विभाज्यता नियम स्कूली गणित में, विशेष रूप से उच्च प्राथमिक कक्षाओं में, अध्ययन के महत्त्वपूर्ण विषयों में से एक है। इनकी मदद से हम तुरन्त पहचान सकते हैं कि क्या एक संख्या दूसरे से विभाज्य है। हम किसी संख्या की 2, 3, 4, 5, 6, 8, 9, 10 आदि से विभाज्यता जाँचने की विभिन्न विधियाँ जानते हैं। यह भी स्पष्ट है कि कुछ संख्याओं की किसी संख्या से विभाज्यता की जाँच करना काफ़ी आसान है, जबकि कुछ संख्याओं के लिए यह थोड़ा जटिल है।

7 से विभाज्यता चुनौतीपूर्ण होती है। नियम को सरल बनाने के कई प्रयास किए गए हैं। चिका ओफिली का 7 से विभाज्यता नियम (चिका का नियम) हाल ही में खोजा गया एक नियम है। यहाँ, हम मौजूदा तरीक़ों का उपयोग करके 7 के लिए तीन अलग-अलग विभाज्यता विधियों पर चर्चा करेंगे, जो इस अवधारणा में नए आयाम जोड़ती हैं।

विधि-1 : इकाई के अंक को दुगना करना

दी गई संख्या लीजिएइकाई अंक को हटा दें और छँटी (बची) हुई संख्या लिखें। हटाए गए इकाई अंक को दुगना करेंछँटी हुई संख्या में से दुगना किया गया अंक घटाएँयदि योग या तो 0 है या 7 का गुणज है, तो मूल संख्या 7 से विभाज्य है (यदि आवश्यक हो तो इस प्रक्रिया को दोहराएँ)
532532 × 2 = 453 – 4 = 4949, 7 से विभाज्य है इसलिए 532 भी 7 से विभाज्य है
427422 × 7 = 1442 − 14 = 2828, 7 से विभाज्य है इसलिए 427 भी 7 से विभाज्य है
29792
2975
287
2979
297
28
2 × 2 = 4
2 × 5 = 10
2 × 7 = 14
2979 − 4 = 2975
297 − 10 = 287
28 − 14 = 14
शेष संख्या 2975 के लिए प्रक्रिया को दोहराएँ
287 के लिए प्रक्रिया को दोहराएँ
14, 7 से विभाज्य है इसलिए 29792 भी 7 से विभाज्य है
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उपरोक्त उदाहरणों से समझ में आता है कि यह विधि तीन-अंकीय संख्या के लिए लम्बे विभाजन के बिना 7 से विभाज्यता की जाँच करने के लिए उपयोगी है, लेकिन 4 या ज़्यादा अंकों वाली संख्याओं के लिए काफ़ी लम्बी है।

नियम का आधार

माना कि \(N = 1000\ a_{3}+ 100\ a_{2} + 10\ a_{1} + a_{0}\)
(जहाँ \(a_{0}, a_{1}, a_{2}, a_{3}\) 4 अंकों की संख्या N के अंक हैं)

नियम के अनुसार, हम N के इकाई अंक के बिना, यानी छँटी हुई संख्या (जैसे \(N_{T}\)) लिखते हैं, और फिर छँटी हुई संख्या \(N_{T}\) में से इकाई अंक का दुगना घटाकर एक नई संख्या (M) प्राप्त करते हैं।

\(N_{T} = 100\ a_{3}+ 10\ a_{2} + a_{1}\) (संख्या के छँटने के बाद स्थानीय मानों में परिवर्तन पर ध्यान दें।)
\(M = N_{T} – 2a_{0} = 100\ a_{3} + 10\ a_{2} + a_{1} – 2a_{0}\)

हमारा नियम कहता है कि यदि M, 7 का गुणज है, तो N भी 7 का गुणज है।
मान लें कि M, 7 का गुणज है, यानी किसी पूर्ण संख्या k के लिए M = 7k।

इसलिए, \(M = 7k = 100 a_{3} + 10 a_{2} + a_{1} – 2a_{0}\) or \(100 a_{3} + 10 a_{2} + a_{1} =7k + 2a_{0}.\) N में इस मान को रखने पर,

\(N = 1000\ a_{3} + 100\ a_{2} + 10\ a_{1} + a_{0}\)
\(N = (1000\ a_{3} + 100\ a_{2} + 10\ a_{1} )+ a_{0} = 10(100\ a_{3} + 10\ a_{2} + a_{1} ) + a_{0}\)
\(= 10(7k + 2a_{0}) + a_{0} = 70k + 21a_{0} = 7(10k + 3a_{0})\)

इसलिए, यदि M 7 का गुणज है, तो N भी 7 का गुणज है। इसे आसानी से कितने भी अंकों वाली संख्या के लिए सामान्यीकृत किया जा सकता है।

