टेन-फ्रेम्स भारत में बहुत अधिक प्रसिद्ध नहीं हैं। लेकिन इनके कुछ निश्चित लाभ हैं और इन्हें बहुत आसानी से बनाया जा सकता है। कई वेबसाइटों पर वर्चुअल (डिजिटल) टेन-फ्रेम भी उपलब्ध हैं।

एक टेन-फ्रेम 2 × 5 का ढाँचा होता है जिसमें खाने (स्लॉट) बने होते हैं, जिन पर 10 तक की विभिन्न संख्याओं को दर्शाने के लिए काउंटर्स रखे जाते हैं।

Ten-frames fig 1
चित्र-1

यह बच्चों के लिए गिनती सीखने की शुरुआत में बहुत उपयोगी हैं। फ्रेम पर काउंटर रखने की क्रिया के लिए आँखों और हाथों के समन्वय (eye-hand coordination) के साथ-साथ गिनने की क्षमता की भी आवश्यकता होती है। टेन-फ्रेम पर संख्याओं को दर्शाने के दो सम्‍भावित तरीके हैं :

  1. फ्रेम को दो पंक्तियों और पाँच स्तम्‍भों के रूप में व्यवस्थित करें। ऊपरी पंक्ति के खानों को भरें – बाएँ से दाएँ – और फिर निचली पंक्ति को।
Ten-frames fig 2
चित्र-2
  1. फ्रेम को पाँच पंक्तियों और दो स्तम्‍भों के रूप में व्यवस्थित करें। सबसे नीचे वाली पंक्ति के खानों को भरें – पहले बाएँ, फिर दाएँ – और ऊपर की ओर बढ़ें (चित्र-3)।
Ten-frames fig 3
चित्र-3

दोनों व्यवस्थाओं के अपने लाभ हैं। दोनों ही 10 बनाने वाले संख्या युग्मों (जैसे 7+3, 6+4) को याद करने या स्वचालित (automatize)1 करने में मदद करते हैं। यह दो तरह से किया जा सकता है – (i) भरे हुए खानों और खाली खानों की संख्या पर विचार करके, और (ii) फ्रेम को भरने के लिए दो रंगों के काउंटर्स का उपयोग करके (चित्र-4)।

Ten-frames fig 4
चित्र-4

पहली व्यवस्था (क्षैतिज) एकल-अंकों के योग तथ्यों को याद करने में मदद करती है, विशेष रूप से उन योगों के लिए जो दस से अधिक हैं। उदाहरण के लिए 6 + 7 पर विचार करें। यदि पहले फ्रेम को घुमाकर दूसरे के साथ रखा जाए, तो बीच की दो पंक्तियाँ मिलकर एक पूरा फ्रेम यानी ‘दस’ बना देती हैं। यह और शेष बचे एक और दो मिलकर 13 हो जाते हैं (चित्र-5)। यहाँ, 6 और 7 का ‘5 + कुछ’ के रूप में विभाजित होना महत्त्वपूर्ण है। इस श्रेणी के अन्य उदाहरण 5 + 6, 5 + 7, 5 + 8, 5 + 9, 6 + 6, 6 + 8, 6 + 9, 7 + 7, 7 + 8, 7 + 9, 8 + 8, 8 + 9 और 9 + 9 हैं। इसी प्रकार, कोई 7 + 4 (चित्र-6), 8 + 3, 8 + 4, 9 + 2, 9 + 3 और 9 + 4 का भी पता लगा सकता है।

Ten-frames fig 5
चित्र-5
Ten-frames fig-6
चित्र-6

इसलिए, जब बच्चे संख्याएँ सीखने की शुरुआत में ‘टेन-फ्रेम्स’ (ten-frames) के साथ खेलते हैं, तो वे स्वयं इन दृश्यों (visuals) को उत्पन्न कर सकते हैं, कई चीज़ों का अवलोकन करना शुरू कर सकते हैं और विभिन्न सम्‍बन्‍ध बना सकते हैं।

इसी तरह, दूसरी व्यवस्था (ऊर्ध्वाधर) अनिवार्य रूप से सम और विषम संख्याओं को दर्शाती है। इनके नामों को ‘आकृतियों’ से इस प्रकार जोड़ा जा सकता है :

  • विषम (Odd) : वे संख्याएँ जिनके शीर्ष पर एक अकेला (single) काउंटर होता है।
  • सम (Even) : वे संख्याएँ जिनके शीर्ष पर एक जोड़ी (pair) होती है (चित्र-7)।
Ten-frames fig 7
चित्र-7

इस प्रस्तुति (representation) को फिर विषम संख्याओं के लिए 2n + 1 या 2n – 1 और सम संख्याओं के लिए 2n के बीजगणितीय रूपों (algebraic forms) से जोड़ा जा सकता है। इस चित्र के माध्यम से यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि इन तीनों मामलों में n का क्या अर्थ है : सम 2n, विषम 2n + 1 और विषम 2n – 1।

