँसते-हँसते लोटपोट हो जाते हैं!) उन्हें बटन का एक ढेर मिल जाता है, और वे उसे अलग-अलग आधारों पर छाँटने की कोशिश करते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनमें से प्रत्येक के पास चार बटन हों। वे पहले आकृति के आधार पर छाँटने की कोशिश करते हैं। एक फ़ायरफ़ाइटर को चार गोल बटन मिलते हैं, लेकिन बाक़ी दो को केवल तिकोन और चौकोर के तीन-तीन सेट मिलते हैं, और उनकी नाभि दिखाई देती है! ऐसा तो बिल्कुल नहीं चल सकता। इसलिए वे दुबारा से छँटाई का फ़ैसला करते हैं, इस बार रंग के अनुसार। उनमें से दो को काले और नारंगी रंग के चार-चार बटन मिल जाते हैं, लेकिन ग्रे रंग के सेट में केवल तीन बटन ही मिलते हैं! चित्र-3 देखें। इस बार भी छँटाई काम नहीं करती, और उन्हें फिर से कोशिश करनी पड़ती है।

इसके बाद, वे माप के अनुसार छाँटने की कोशिश करते हैं — छोटा, मझोला और बड़ा। और अब, जादुई तरीक़े से, उनमें से प्रत्येक को 4 बटन मिल जाते हैं! चित्र-4 देखें। यह एक अच्छा मौक़ा होता है जब रुककर विद्यार्थियों से पूछा जाए कि आख़िर ऐसा कैसे हुआ। वे धीरे-धीरे समझ जाते हैं कि वहाँ कुल मिलाकर 12 बटन थे, और पहले दो मामलों में कुछ ‘अतिरिक्त’ बटन थे जो कसौटियों पर ख़रे नहीं उतरते थे।

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जब उन्हें लगता है कि उन्होंने अपना काम अच्छे से कर लिया है, तो वे ख़ुशी-ख़ुशी परेड के लिए निकल पड़ते हैं।

इस किताब में कुछ मज़ेदार गतिविधियाँ भी बताई गई हैं जो कहानी सुनाते समय विद्यार्थियों के साथ की जा सकती हैं। उनमें से एक यह है कि बटन बनाए जाएँ — अलग-अलग आकार, आकृति और रंग के। फिर विद्यार्थियों को हर बार किसी एक आधार पर बटन छाँटने को कहा जाए ताकि वे स्वयं जाँच सकें कि प्रत्येक के 4 सेट बनते हैं या नहीं। चित्र-5क में सभी बटन आकृति के हिसाब से आड़ी पंक्ति में दिखाए गए हैं। चित्र-5ख में बटन के आकार के हिसाब से खड़ी पंक्ति में दिखाए गए हैं।

चित्र-5क
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चित्र-5ख

सत्र के दौरान, मुझे यह गतिविधि बहुत मज़ेदार और उपयोगी लगी, क्योंकि विद्यार्थी बड़े आकार के बटनों के साथ ठीक वैसे ही काम कर सकते थे जैसा कहानी में बताया गया था। उन्हें बटन छाँटने और यह देखने में मज़ा आ रहा था कि कौन चार बटनों का सेट बना सकता है और कौन नहीं। हर बार जब छँटाई का मापदण्ड बदलता, वे बटनों को इधर-उधर रखते, आपस में बदलते, और इस बदलाव पर ध्यान देते कि अब बटन कैसे अलग-अलग हो रहे हैं। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि मापदण्ड बदलने से छँटाई का तरीक़ा भी बदलता है। यह समझ अगली गतिविधि में भी काम आई जहाँ उन्हें असली बटन दिए गए। इनमें अलग-अलग आकार, आकृति, रंग और पैटर्न थे। विद्यार्थियों को दिए गए मापदण्ड (जैसे रंग, आकार, आकृति आदि) के आधार पर इन बटनों की छँटाई करनी थी। इसके बाद, कुछ बटनों को तीन अलग-अलग समूहों में रखा और पूछा, “बताओ, मैंने इन्हें किस नियम से बाँटा है?” जब विद्यार्थी कोई उत्तर देते, मैं उनके तर्क को चुनौती देने के लिए कुछ और बटन जोड़ती ताकि वे दोबारा सोचें। यह सिलसिला तब तक चलता रहा जब तक वे उस तर्क या नियम तक नहीं पहुँच गए जिसका मैंने उपयोग किया था। अन्तिम दौर में, प्रत्येक विद्यार्थी ने बारी-बारी से अपने मन में एक निश्चित मापदण्ड के आधार पर बटन छाँटे, और बाक़ी सभी ने उस मापदण्ड का अनुमान लगाया।

यह किताब गणितीय अवधारणा को एक सरल और दिलचस्प कहानी में पिरोने की अपनी क्षमता में उत्कृष्ट है। यह छँटाई की प्रक्रिया को एक स्वाभाविक और आकर्षक तरीक़े से प्रस्तुत करती है। फ़ायरफ़ाइटर्स की परेशानी एक व्यावहारिक समस्या है जिसे विद्यार्थी आसानी से समझ सकते हैं। कहानी में हर बार अलग-अलग आधार पर वर्गीकरण का प्रयास उन्हें बिना बोझ डाले खेल-खेल में सीखने का अवसर देता है। किताब के अन्त में दी गई गतिविधियाँ इसकी एक महत्त्वपूर्ण विशेषता है। ये गतिविधियाँ माता-पिता और शिक्षकों को गणित के पाठ को वास्तविक जीवन के परिवेश में विस्तारित करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। जैसे घर पर या कक्षा में वस्तुओं की छँटाई करना।

  1. National Council of Educational Research and Training. (2022). National curriculum framework for foundational stage. NCERT. https://ncert.nic.in/pdf/NCF_for_Foundational_Stage_20_October_2022.pdf
  2. MathStart. (n.d.). Books. https://www.mathstart.net/books.html

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