विधि-2 : इकाई अंक को 5 से गुणा करना

दी गई संख्या लीजिएइकाई अंक को हटा दें और छँटी (बची) हुई संख्या लिखें। इकाई अंक को 5 से गुणा करनापरिणाम को छँटी हुई संख्या में जोड़ेंयदि घटाने पर शेष 0 है या 7 का गुणज है, तो मूल संख्या 7 से विभाज्य है। (यदि आवश्यक हो तो इस प्रक्रिया को दोहराएँ)
378378 × 5 = 4037 + 40 = 7777, 7 से विभाज्य है इसलिए 378 भी 7 से विभाज्य है
24642465 × 4 = 20246 + 20 = 266266 के लिए प्रक्रिया को दोहराएँ
266266 × 5 = 3026 + 30 = 5656, 7 का गुणज है, इसलिए 266 और 2464 दोनों संख्याएँ 7 से विभाज्य हैं
29792
2989
343
2979
298
34
2 × 5 = 10
9 × 5 = 45
3 × 5 = 15
2979 + 10 = 2989
298 + 45 = 343
34 + 15 = 49
2989 के लिए प्रक्रिया को दोहराएँ 343 के लिए प्रक्रिया को दोहराएँ
49, 7 का गुणज है इसलिए 343, 2989 और 29792, तीनों संख्याएँ 7 से विभाज्य हैं
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इस विधि के लिए, कोई भी निम्नानुसार औचित्य प्रदान कर सकता है, जो बहुत हद तक पिछले वाले के समान ही है।

माना कि \(N = 1000\ a_{3} + 100\ a_{2}+ 10\ a_{1} + a_{0}\)
(जहाँ \(a_{0}, a_{1}, a_{2}, a_{3}\) 4 अंकों की संख्या, N के अंक हैं)

नियम के अनुसार हम N के इकाई अंक के बिना, यानी छँटी हुई संख्या (जैसे NT) लिखते हैं, और फिर NT में इकाई अंक का पाँच गुना जोड़कर एक नई संख्या (मान लें M) प्राप्त करते हैं।

\(N_{T} = 100\ a_{3}+ 10\ a_{2} + a_{1}\)
\(M = N_{T} + 5a_{0} = 100\ a_{3} + 10\ a_{2} + a_{1} + 5a_{0}\)

हमारा नियम कहता है कि यदि M, 7 का गुणज है, तो N भी 7 का गुणज है।
मान लें कि M, 7 का गुणज है, यानी किसी पूर्ण संख्या k के लिए M = 7k।

इसलिए, \(M = 7k = 100 a_{3} + 10 a_{2} + a_{1} + 5a_{0}\) या \(100 a_{3} + 10 a_{2} + a_{1} =7k – 5a_{0}\). N में इस मान को रखने पर,

\(N = 1000\ a_{3} + 100\ a_{2} + 10\ a_{1} + a_{0}\)
\(N = (1000\ a_{3} + 100\ a_{2} + 10\ a_{1} )+ a_{0} = 10(100\ a_{3} + 10\ a_{2} + a_{1} ) + a_{0}\)
\(= 10(7k – 5a_{0}) + a_{0} = 70k – 49a_{0} = 7(10k – 7a_{0})\)

इसलिए, यदि M 7 का गुणज है, तो N भी 7 का गुणज है। इसे आसानी से कितने भी अंकों वाली संख्या के लिए सामान्यीकृत किया जा सकता है।

विधि-3 : अंकों का समूह बनाना (नियम 1-3-2)

कोई भी संख्या लीजिएइकाई अंक से आरम्भ करते हुए तीन अंकों के समूह बनाएँप्रत्येक समूह में सबसे दाएँ वाले अंक को 1 से, अगले वाले को 3 से और सबसे बाएँ वाले अंक को 2 से गुणा करेंसभी विषम समूहों को जोड़ेंसभी सम समूहों को जोड़ें(c-d) का अन्तर
abcde
N₁ = 6726726 × 2 + 7 × 3 + 2 × 1 = 3535035
परिणाम:|c–d|= 35, 7 से विभाज्य है। अतः संख्या N3 भी 7 से विभाज्य है।
N₂ = 4704004 7044 × 1 = 4
7 × 2 + 0 × 3 + 4 × 1 = 18
184|18 − 4| = 14
परिणाम:|c–d|= 14, 7 से विभाज्य है इसलिए, संख्या N2 भी 7 से विभाज्य है।
N₃ = 32921032
921
3 × 3 + 2 × 2 + 1 × 1 = 11
9 × 2 + 2 × 3 + 1 × 1 = 25
2511|25 − 11| = 14
परिणाम:| c – d |= 14 is divisible by 7. So, the number N3 is also divisible by 7.
N₄ = 197526197
526
1 × 2 + 9 × 3 + 7 × 1 = 36
5 × 2 + 2 × 3 + 6 × 1 = 22
2236|36 − 22| = 14
परिणाम:|c–d |= 14, 7 से विभाज्य है इसलिए, संख्या N4 भी 7 से विभाज्य है।
N₅ = 164953552568164
953
525
268
1 × 2 + 6 × 3 + 4 × 1 = 24
9 × 2 + 5 × 3 + 3 × 1 = 36
5 × 2 + 2 × 3 + 5 × 1 = 21
2 × 2 + 6 × 3 + 8 × 1 = 30
30 + 36 = 6621 + 24 = 45|66 − 45| = 21
परिणाम:21, 7 से विभाज्य है इसलिए, संख्या N5 भी 7 से विभाज्य है।

