इस अंक के साथ, हम एक नई शृंखला शुरू कर रहे हैं, जो ‘लो फ्लोर हाई सीलिंग’ गतिविधियों का एक संकलन है। यह ‘लो फ्लोर हाई सीलिंग’ का क्या मतलब है? पहली बार इसके साथ मेरा (यानी स्वाती) सामना चार्ली गिल्डरडेल द्वारा कैम्ब्रिज में आयोजित की गई एक कार्यशाला में हुआ और इस अवधारणा ने मुझे तुरन्त प्रभावित किया। इसका नाम पूरी तरह से इसका वर्णन करता है : इसमें एक गतिविधि को चुना जाता है जो आयु उपयुक्त सरल कार्यों को सौंपने से शुरू होती है। यह कार्य ऐसे होते हैं जिन्हें करने का प्रयास कक्षा के सभी बच्चों द्वारा किया जा सकता है। गतिविधि आगे बढ़ने के साथ कार्यों की जटिलता बढ़ती जाती है, ताकि प्रत्येक बच्चे को अपने कार्य के दौरान अपना अधिकतम प्रयास करने के लिए प्रेरित किया जा सके। इसमें सभी के लिए पर्याप्त कार्य होता है लेकिन स्तर ऊॅंचा होने के कारण कुछ ही बच्चे कार्य को पूरा कर पाते हैं। उल्लेखनीय बात यह है कि सभी बच्चे कार्य में लगे रहते हैं और सभी कम से कम पूरे कार्य का एक हिस्सा पूरा करने में सक्षम होते हैं।

मुझसे हाल ही में पूछा गया था कि मैंने कक्षा में विभेदित शिक्षण (differentiated teaching) को कैसे प्रयोग किया। अकादमिक रूप से कमज़ोर बच्चों तक पहुँचने का यह तरीक़ा इसके उद्देश्य को असफल करता हुआ प्रतीत होता है, क्योंकि इस तरह से अलग से ध्यान देने से उनका पहले से ही डगमगाता आत्म-विश्वास और भी नीचे चला जाता है। इस तरह के कई प्रयासों के बाद, मुझे एहसास हुआ कि मेरे प्रयासों को और अधिक परिष्कृत होने की आवश्यकता है और इनका प्राथमिक उद्देश्य ऐसे तरीक़े होने चाहिए जो बच्चे का आत्म-विश्वास बढ़ा सकें। मैंने पाया कि ‘लो फ्लोर हाई सीलिंग’ गतिविधियाँ विभेदित शिक्षण को सूक्ष्मता से करने का एक शानदार तरीक़ा है। चूँकि गतिविधि काफ़ी सरल कार्यों से शुरू होती है, इसलिए यह सम्भव है कि प्रारम्भिक स्तर के कार्य कक्षा के सभी बच्चों द्वारा सफलतापूर्वक कर लिए जाएँ। अधिक सक्षम बच्चे इन स्तरों से आगे निकल जाते हैं। लेकिन इसका सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि कम सक्षम बच्चों को भी समस्या पर कार्य शुरू करने का एक मौक़ा मिल पाता है। यह उनके आत्म-विश्वास को बढ़ाता है और उनकी रुचि को बनाए रखता है। जैसे-जैसे गतिविधि आगे बढ़ती है, चुनौती का स्तर बढ़ता जाता है। लेकिन पहले के चरणों के अनुभव बच्चों को एक समझ प्रदान करते हैं जो बच्चों को आगे के इन स्तरों को हल करने में मदद कर सकती है।

बच्चों के लिए इन अवलोकनों के आधार पर अनुमान लगाने का अवसर भी होता है और अगर वे पर्याप्त रूप से प्रेरित हों तो वे इन अनुमानों को साबित भी कर सकते हैं।

ऐसे कामों को विकसित करना शिक्षकों को थोड़ा चुनौतीपूर्ण लग सकता है। लेकिन इस तरह की गतिविधियों का एक अच्छा संग्रह अमूल्य साबित होगा। ‘जो बोलर’ का ‘यूक्यूब्ड’ एक ऐसा ही प्रयास है जिसमें गणित के ऐसे कार्यों की एक शृंखला को एक साथ रखना शुरू किया गया है। इन्हें आप http://youcubed.stanford.edu/tasks/ पर पढ़ व देख सकते हैं।

हम प्रत्येक अंक में एक नई गतिविधि के साथ इस संग्रह को और बढ़ाने की उम्मीद करते हैं। हमने इस गतिविधि में गणितीय कौशल विकसित करने की कोशिश की है। साथ ही इसे इस तरह डिज़ाइन करने की कोशिश की है कि बच्चे अवलोकन कर सकें, अनुमान लगा सकें और अगर उन्हें पर्याप्त रूप से प्रेरित किया जाए तो वे इन अनुमानों को साबित भी कर सकें। हम पेंटोमिनो किट के साथ शुरुआत कर रहे हैं, जिसके बारे में एक लेख जुलाई 2014 के अंक में दिया गया था।
https://publications.azimpremjifoundation.org/1664/1/9_Pentominoes.pdf