इससे यह भी स्पष्ट हो जाता है कि इन संख्याओं को जोड़ने पर क्या होता है (चित्र-7)। स्पष्ट रूप से, एक सम संख्या जोड़ने से सम-विषम की स्थिति (parity) नहीं बदलती क्योंकि वह संख्या दूसरी संख्या के नीचे आसानी से फिट हो जाती है। इसलिए, सम + सम = सम, और विषम + सम = विषम रहता है। साथ ही, कोई यह देख सकता है कि दो विषम संख्याओं का योग सम कैसे होता है क्योंकि ‘अकेले वाले’ काउंटर आपस में जोड़ी बना लेते हैं! यहाँ इस पर भी चर्चा की जा सकती है कि शून्य सम है या विषम और क्यों।

महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इसे बड़ी संख्याओं तक विस्तारित किया जा सकता है। 9 से बड़ी कोई भी संख्या ‘दहाई’ और ‘इकाई’ से बनी होती है। दहाई, सैकड़ा, हज़ार आदि के सभी समूह सम होते हैं। इसलिए, केवल इकाइयों की संख्या ही किसी भी संख्या के सम या विषम होने का निर्धारण करती है। इसे टेन-फ्रेम के साथ स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है – देखें कि 25 या 34 कैसे दिखते हैं (चित्र-8)।

जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, कई वेबसाइटों पर वर्चुअल टेन-फ्रेम उपलब्ध हैं। इनका विवरण यहाँ दिया गया है :

Ten-frames fig 8
चित्र-8

Toy Theater : सरल फ्रेम और दो रंगों में काउंटर प्रदान करता है। उपयोगकर्ता को फ्रेम पर काउंटर उसी तरह रखने होंगे जैसे एक असली फ्रेम में रखे जाते हैं। हालाँकि, फ्रेम का ओरिएंटेशन (दिशा) निश्चित है, और एक से अधिक फ्रेम का उपयोग करना सम्‍भव नहीं है। इसलिए, यह शुरुआती सीखने वालों के लिए तो अच्छा है, लेकिन इसका दायरा सीमित है।

Math Learning Center : यह टेन-फ्रेम के साथ-साथ दो रंगों में काउंटरों सहित फ्रेम की एक विस्तृत शृंखला प्रदान करता है। काउंटरों को स्क्रीन पर एकल, पाँच के समूहों और दस के समूहों में लाया जा सकता है। फ्रेम का ओरिएंटेशन (दिशा) बदला जा सकता है, और एक साथ कई फ्रेम का उपयोग किया जा सकता है। काउंटरों के रंग भी बदले जा सकते हैं। अन्य पूर्व-निर्धारित फ्रेम 1 × 5, 2 × 10 और 10 × 10 हैं। 2 × 10 का फ्रेम उन जोड़ के तथ्यों (addition facts) को स्वचालित (automatize) करने के लिए उपयोगी हो सकता है जिनका योग 20 के बराबर या उससे कम है। वे चित्र 5-6 (चित्र-9) के अनुरूप वैकल्पिक दृश्य प्रदान कर सकते हैं। यह साइट निश्चित रूप से बहुत अधिक सम्‍भावनाएँ/अवसर देती है।

Ten-frames fig 9
चित्र-9

Mathigon Polypad : इसमें टेन-फ्रेम और दो रंगों के काउंटर शामिल हैं। फ्रेम का ओरिएंटेशन (दिशा) और काउंटरों के रंग बदले जा सकते हैं। चित्र 4-8 इसी साइट का उपयोग करके बनाए गए हैं। साथ ही, एक से अधिक फ्रेम का भी उपयोग किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, इसमें संख्याएँ पहले से ही ‘सम-विषम’ (odd-even) प्रारूप में समूहित (grouped) हैं, जिनका उपयोग चित्र 7-8 में किया गया है। ये त्वरित हेरफेर (quick manipulation) की सुविधा देकर अन्वेषण की कई सम्‍भावनाएँ प्रदान करते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि कोई भी साइट ‘5 + कुछ’ वाला प्री-ग्रुप संस्करण नहीं देती है, लेकिन उन्हें आसानी से बनाया जा सकता है। मैथ स्पेस (Math Space) की वेबसाइट पर उपलब्‍ध हैं :

  • टेन-फ्रेम बनाने के तरीके – 3 संस्करण : (i) बच्चों के लिए खाली फ्रेम : ताकि वे स्वयं काउंटरों को रखकर अभ्यास कर सकें। (ii) शिक्षकों के लिए पहले से भरे हुए फ्रेम : प्रदर्शन और उदाहरण देने के लिए। (iii) पहले से समूहित (भरे हुए और कटे हुए) संस्करण : बड़े बच्चों और अधिक जटिल गतिविधियों के लिए। इसमें दो प्रकार के लेआउट शामिल हैं — ‘सम-विषम’ (odd-even) और ‘5 + कुछ’ ।
  • जोड़ के संख्या पैटर्न को प्रदर्शित करने वाले पोस्टर : (i) ‘5 + कुछ’ प्रारूप का उपयोग करना : (जैसे 7 को ‘5 + 2’ के रूप में दिखाना)। (ii) सम-विषम लेआउट : (जोड़ियों के माध्यम से संख्याओं की संरचना दिखाना)।

1 लगभग बिना सोचे तुरन्‍त जवाब देने की क्षमता, साथ ही पूछे जाने पर उसे सही ठहराने की क्षमता (क्योंकि तथ्य को समझा और आत्मसात किया गया है, यह इसे रटने से अलग बनाता है)।

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