BODMAS : तिल का ताड़?
अधिकांश राज्यों में BODMAS को उच्च प्राथमिक स्तर पर पढ़ाया जाता है। शिक्षकों ने BODMAS को पढ़ाने में सहायता की आवश्यकता लगातार व्यक्त की है। उनके प्रश्न मुख्य रूप से इन बातों के आस-पास केन्द्रित होते हैं :
- क्या यह एक परिपाटी है?
- संक्रियाओं के क्रम में पदानुक्रम (hierarchy) क्यों?
BODMAS क्या है?
BODMAS, PEMDAS या PIMDAS अंकगणितीय व्यंजकों को हल करने में उपयोगी “संक्रियाओं के क्रम” की परिपाटी को याद रखने के लिए प्रथम अक्षरों के संकलन से बनने वाले शब्द हैं।
इस परिपाटी के अनुसार, जब किसी विद्यार्थी का एक से अधिक संक्रियाओं वाले अंकगणितीय व्यंजक से पाला पड़ता है, तो विद्यार्थी व्यंजक को निम्न क्रम में सरल करता है :
- सबसे पहले, कोष्ठक (Brackets)
- फिर घातांक (Exponentiation)
- फिर भाग या गुणा (बाएँ से दाएँ पढ़ने पर जो भी पहले आता हो)।
- अन्त में जोड़ या घटाव (बाएँ से दाएँ पढ़ने पर जो भी पहले आता हो)।
टीप : PEMDAS में, E का मतलब Exponent (घातांक) है, जो BODMAS में ‘0’ के लिए आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले ‘of’ (‘का’) से बेहतर है। यह ‘0’ विद्यार्थियों को भ्रमित कर सकता है। कुछ शिक्षक BODMAS में ‘O’ को घातांक के Order (क्रम) के रूप में देखते हैं, न कि Of’ के रूप में। यदि इसका उपयोग किया जाता है तो BODMAS शब्द की अनुशंसा की जा सकती है, क्योंकि शब्द ‘Bracket’ (ब्रैकेट) विद्यार्थियों के लिए ‘Parentheses’ (पेरेन्थसेस) की तुलना में सरल है। खैर, चाहे जो भी चुनें, सुझाव यह है कि शिक्षक लगातार किसी एक ही संक्षिप्त रूप का उपयोग करें।
उदाहरण : \(2 × (3 – 5) + 7^{3}\) को हल करने के लिए
BODMAS के अनुसार, हम सबसे पहले उसे हल करते हैं जो ब्रैकेट में है : \(2 × (–2) + 7^{3}\)
फिर घातांक क्रम (ऑर्डर) : \(2 × (–2) + 343\)
फिर गुणा :\( – 4 + 343\)
फिर घटाना : 339
मुद्दे और ग़लतफ़हमियाँ
कई विद्यार्थी इस परिपाटी को आँख बन्द करके स्वीकार कर लेते हैं। मुख्यतः इसलिए क्योंकि वे सभी अलग-अलग प्रतीकों के साथ उलझ रहे होते हैं और इस परिपाटी को एक सहायक रणनीति समझने की गलती करते हैं। कुछ विद्यार्थी इस परिपाटी के कारण के बारे में शिक्षक से सवाल पूछते हैं और मिलने वाले जवाबों से अक्सर असन्तुष्ट होते हैं। तथ्य यह है कि उक्त परिपाटी विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए एक हौआ बन गई है। जब भिन्नों के साथ कई संक्रियाओं को प्रस्तुत किया जाता है, तो विद्यार्थियों पर इस परिपाटी को याद रखने और सही तरीक़े से इस्तेमाल करने का एक और बोझा लाद दिया जाता है। जाहिर है, इस परिपाटी के पीछे के तर्क के बारे में अधिक समझने से विद्यार्थियों को सवाल को बेहतर ढंग से हल करने में मदद मिलेगी।
BODMAS इस क्रम में क्यों होता है?
आइए, हम दो या अधिक संख्याओं के बीच एक ही संक्रिया से शुरुआत करें।
उदाहरण के लिए, 6 + 2, 6 × 2, 6 ÷ 2…
या 6 + 3 + 4 + 5 + 3……
या 3 × 2 × 6 × 8 × 5….