प्रत्येक कार्ड (या कार्डों का सेट) एक कार्य है, जिसमें ऐसे प्रश्नों की एक शृंखला है जिनका निर्माण जटिलता के साथ किया गया है।

आरम्भ करने के लिए, आप एक मोनोमिनो को एक इकाई वर्ग के रूप में सोचें।

कार्य 1

चलिए, एकदम शुरुआत से शुरू करते हैं…

  • एक मोनोमिनो क्या है? दिखाएँ कि यह कितने प्रकार के हो सकते हैं।
  • एक डोमिनों क्या है? दिखाएँ कि कितने प्रकार के डोमिनो हो सकते हैं।
  • ट्रोमिनों क्या है? दिखाएँ कि कितने प्रकार के ट्रोमिनों हो सकते हैं।
  • टैट्रोमिनो क्या है? दिखाएँ कि कितने प्रकार के टैंट्रॉमिनो हो सकते हैं।
  • क्या n-ओमिनो के उन विशिष्ट किनारों की पहचान करने का कोई तरीक़ा है जिनमें इकाई वर्ग को जोड़ा जा सकता है?
  • इसका उपयोग करते हुए, क्या आप गिन सकते हैं कि कितने (n + 1)-ओमिनो को बनाया जाएगा?
  • तो यहाँ पर कितने प्रकार के पेंटोमिनो हैं?
Low floor high fig 1

अब यदि आप एक पेंटोमिनो किट बनाना चाहते हैं, तो इसका एक त्वरित और आसान तरीक़ा इस प्रकार है:

  1. मोटे कार्डबोर्ड की एक शीट लें और उसमें से 5 इंच चौड़ा और 12 इंच लम्बा एक टुकड़ा काट लें।
  2. उस पर 1 इंची वर्गों की 5 इंच चौड़ी और 12 इंच लम्बी एक ग्रिड बनाएँ।
  3. पेंटोमिनो किट के लिए निम्न टेम्पलेट का उपयोग कर सकते हैं :
Low floor high fig 2
  1. आकृतियों को काटें।
  2. प्रत्येक आकृति को रंग दें।

कार्य 2

अब जब आकृतियाँ आपके हाथ में हैं, आप प्रत्येक पेंटोमिनो की विभिन्न विशेषताओं का अध्ययन कर सकते हैं और उन्हें वर्गीकृत कर सकते हैं।

उत्तल और गैर-उत्तल के आधार पर वर्गीकरण

  • इनमें से कौन-से पेंटोमिनो उत्तल हैं?
  • कौन-से गैर-उत्तल है?
  • 5 के गुणनखण्ड इस परिणाम से किस प्रकार सम्बन्धित हैं?
  • क्या औप टैट्रोमिनो के साथ इस खोज की पुष्टि कर सकते हैं?
Low floor high fig 3

कार्य 3

सममिति के आधार पर वर्गीकरण

  • किन पेंटोमिनों को केवल एक तरफ़ से रंग करने की आवश्यकता है? क्यों?
  • “एक तरफ़ा” पेंटोमिनों में से प्रत्येक में कितने सममित अक्ष/रेखाएँ हैं?
  • उन आकृतियों को ध्यान से देखें जिनमें एक से अधिक सममित रेखाएँ हो।

क्या उनमें किसी अन्य प्रकार की सममिति भी है? यदि है, तो किस प्रकार की?

  • क्या “दो तरफ़ा” टुकड़ों में से किसी में भी घूर्णन सममिति है?
  • घूर्णन सममिति के क्रम और इन पेंटोमिनो में से प्रत्येक के लिए सममित रेखाओं की संख्या पर टिप्पणी करें।
रैखिक सममिति
हाँ नहीं
घूर्णन सममिति हाँ
नहीं

कार्य 4

टुकड़े का नामटुकड़े का परिमापहर टुकड़े में वर्ग को अलग करने वाली रेखाओं की संख्या
F
I
L
N
P
T
U
V
W
X
Y
Z

क्या स्तम्भ दो और स्तम्भ तीन के बीच कोई सम्बन्ध है?

