भिन्न गुणन के लिए दृश्य विधि
इस लेख में भिन्नों के गुणन के लिए काग़ज़ मोड़ने (paper folding) की विधि पर आधारित एक सामान्यीकृत दृश्य (visual) मॉडल प्रस्तुत किया गया है।
एक भिन्न संख्या दो पूर्ण संख्याओं का अनुपात होती है। फिलहाल हम केवल धनात्मक भिन्नों पर विचार कर रहे हैं। यह भिन्न दो धनात्मक पूर्ण संख्याओं के अनुपात के रूप में बनती हैं और ,\(\frac{a}{b}\) जहाँ पर \(b \neq 0\), के रूप में लिखी जाती हैं।
इस तरह की किसी भिन्न संख्या की व्याख्या निम्न प्रकार से की जाती है :
अभिगृहीत (Postulate) 1 : समान आकार की वस्तुओं के संग्रह \(a\), जिसमें से प्रत्येक वस्तु का आकार \(\frac{1}{b}\) इकाई है, का संयुक्त परिमाण या आकार \(\frac{a}{b}\) इकाई होता है।
उदाहरण के लिए 10 वस्तुओं के संग्रह, जिसमें से प्रत्येक का आकार \(\frac{1}{3}\) मीटर है, का कुल आकार \(\frac{10}{3}\) मीटर होता है। 2 वस्तुओं के संग्रह, जिनमें से प्रत्येक का आकार \(\frac{1}{5}\) वर्ग सेंटीमीटर है, का कुल आकार \(\frac{2}{5}\) वर्ग सेंटीमीटर होता है। \(\frac{22}{7},\) 22 भागों का एक संग्रह होता है, जिनमें से प्रत्येक भाग परिभाषित वस्तु के \(\frac{1}{7}\) भाग के बराबर होता है। यदि परिभाषित वस्तु 1 मीटर लम्बी एक रस्सी है, तो हमारे पास रस्सी के 22 टुकड़े होंगे जिनमें से प्रत्येक की लम्बाई \(\frac{1}{7}\) मीटर होगी और सभी टुकड़ों की कुल लम्बाई \(\frac{22}{7}\) मीटर होगी।
एक सेब का \(\frac{3}{4}\) भाग क्या होगा? यहाँ परिभाषित वस्तु सेब है और हम सेब को 4 बराबर भागों में काटने और उन 4 भागों में से 3 को लेने की बात कर रहे हैं। एक सेब का \(\frac{5}{4}\) भाग क्या है? यहाँ हम 1 सेब से शुरू करते हैं, उसे 4 बराबर भागों में विभाजित करते हैं और इन 4 बराबर भागों के बराबर एक और भाग दूसरे सेब से जोड़ते हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर हमारे पास 5 भाग हैं, जिनमें से प्रत्येक मूल सेब के \(\frac{1}{4}\) भाग के बराबर है। अब हमारे पास एक सेब का \(\frac{5}{4} \)भाग है।
पेपर फोल्डिंग (सन्दर्भ-1) द्वारा भिन्नों के गुणन को दर्शाने की इस विधि को विषम भिन्नों पर लागू करने के लिए इन अवधारणाओं का आसानी से प्रयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, \(\frac{a}{b} \times \frac{c}{d}\) के रूप में एक भिन्न के गुणे पर विचार करें। प्रक्रिया की एकरूपता के लिए हम हमेशा दूसरे गुण्य (multiplicand) यानी, \(\frac{c}{d}\) के साथ शुरू करेंगे। हम \(\frac{c}{d}\) को चित्र के रूप में दर्शाएँगे, फिर \(\frac{a\times c}{b\times d}\) का दृश्य रूप से पता लगाने के लिए एक प्रक्रिया तैयार करेंगे और अभिगृहीत 1 का उपयोग करके \(\frac{a\times c}{b\times d}\) के साथ इसकी तुल्यता (equivalence) स्थापित करेंगे।