यह विद्यार्थियों के लिए स्पष्ट हैं, खासकर तब जब यह दैनिक जीवन की परिस्थितियों से सम्बन्धित विभिन्न सन्दर्भों पर लागू होते हौं।
हालाँकि वास्तविक जीवन में बच्चे का अक्सर उन परिस्थितियों से सामना होता है जिसमें एक से अधिक संक्रियाएँ उपयोग में लाई जाती हैं। उदाहरण के तौर पर :
अम्मा ने रवि, रीना और मनिथ को 2-2 बिस्कुट दिए। बॉक्स में 4 बिस्कुट और थे। बताओ, कुल कितने बिस्कुट थे?
- हम इसे 2 + 2 + 2 + 4 के रूप में हल कर सकते हैं और आसानी से 10 उत्तर प्राप्त कर सकते हैं।
- इसी सवाल को इस तरह भी लिखा जा सकता है : 2 × 3 + 4
इसे हल करने की निम्न सम्भावनाएँ हो सकती हैं-
6 + 4 = 10 (यहाँ गुणा करने के बाद जोड़ा है)
2 × 7 = 14 (यहाँ, जोड़ने के बाद गुणा किया है)
केवल जोड़ का इस्तेमाल करके हम यह पहले ही देख चुके हैं कि सही उत्तर 10 है। 2 के बार-बार जोड़ने को 2 × 3 के रूप में संक्षिप्त किया गया था और फिर इसे 6 के रूप में सरलीकृत किया गया था जिसमें 4 जोड़ा गया था। चूँकि सवाल का सन्दर्भ पता था, इसलिए स्वाभाविक था कि हम सही उत्तर की पहचान कर सकते थे।
यदि सन्दर्भ पता नहीं हो तो क्या होगा? क्या हम बस बाएँ से दाएँ पढ़ते जाएँगे और जैसे-जैसे आगे बढ़ते जाएँगे इसे हल करते जाएँगे?
आइए, हम 2 + 3 × 4 पर विचार करें विकल्प :
- 5 × 4 = 20 (यहाँ, जोड़ने के बाद गुणा किया गया है।)
- 2 + 12 = 14 (यहाँ, गुणा करने के बाद जोड़ा गया है)
हम कैसे तय करेंगे कि कौन-सा विकल्प सही है?
ज़ाहिर है, एक मज़बूत परिपाटी की ज़रूरत है। आइए हम जोड़ और घटाव की प्राथमिक संक्रियाओं के साथ शुरू करते हैं। 3 + 3 + 3 + 3 + 2 + 2 – 7 + 4 – 7 – 7 + 5 + 4…. (1)
इस स्थिति में हम बाएँ से दाएँ या दाएँ से बाएँ या मिश्रित क्रम में हल कर सकते हैं। चाहे जैसे भी करें हम हमेशा एक ही परिणाम पर पहुँचते हैं, बशर्ते कि हम पूर्णांकों के जोड़ और घटाव को सही ढंग से करें।
यह जानते हुए कि गुणा बार-बार जोड़ने की प्रक्रिया है, उपरोक्त समीकरण को इस तरह सरल किया जा सकता है : 4 × 3 + 2 × 2 + 3 × –7 + 2 × 4 + 5, जिसे पढ़ा जाएगा 3 को 4 बार जोड़ा गया, फिर इसमें 2 को 2 बार जोड़ा गया, फिर इसमें -7 को 3 बार जोड़ा गया, फिर इसमें 4 को 2 बार जोड़ा गया, फिर इसमें 5 जोड़ा गया। इसे सरल करने पर 12 + 4 – 21 + 8 + 5 = 8 मिलता है।
इसने हमारी गणना को सरल और आसान बना दिया, लेकिन इसके साथ ही जोड़ और घटाव पर गुणन की संक्रिया-प्रधानता का क्रम भी आया। इसी तरह, भाग यानी बार-बार घटाना है, यह भी जोड़ और घटाव से पहले आता है। उपर्युक्त उदाहरण से स्पष्ट है कि गुणा यानी बार-बार जोड़ना है। इसी तरह, भाग यानी बार-बार घटाना है और घातांक यानी बार-बार गुणा करना है।
उपर्युक्त उदाहरण से स्पष्ट है कि गुणा यानी बार-बार जोड़ना है। इसी तरह, भाग यानी बार-बार घटाना है और घातांक यानी बार-बार गुणा करना है।