कार्य 5

आयतों को घेरना

  • 2 x 3 आयतों में बने पेंटोमिनो के लिए परिमाप अलग-अलग क्यों हैं?
  • क्या कोई टेट्रोमिनो है जिसका परिमाप एक पेंटोमिनो के बराबर है? नोट: किसी भी टेट्रोमिनो का क्षेत्रफल 4 होता है जबकि किसी भी पेंटोमिनो का क्षेत्रफल 5 होता है।
  • सभी ट्रोमिनो, टेटोमिनो और पेंटोमिनो को देखें।
  • क्या कोई अन्य सम्भावित जोड़े हैं जिनका परिमाप तो समान हो लेकिन क्षेत्रफल अलग-अलग हो?
  • परिमाप बदलता क्यों नहीं है?
  • क्या कोई अन्य सम्भावित जोड़े हैं जिनका क्षेत्रफल तो समान हो परन्तु परिमाप अलग-अलग हो? परिमाप अलग क्यों हैं?

कार्य 6

  • कितने चतुर्भुज हैं?
  • कितने षटभुज हैं?
  • आपको और कौन-से बहुभुज मिले? आपको जो भी मिला, उसे इस प्रकार तालिकाबद्ध करें :
भुजाओं की संख्‍याकौन-सा (से) पेंटोमिनोकुल संख्‍या
4I1
6  
   
  • क्या कोई n-ओमिनो ऐसे हैं जिनमें भुजाओं की संख्या एक विषम संख्या हो?

आगमन विधि द्वारा प्रमाण

  • n = 1 के लिए : मोनोमिनो एक वर्ग है, जिसमें भुजाओं की संख्या सम होती है।
  • मान लें कि सभी n = 1, …, m के लिए, सभी सम्भावित n-ओमिनो में भुजाओं की संख्या सम है
  • हम दिखाएँगे कि जब हम m-ओमिनो में एक वर्ग जोड़कर (m + 1)-ओमिनो बनाते हैं, तो (m + 1)-ओमिनो और m-ओमिनो की समता (parity) नहीं बदलती है। वास्तव में, भुजाओं की संख्या अपरिवर्तित रहती है या केवल 2 या 4 से बदल जाती है।
  • m-ओमिनो से (m + 1)-ओमिनो पर जाना : हम मौजूदा m-ओमिनो और जोड़े गए वर्ग के बीच साझा भुजाओं की संख्या के लिए विभिन्न सम्भावनाओं पर विचार करते हैं। यह 1, 2, 3 या 4 हो सकती है। हम बारी-बारी से प्रत्येक मामले की जाँच करते हैं। ध्यान दें कि 2 भुजाओं के सम्पर्क होने की स्थिति में, दोनों भुजाएँ या तो एक-दूसरे से सटी हो सकती हैं, या एक-दूसरे के सम्मुख हो सकती हैं।
  • केस अ : 4 भुजाएँ साझा हों। ऐसा तब होता है जब m-ओमिनो के आन्तरिक भाग में एक छेद/जगह होती है और नए वर्ग को उस जगह में रखा जाता है।
Low floor high fig 4

जैसा कि चित्र में दिखाई दे रहा है, भुजाओं की संख्या 4 कम हो जाती है और इस प्रकार इसकी समता को बनाए रखती है।

  • केस ब : 3 भुजाएँ साझा हों। यहाँ m-ओमिनो में उपलब्ध स्थान, जहाँ नया वर्ग जोड़ा जाना है, की प्रकृति के आधार पर कई उप-मामलों में अन्तर को समझाना ज़रूरी है। मध्य भुजा (जहाँ सम्पर्क बनाया गया है) 1 इकाई लम्बी होनी चाहिए, लेकिन अन्य दो भुजाएँ अलग-अलग लम्बाइयों की हो सकती हैं। दोनों ही 1 इकाई लम्बी हो सकती हैं, या फिर एक 1 इकाई लम्बी हो सकती है और दूसरी 1 इकाई से अधिक लम्बी हो सकती है, या दोनों 1 इकाई से अधिक लम्बी हो सकती हैं।
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केस ब.1 : दोनों भुजाओं की लम्बाई 1 इकाई है : p-gon → (p — 4)-gon

जैसा कि देखा जा सकता है, भुजाओं की संख्या 4 है और यह इसकी समता को बनाए रखता है।

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केस ब.2 : एक भुजा 1 इकाई की, और दूसरी भुजा > 1 इकाई : p-gon → (p — 2)-gon

भुजाओं की संख्या 2 है और इस प्रकार इसकी समता को बनाए रखती है।

केस ब.3 : दोनों भुजाएँ > 1 इकाई : p-gon → p-gon

यहाँ भुजाओं की संख्या समान रहती है और इस प्रकार इसकी समता बनाए रखती है।

  • केस स : 2 भुजाएँ साझा हों। पहले की तरह, यहाँ पर भी कई उप-मामले बनते हैं, जो उन दोनों भुजाओं की लम्बाई पर निर्भर करते हैं जहाँ पर नया वर्ग जोड़ा जाना है। दोनों भुजाएँ 1 इकाई लम्बी हो सकती हैं, या एक भुजा 1 इकाई लम्बी हो सकती है और दूसरी 1 इकाई से अधिक हो सकती है, या दोनों 1 इकाई से अधिक लम्बी हो सकती हैं। साथ ही, दोनों भुजाएँ एक-दूसरे से सटी हो सकती हैं या एक-दूसरे के सम्मुख हो सकती हैं।
Low floor high fig 8
केस स.1 : सटी हुई भुजाएँ, दोनों 1 इकाई : p-gon → (p — 2)-gon

