शैलजा डी. शर्मा ने 1990 में आईआईटी बॉम्बे, मुम्बई से गणित में पीएचडी की और बाद में तकनीकी और प्रबन्धकीय पदों पर विश्व बैंक और रॉयल डच शेल में काम किया। भारतीय गणितीय परम्पराओं पर भारतीय विद्वानों के साथ काम करने के एक मौक़े के कारण वह गणित के क्षेत्र में वापिस आ गईं। 2015 से वह बतौर शिक्षाविद गणित, सांख्यिकी और ऑपरेशन रिसर्च पढ़ाने और गणित के इतिहास और दर्शन का अध्ययन करने के लिए स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं। वह एनआईएएस, बेंगलूरु में सहायक प्राध्यापक हैं, जहाँ वह प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों के लिए गणित पाठ्यचर्या विकसित करने में मदद कर रही हैं।