यह पदानुक्रम ही BODMAS परिपाटी का कारण बना। इस पदानुक्रम में जोड़ और घटाव का क्रम समान है। इसी तरह गुणा और भाग का क्रम भी समान है, हालाँकि, एक चेतावनी ज़रूर है जिसे थोड़ा बाद में समझाया जाएगा। यह वास्तविक और सम्मिश्र संख्याओं के समुच्चय के लिए सही है। तो, यह ODMAS परिपाटी की उत्पति का एक तर्क देता है। यहाँ कोष्ठक ‘B’ के बारे में आपका क्या ख़याल है? जब इस पदानुक्रमित क्रम को तोड़ने की आवश्यकता होती है, तो कोष्ठक का उपयोग उन पर्दो को साथ रखने के लिए किया जाता है, जिन्हें पहले हल करने की आवश्यकता होती है।
इसलिए, यदि (1) में दिया गया व्यंजक :
3 – (5 + 3) – 5 + 7 × 7 × 7 है, तो यह इस प्रकार हल हो जाएगा : 3 – 8 – 5 + 7 x 7 x 7 या 3 – 8 – 5 + 343 = 333
अन्त में, हम गुणा और भाग के बीच आन्तरिक पदानुक्रम पर विचार करते हैं। 12 ÷ 3 × 2 स्थिति पर विचार करें तो विकल्प :
- 4 x 2 = 8 (यहाँ भाग करने के बाद गुणा किया गया है)
- 12 ÷ 6 = 2 (यहाँ भाग, गुणा करने के बाद किया गया है)
चूँकि संक्रियाओं के पदानुक्रम में गुणा और भाग का क्रम समान है, तो स्पष्ट रूप से हमें एक परिपाटी की आवश्यकता है ताकि इसे हल करते समय किसी भी तरह की अस्पष्टता से बचा जा सके। इस एकरूपता को बनाए रखने के लिए, परिपाटी यह है कि बाएँ से दाएँ ओर पढ़ने में जो भी संक्रिया (भाग या गुणा) पहले आती है, उसे पहले करना है।*
(*हालांकि यह चर्चा केवल पूर्णांकों तक ही सीमित है. पर बाद के चरण में इन तर्कों को परिमेय संख्याओं के लिए भी बढ़ाया जा सकता है। और उस स्थिति में बच्चों का ध्यान इस बात पर दिलाया जा सकता है कि सभी भाग (÷ n) गुणन (x 1/n) हैं और इसी तरह सभी घटाव (- n) जोड (+(-n)) भी हैं।)
इसलिए, BODMAS परिपाटी द्वारा, उपरोक्त सवाल का सही उत्तर 8 है, 2 नहीं। इस आन्तरिक पदानुक्रम की इस सूक्ष्मता ने कई विवादों को जन्म दिया है। एक सामान्य-से गूगल सर्च के ज़रिए आप इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह के कुछ विवाद लिंक https://www.popularmechanics.com/ science/math/a28569610/viral-math-problem 2019-solved/ और https://twitter.com/kmgelic/ status/1155598050959745026 में दिए गए हैं।
BODMAS नियम के सही उपयोग और बाएँ से दाएँ पढ़ने की चेतावनी के साथ जब यह बात आती है कि भाग या गुणा में से किसे पहले किया जाना चाहिए, तो उत्तर में कोई अस्पष्टता नहीं होती है। BODMAS की अधूरी समझ इस तरह के अनावश्यक भ्रम को जन्म देती है।
टीप : जोड़ और घटाव के मामले में इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता। 5 + 3 – 2 के लिए 8 – 2 या 5 + 1 दोनों एक ही उत्तर देंगे, यह मानते हुए कि पूर्णांकों के साथ संक्रियाओं के नियम सही तरीक़े से लागू किए गए हैं।
सुझाया गया शैक्षणिक दृष्टिकोण :
- इबारती सवालों के माध्यम से दर्शाना दो संक्रियाओं वाले इबारती सवालों को लेना, किसी प्रसंग को प्रतीकों के रूप में तब्दील करने और फिर उत्तर खोजने के लिए उसे हल करने की एक अच्छी शुरुआत हो सकती है।
उदाहरण 1 : शानू एक बॉक्स में 12 सेब पैक करती है। उसने 3 बक्से ही भरे थे कि 2 सेब बच गए। उसके पास कुल कितने सेब थे?