स्थिति 1: a < b, c < d
यह स्थिति सन्दर्भ-1 में दर्शाई जा चुकी है। इस स्थिति में \(\frac{a}{b}\) और \(\frac{c}{d}\) दोनों उचित भिन्न हैं। इसे दृश्य रूप से प्रदर्शित करने के लिए एक इकाई वर्ग खींचा जाता है और उसे \(d\) क्षैतिज खण्डों में विभाजित किया जाता है, जिनमें से \(c\) का चयन किया जाता है। यह चयनित क्षेत्र, भिन्न \(\frac{c}{d}\) का प्रतिनिधित्व करता है। फिर चयनित \(c\) क्षैतिज खण्डों को \(b\) ऊर्ध्वाधर खण्डों में विभाजित किया जाता है, जिनमें से \(a\) का चयन किया जाता है। संचयी चयन प्रक्रिया (cumulative selection process) का परिणाम \(a\times c\) ख़ाने (cells) देता है और मूल इकाई वर्ग के \(b\times d\) भाग प्रत्येक ख़ाने का आकार, यानी \(\frac{1}{b\times d}\) इकाई प्रदान करते हैं। इस प्रकार अभिगृहीत 1 के अनुसार परिणामी परिमाण है \(\frac{a\times c}{b\times d}\) इकाई = चुने हुए ख़ानों की संख्या/इकाई वर्ग के भागों की संख्या और यह गुणन के परिणाम [चित्र 1(i)] को दर्शाता है।
स्थिति 1: \(\frac{a}{b} \times \frac{c}{d}, a\lt b, c\lt d \)

उदाहरण 1 : \(\frac{1}{2}\) और \(\frac{3}{4}\) के गुणे पर विचार करें।
उदाहरण 1: \(\frac{1}{2} \times \frac{3}{4}\)

इस गुणे को दर्शाने के लिए एक इकाई वर्ग लें और उसे क्षैतिज रूप से 4 समान खण्डों में विभाजित करें (या मोड़ें)। फिर 3 आसन्न खण्डों का चयन करें। चयनित क्षेत्र, चित्र-1(ii) में बिन्दुकित भाग द्वारा दर्शाया गया है। फिर वर्ग को 2 बराबर ऊर्ध्वाधर खण्डों में विभाजित करें और उनमें से 1 का चयन करें। चयनित क्षेत्रों के एक-दूसरे पर अतिव्यापित (overlapped) हिस्से को चित्र-1(ii) में लाल रंग की आउटलाइन से दर्शाया गया है। मूल इकाई वर्ग को नीले रंग की आउटलाइन द्वारा दर्शाया गया है। गुणनफल को लाल रंग की आउटलाइन वाले क्षेत्र के नीले रंग की आउटलाइन वाले क्षेत्र से अनुपात द्वारा दर्शाया गया है। प्रत्येक क्षेत्र उप-खण्डों या टाइलों की संख्या के समानुपाती होता है, क्योंकि वे सभी समान आकार के हैं और इसलिए परिणाम \(\frac{3}{8}\) है। ध्यान दें कि इस गुणन के प्रत्येक चरण पर सन्दर्भ वस्तु सिकुड़ती है।
स्थिति 2 : a < b, c > d
इस स्थिति में इकाई वर्ग को उतने खण्डों द्वारा बढ़ाया जाना चाहिए, जितने कि कुल c खण्डों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक हों और जिनमें से प्रत्येक \(\frac{1}{d}\) इकाई आकार का हो। तात्पर्य यह है कि हम इकाई वर्ग को \(d\) बराबर क्षैतिज खण्डों में विभाजित करें और फिर समान विमाओं वाले \(c-d\) खण्ड वर्ग में जोड़ें, जैसा कि चित्र-2(i) में दिखाया गया है। यह बढ़ा हुआ आयत अब विषम भिन्न \(\frac{c}{d} , c\gt d\) को दर्शाता है। अब इस बढ़े हुए आयत में से\( \frac{a}{b} , a\lt b\) भाग लेने के लिए इसे \(b\) समान ऊर्ध्वाधर खण्डों में विभाजित किया जाता है, जिनमें से a को चुना जाता है।