भुजाओं की संख्या 2 है और इस प्रकार इसकी समता को बनाए रखती है।

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केस स.2 : सटी हुई भुजाएँ, एक भुजा 1 इकाई, दूसरी भुजा > 1 इकाई : p-gon → p-gon

भुजाओं की संख्या समान रहती है और इस प्रकार इसकी समता बरक़रार रहती है।

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केस स.3 : सटी हुई भुजाएँ, → दोनों > 1 इकाई : p-gon → (p + 2)-gon

भुजाओं की संख्या 2 से बढ़ जाती है और इस प्रकार अपनी समता को बनाए रखती है।

आगे, उन मामलों पर विचार करते हैं जहाँ सम्पर्क की भुजाएँ वर्ग की सम्मुख भुजाएँ हैं। यहाँ भी समान उप-मामले बनते हैं : दोनों भुजाएँ 2 इकाई लम्बी हो सकती हैं, या एक भुजा 2 इकाई लम्बी और दूसरी 2 इकाई से अधिक हो सकती है, या दोनों भुजाएँ 2 इकाई से अधिक लम्बी हो सकती हैं।

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केस स.4 : सम्मुख भुजाएँ जिनमें से प्रत्येक 2 इकाई लम्बी है : p-gon → p-gon
Low floor high fig 12
केस स.5 : सम्मुख भुजाएँ जिनमें से एक की लम्बाई 2 इकाई है और दूसरे की लम्बाई > 2 इकाई : p-gon → (p + 2) -gon
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केस स.6 : दोनों सम्मुख भुजाएँ, जिनकी लम्बाई > 2 इकाई है : p-gon → (p + 4)-gon

प्रत्येक मामले में भुजाओं की संख्या इसकी समता को बनाए रखती है, क्योंकि यह 0, 2 या 4 से बदलती है।

  • केस द : 1 भुजा साझा हो। एक बार फिर, कई उप-मामले बनते हैं, जो उस भुजा की लम्बाई पर निर्भर करते हैं जहाँ नया वर्ग जोड़ा गया है। लम्बाई 1 इकाई हो सकती है (यदि नया वर्ग अन्त में जोड़ा गया है) या > 1 (यदि यह बीच में कहीं जोड़ा गया है)। पहले की तरह नीचे दिखाए गए चित्र नीचे दी गई समस्या को सुलझाते हैं।
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केस द.1: p-gon → p-gon
Low floor high fig 15
केस द.2 : p-gon → (p + 2)-go
Low floor high fig 16
केस द.3 : p-gon → (p + 4)-gon

केसों की यह सूची इस दावे को सिद्ध करती है : भुजाओं की संख्या हमेशा एक सम संख्या (0, 2 या 4) से बदलती है। चूँकि यह शुरुआत में सम है, यह हमेशा सम बनी रहती है।

अन्त में

इस लो फ्लोर हाई सीलिंग गतिविधि के माध्यम से हमने पेंटोमिनो (और सामान्य रूप से पॉलीमिनो) का उदाहरण देते हुए यह बताने की कोशिश की है कि कैसे कुछ बुनियादी अवधारणाओं (उदाहरण के लिए, गिनती) को शामिल करती गतिविधियाँ सामान्य पैटर्न खोजने, परिकल्पना बनाने और उसे प्रमाणित करने के माध्यम से समृद्ध गणित तक का निर्माण कर सकती हैं :

  • क्षेत्रफल और परिमाप को समझना और कैसे वे एक-दूसरे के सम्बन्ध में बदलते हैं (कार्य 4, 5);
  • एक चर की पहचान करना और दूसरे चर (कार्य 4) की गणना करने के लिए उसके साथ एक व्यंजक तैयार करना : यह वह जगह है जहाँ बीजगणित की शुरुआत करने वाला बच्चा, चर (स्वतंत्र और आश्रित) के साथ खेल सकता है। उनका उपयोग करके बीजगणितीय व्यंजक और समीकरण बना सकता है;
  • एक पैटर्न का अवलोकन करना, एक परिकल्पना तैयार करना और आगमन विधि द्वारा उसे प्रमाणित करना (कार्य 6) : एक शक्तिशाली तरीक़ा है जो बच्चों को उच्चतर माध्यमिक स्तर से पहले शायद ही कभी देखने को मिलता है।

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