इसे प्रतीकात्मक रूप में इस प्रकार लिखेंगे,
3 x 12+2
दी गई परिपाटी के अनुसार, हमें पहले गुणा करके, फिर जोड़ना होगा।
36+2=38
टीप : सवाल दर्शाते समय,
- बच्चा सबसे पहले स्थिति का चित्र बनाएगा

- और फिर चरणबद्ध तरीक़े से हल करके उत्तर निकालेगा :
3 x 12 = 36
36 + 2 = 38
अन्ततः, शिक्षक उन्हें चित्रों का सहारा लिए बगैर अंकगणितीय व्यंजकों को सीधे हल की प्रक्रिया करने के लिए प्रेरित कर सकेंगे।
उदाहरण 2 : एक टोकरी में 24 आम रखे हैं। उनमें से 3 सड़े हुए हैं। बचे हुए आमों को चन्दर और उसके दो दोस्त आपस में बॉंट लेते हैं। उनमें से प्रत्येक को कितने अच्छे आम मिलेंगे?
इसे प्रतीकात्मक रूप में इस प्रकार लिखेंगे,
(24 – 3) ÷ 3
24 में से 3 निकाल लेने से 21 बचता है। अब इन 21 आमों को 3 के बीच बॉंटने का मतलब भाग करना है।
21 ÷ 3=7
शिक्षक को इस सवाल में कोष्ठक की भूमिका पर चर्चा करनी चाहिए। यदि यही समीकरण कोष्ठक के बिना लिखा जाता, तो यह 24 – 3 ÷ 3 होगा। इसे BODMAS के नियमों के अनुसार सरल करने पर 24 – 1 = 23 आएगा। इस तरह के अभ्यास से विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक निरूपण के महत्त्व और परिपाटियों की आवश्यकता को समझने में मदद मिलेगी।
- किसी दिए गए समीकरण के लिए कहानी लिखना।
उदाहरण : 5 x 2 + 4
विद्यार्थियों को यह व्यंजक दिया जा सकता है और ऐसी कहानी बनाने के लिए कहा जा सकता है जिसमें इस गणना का उपयोग हो।
उदाहरण : मेधा ने पुस्तकों को 2 बैंचों तक बाँटा और 4 पुस्तकें शेष बच गई। कुल कितनी किताबें थीं। कहानी शब्दों या चित्रों किसी भी रूप में हो सकती है। इसे जोड़ियों में भी किया जा सकता है जिसमें एक विद्यार्थी चित्र बनाए और दूसरा कहानी।
- नियम के पीछे के तर्क को समझना और आगमन विधि (Induction method) के ज़रिए उस पर पहुँचना।
उदाहरण 1 : 53 + 53 + 53 + 53 + 53 + 53 + 27
- इस व्यंजक को किसी भी क्रम में हल किया जा सकता है।
- आइए, हम सरल और गणना करने में आसान बनाने के लिए इसे छोटा करते हैं। चूंकि 53 को 6 बार जोड़ा गया है,
इसलिए इस व्यंजक को इस प्रकार लिखा जा सकता है :
6 x 53 + 27
(उन्हें इस प्रकार पढ़ने के लिए कहें 6 गुना 53 में 27 जोड़ा गया है और इसलिए संक्रिया का क्रम, गुणा के बाद जोड़ना होगा।)
= 318 + 27 = 345
यह बात विद्यार्थियों के ध्यान में लाई जानी चाहिए कि पहले गुणा करना है, फिर जोड़ना है। साथ ही यह भी बताना चाहिए कि अगर इस सवाल में पहले जोड़ा जाए, और फिर गुणा किया जाए तो इसका हल क्या होगा।
उदाहरण 2 : 34 + 102 + 102 + 102
- इस समीकरण को 34 + 3 × 102 के रूप में लिखा जा सकता है। इसका मतलब है कि 34 को, 3 गुना 102 में जोड़ा गया है।
- नियम के अनुसार संक्रियाओं का क्रम होगा, कि 102 को 3 से गुणा किया जाए और फिर 34 में जोड़ा जाए।
34 + 306 = 340