स्थिति 2: \(\frac{a}{b} \times \frac{c}{d}, a\lt b, c\gt d\)

अब हमारे पास कुल \(a\times c\) ख़ाने हैं, जिनमें से सभी को हमने चुना है। प्रत्येक ख़ाने का आकार \(\frac{1}{b \times d}\) इकाई है, क्योंकि अब इकाई वर्ग ठीक \(b\times d\) बराबर ख़ानों में विभाजित हो गया है। अत: गुणन का परिणाम पहले की तरह ही होगा : \(\frac{a\times c}{b\times d}\) इकाई = चुने हुए ख़ानों की संख्या/इकाई वर्ग के भागों की संख्या
उदाहरण 2 : \(\frac{1}{2}\) और \(\frac{4}{3}\) के गुणे पर विचार करें।
उदाहरण 2: \(\frac{1}{2} \times \frac{4}{3}\)

इस गुणे को दर्शाने के लिए एक इकाई वर्ग लें और उसे 3 समान खण्डों में क्षैतिज रूप से विभाजित करें। फिर चित्र-2(ii) के अनुसार एक और खण्ड को इसमें जोड़ें। इस स्तर पर सभी 4 खण्डों का चयन किया गया है [चित्र-2(ii) में बिन्दुकित भाग] । इसके बाद वर्ग को 2 समान ऊर्ध्वाधर भागों में विभाजित करें और 1 का चयन करें। चयनित क्षेत्रों के अतिव्यापित भाग को चित्र-2(ii) में लाल रंग की आउटलाइन द्वारा दर्शाया गया है। मूल इकाई वर्ग को नीले रंग की आउटलाइन द्वारा दिखाया गया है। गुणनफल को लाल रंग की आउटलाइन वाले क्षेत्र के नीले रंग की आउटलाइन वाले क्षेत्र से अनुपात द्वारा दिखाया गया है और परिणाम \(\frac{4}{6}\) है, जिसे बीजगणितीय रूप से \(\frac{2}{3}\) के रूप में सरल करके लिखा जा सकता है। ध्यान दें कि इस गुणन के पहले चरण में सन्दर्भ वस्तु बढ़ जाती है और दूसरे चरण में सिकुड़ जाती है।
स्थिति 3: a > b, c > d
स्थिति 3 : \(\frac{a}{b} \times \frac{c}{d}, a\gt b, c\gt d\)

यह ऐसी स्थिति है जहाँ दो विषम भिन्नों को गुणा किया जा रहा है। इसके लिए इकाई वर्ग को \(d\) क्षैतिज खण्डों में विभाजित किया जाता है और पिछली बार की तरह \(c-d\) आकार के समान विमाओं वाले \(c-d\) खण्डों को जोड़ा जाता है। इस बढ़े हुए भाग को अब \(b\) बराबर ऊर्ध्वाधर खण्डों में उप-विभाजित किया जाता है। लेकिन ये खण्ड चयन के उद्देश्य से अपर्याप्त हैं, क्योंकि हमें ऐसे ऊर्ध्वाधर खण्डों \(a\) की आवश्यकता है जहाँ पर \(a\gt b\)। इसलिए \(a-b\) अतिरिक्त ऊर्ध्वाधर खण्डों को इसमें जोड़ा जाता है, जैसा कि चित्र 3(i) में दर्शाया गया है। इस उपाय द्वारा वस्तु को और अधिक बड़ा किया जाता है, जो सहज रूप से समझ आता है, क्योंकि यहाँ पर दोनों भिन्नें एक पूर्ण से बड़ी हैं। खण्डों को जोड़ने के फलस्वरूप प्राप्त सभी ख़ाने गणना के लिए आवश्यक हैं, यानी \(a\times c\) ख़ाने। हालाँकि, ख़ाने का आकार पता करने के लिए हमें मूल इकाई वर्ग, जो अब \(b\times d\) भागों में ठीक-ठीक विभाजित हो चुका है, का वापिस निरीक्षण करना होता है। इसलिए हमारी गणना का परिणाम है : \(a\times c\) भाग, जिसमें प्रत्येक का आकार \(\frac{1}{b\times d}\) इकाई है या \(\frac{a\times c}{b\times d}\) इकाई = चुने हुए ख़ानों की संख्या/इकाई वर्ग के भागों की संख्या