यह 7 से विभाज्यता की जाँच करने का एक और तरीक़ा है। आइए इसे चरण-दर-चरण समझते हैं।

  1. संख्या के इकाई स्थान से आरम्भ करते हुए तीन अंकों के समूह बनाएँ। शेष अंक अन्तिम समूह में शामिल होंगे। क्रमशः पहला समूह विषम, दूसरा समूह सम, तीसरा विषम वग़ैरह होंगे।
  2. प्रत्येक समूह में सबसे दाएँ अंक को 1 से, अगले वाले को 3 से और सबसे बाएँ वाले अंक को 2 से गुणा करें।
  3. प्रत्येक समूह में प्राप्त सभी गुणनफल को जोड़ें।
  4. विषम और सम समूहों का योग ज्ञात कीजिए।
  5. यदि इन दोनों योगों का अन्तर, 7 से विभाज्य है या 0 है, तो मूल संख्या 7 से विभाज्य होगी।

नियम का आधार

माना कि \(N = 100000\ a_{5} + 10000\ a_{4} + 1000\ a_{3} + 100\ a_{2} + 10\ a_{1} + a_{0}\)
(जहाँ \(a_{0}, a_{1}, a_{2}, a_{3}, a_{4}, a_{5},\) 6 अंकों की संख्या, N के अंक हैं)

\(S1 = a_{0} \times 1 + a_{1} \times 3 + a_{2} \times 2\)
\(S2 = a_{3} \times 1 + a_{4} \times 3 + a_{5} \times 2\)
\(M = S_{1} – S_{2}\)

हमारा नियम कहता है कि यदि M, 7 का गुणज है, तो N भी 7 का गुणज है।
मान लें कि M, 7 का गुणज है, यानी किसी पूर्ण संख्या k के लिए M = 7k।

\(7k = (a_{0} × 1 + a_{1}, × 3 + a_{2} × 2) – ( a_{3} × 1 + a_{4} × 3 + a_{5} × 2)\)
\(= (-2a_{5} – 3a_{4} – a_{3} + 2a_{2} + 3a_{1} + a_{0})\)

\(N = (100002a_{5} – 2a_{5}) + (10003a_{4} – 3a_{4}) + (1001a_{3} – a_{3}) + (98a_{2} + 2a_{2})\) \(+ (7a_{1} + 3a_{1}) + a_{0}\)

\(N = 7(14286a_{5} + 1429a_{4} + 143a_{3} + 14a_{2} + a_{1}) + (-2a_{5} – 3a_{4} – a_{3} + 2a_{2}\) \(+ 3a_{1} + a_{0})\)

\(N = 7(14286a_{5} + 1429a_{4} + 143a_{3} + 14a_{2} +a_{1}) + 7k\)

इसलिए, यदि M 7 का गुणज है, तो N भी 7 का गुणज है। इसे आसानी से कितने भी अंकों वाली संख्या के लिए सामान्यीकृत किया जा सकता है।

नोट : नियम 1-3-2 का उपयोग 2 या अधिक अंकों वाली किसी भी संख्या के लिए किया जा सकता है। यह हमें किसी भी संख्या की 7 से विभाज्यता आसानी से और शीघ्रता से ज्ञात करने में मदद कर सकता है।

तुलना

तरीक़ाआवश्यक संक्रियाएँटिप्पणी
इकाई अंक को दोगुना करना×, –2 या 3 अंकीय संख्याओं के लिए उपयोगी।
इकाई अंक को 5 से गुणा करना×, +2 या 3 अंकीय संख्याओं के लिए उपयोगी।
नियम 132×, +, – समूहीकरणतीन अंक से अधिक अंक वाली संख्याओं के लिए उपयोगी।

इस तरह की खोजबीन से शिक्षकों को ऐसे पाठों की योजना बनाने में मदद मिलती है, जिससे विद्यार्थियों में समस्या समाधान, तार्किक सोच और गणनात्मक (अभिकलनात्मक) सोच की क्षमता विकसित होती है। विद्यार्थी गणित और गणनात्मक सोच की अमूर्तताओं और अन्य मुख्य तकनीकों, जैसे घटनाओं की गणितीय मॉडलिंग और समस्याओं को हल करने के लिए कलन के विकास के साथ काम करने में सहज हो जाते हैं। . (NCF-SE 2023).

यदि विभाज्यता नियमों का शिक्षण संख्या कौशल का अभ्यास करने पर ही रुक जाता है, तो हम ऐसे समृद्ध विषय की क्षमता को, गम्भीर रूप से सीमित कर रहे हैं। यह पूछना कि नियम क्यों काम करता है, इसका सामान्यीकरण करने का प्रयास करना, विभिन्न नियमों की तुलना करना और फिर अपने स्वयं के नियम बनाने का प्रयास करना, विद्यार्थियों में न केवल गणितीय क्षमता विकसित करेगा बल्कि विषय का आनन्द और सौन्दर्य की समझ भी प्रदान करेगा।

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