एक बार फिर हम देखते हैं कि गुणा,जोड़ के पहले आया है।
टीप : विद्यार्थी इस सवाल को 34 + (3 × 102) के रूप में लिख सकते हैं, लेकिन उन्हें यह समझने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए कि कोष्ठक इस सवाल में अनावश्यक है। ऐसी चर्चा से उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि गणित की भाषा कितनी सटीक और संक्षिप्त है।
उदाहरण 3 : 17 – 25 – 25 + 17 + 17 + 17 + 17 – 25 + 17
- इस व्यंजक को 17 x 6 – 25 × 3 के रूप में लिखा जा सकता है। इसे 6 गुना 17 में से 3 गुना 25 को घटाकर हल किया जाना है।
- अब, संक्रिया का क्रम गुणा करने के बाद घटाना है; 102 – 75 = 27
टीप : शिक्षक को विद्यार्थियों को यह देखने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए कि गुणा गणना की प्रक्रिया को कैसे छोटा करता है। परिणामस्वरूप वे ऐसे व्यंजक बना सकते हैं जिन्हें एक से अधिक संक्रियाओं का उपयोग करके छोटा किया गया हो।
उदाहरण 4 : 12 – 3 – 3 + 2 – 3
- इस व्यंजक को (12 + 2) – (3 x 3) के रूप में छोटा किया जा सकता है। हमने 12 को 2 में जोड़ा है जिसमें से हमें 3 गुना 3 को घटाने की आवश्यकता है।
- इसलिए, हम कोष्ठक की मदद से समीकरण को सरल बनाते हैं और फिर घटाते हैं। = 14 – 9 = 5
- समीकरण के अर्थ को समझना
यहाँ विद्यार्थी समीकरण को पढ़ेंगे और संक्रिया के क्रम को बताएँगे।
उदाहरण 1 : 3 + 4 × 5
- 3 को 4 गुना 5 में जोड़ा गया।
- इसलिए, हमें पहले 4 और 5 को गुणा करना होगा और फिर उसमें 3 जोड़ना होगा। = 3 + 20 = 23
उदाहरण 2 : 6 × 5 – 8 ÷ 2
- परिपाटी के नियमानुसार बाएँ से दाएँ पढ़ते हुए हमें पहले यहाँ गुणा करना है, फिर भाग करना है और फिर घटाना है। पहले हम 6 x 5 को सरल करके 30 प्राप्त करते हैं।
- फिर 8 ÷ 2 को सरल करके 4 प्राप्त करते हैं।
- अब इसका उत्तर 30 – 4 यानी 26 होगा।
विद्यार्थियों को यह बताने में सक्षम होना चाहिए : कि बाएँ से दाएँ पढ़ते हुए हम पहले गुणा करते हैं, फिर भाग और फिर घटाते हैं।
संक्षेप में, BODMAS केवल यह बताता है कि गणना को स्पष्ट करने के लिए पहले कोष्ठक को खोला जाना चाहिए, उसके बाद दो उच्च संक्रियाओं (गुणा/भाग) में से किसी एक को, दो निम्न संक्रियाओं (जोड़/घटा) में से किसी एक को पहले किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि उच्च क्रम की संक्रियाओं को पहले किया जाना चाहिए।
- http://www.math.ucdenver.edu/~jloats/Student%20pdfs/4_Order%20of%20OperationsSass.pdf
- http://mathforum.org/library/drmath/view/52582.html
- https://www.scienceabc.com/eyeopeners/why-bodmas-or-pedmas-is-in-the-order-that-it-is.html
- https://www.thecalculatorsite.com/articles/math/bodmas-order-of operations.php
- https://en.wikipedia.org/wiki/Order_of_operations