उदाहरण 3 : \(\frac{3}{2}\) और \(\frac{4}{3}\) भिन्नों के गुणे पर विचार करें।
उदाहरण 3 : \(\frac{3}{2}\times \frac{4}{3}\)

इस गुणे को दर्शाने के लिए एक इकाई वर्ग लें और उसे 3 समान क्षैतिज खण्डों में विभाजित करें। फिर चित्र-3(ii) के अनुसार इसमें एक और खण्ड जोड़ें। इस स्तर पर पूरे 4 खण्ड चुने गए हैं [चित्र-3(ii) में बिन्दुकित भाग]। इसके बाद इकाई वर्ग को 2 समान ऊर्ध्वाधर खण्डों में विभाजित करें और प्रत्येक खण्ड के बराबर 1 और ऊर्ध्वाधर खण्ड इसमें जोड़ दें। यहाँ पूरे क्षेत्र को चुना गया है और इसे चित्र-3(ii) में लाल रंग की आउटलाइन द्वारा दर्शाया गया है। मूल इकाई वर्ग को नीले रंग की आउटलाइन द्वारा दर्शाया गया है। गुणनफल को लाल रंग की आउटलाइन वाले क्षेत्र के नीले रंग की आउटलाइन वाले क्षेत्र से अनुपात द्वारा दर्शाया गया है और इसलिए परिणाम है \(\frac{12}{6}\) , जिसे बीजगणितीय रूप से सरल करके 2 लिखा जा सकता है। यहाँ सन्दर्भ वस्तु दुगुनी हो जाती है।
स्थिति 4 : b = 1 or d = 1
उस स्थिति में जब गुण्यों में से कोई एक पूर्ण संख्या हो, तो उसे इकाई हर वाली एक विषम भिन्न के रूप में माना जा सकता है और उपरोक्त प्रक्रिया को लागू किया जा सकता है।
परिमेय संख्याओं के गुणन की क्रमविनिमेयता के कारण शेष सम्भावित स्थितियों को थोड़े-से प्रयास से करके देखा जा सकता है।
ध्यान देने वाली बात है कि ज्यामितीय रूप से देखें तो प्रत्येक स्थिति में दो भिन्नों के गुणे का परिणाम लाल रंग की आउटलाइन वाले क्षेत्र का नीले रंग की आउटलाइन वाले क्षेत्र से अनुपात है। इस परिणाम का विस्तार करने पर, जैसे कि त्रि-विमाओं के लिए, यह बताता है कि 3 भिन्नों के गुणे के परिणाम को दो घनाभों के आयतनों के अनुपात के रूप में देखा जा सकता है। और इस परिणाम को \(n\) विमाओं तक बढ़ाया जा सकता है।
निष्कर्ष :
हमने तर्क के साथ दिखाया है कि भिन्नों के गुणन को दर्शाने वाली पेपर फोल्डिंग विधि को विषम भिन्नों के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है। यह तरीक़ा दृश्य रूप से यह प्रदर्शित करने की सम्भावनाओं का विस्तार करता है कि भिन्न एक-दूसरे के साथ कैसे अन्त:क्रिया करती हैं। साथ ही इसका उपयोग शैक्षणिक और रचनात्मक अभ्यास के लिए भी किया जा सकता है। इसके अलावा, परिणाम को \(n\) आंशिक भिन्नों (fractional factors) तक बढ़ाया जा सकता है।
आभार
लेखक इस लेख को लिखने की प्रेरणा के लिए प्रोतीप मल्लिक, स्वाती सरकार और स्नेहा टाइटस को कई उपयोगी टिप्पणियों के लिए धन्यवाद देती हैं।