चक्के में चक्का : संख्या पहियों के माध्यम से गणित
संख्या पहिया क्या है?
संख्या पहिया एक सरल साधन है जिसका आकार सकेन्द्रित चकतियों का एक क्रम होता है। ये चकतियाँ खण्डों में विभाजित होती हैं और हर एक खण्ड में एक संख्या होती है। सबसे भीतरी चकती इकाई चकती कहलाती है, जिसमें \(0-9\) तक के एकल अंक होते हैं, दूसरी चकती दहाई चकती कहलाती है जिसमें \(0-90\) तक के \(10\) के गुणज होते हैं और इस तरह यह सिलसिला आगे बढ़ता जाता है (चित्र-1 देखें)। संख्या पहिया अलग-अलग चकतियों से गुज़रने के द्वारा स्थानीय मानों का ध्यान रखने में हमारी मदद करता है। उदाहरण के लिए, संख्या \(27\) को संख्या पहिया पर इस तरह चिह्नित किया जा सकता है : चूँकि \(27 = 20 + 7 = 2\) दहाई तथा \(7\) इकाई, इसलिए हम इकाई चकती में \(7\) को चिह्नित करते हैं (जिसे चित्र-1 में लाल रंग से चिह्नित किया गया है) और दहाई चकती में \(20\) को चिह्नित करते हैं (जिसे चित्र में नीले रंग से चिह्नित किया गया है)। \(0\) के स्थान से शुरू करके हर बार जब हम एक चकती पर स्थित सभी स्थानों की घड़ी के घूमने की दिशा में गिनती पूरी कर लेते हैं तो हम अगली बड़ी चकती में एक स्थान आगे बढ़ जाते हैं। सरल भाषा में कहें तो हर बार जब हम इकाई चकती पर एक चक्कर पूरा कर लेते हैं तो हम दहाई चकती में घड़ी की दिशा में एक क़दम आगे बढ़कर \(10\) जोड़ देते हैं और यह पैटर्न अन्य चकतियों पर भी जारी रहता है।

प्रारम्भिक संख्या संक्रियाओं का अभ्यास करने के लिए संख्या पहिया : प्रकार-1
आइए दो 2-अंकीय संख्याओं के जोड़ से शुरुआत करते हैं। उदाहरण के लिए हम \(27 + 45\) का जोड़ करते हैं। संख्या पहियों के चित्र फ़र्श पर खींचे जा सकते हैं, जहाँ बच्चे दो संख्याओं को जोड़ने को ‘प्रस्तुत’ करते हैं। तीन वालंटियर का चुनाव करके शुरुआत करें : पहले बच्चे को ‘इकाई’ नाम दें, दूसरे को ‘दहाई’ और तीसरे बच्चे को ‘सैकड़ा’।
चरण-1 : हम संख्या रेखा पर संख्या \(27\) को चिह्नित करने के लिए ‘इकाई’ को इकाई चकती पर स्थान \(7\) पर खड़ा करते हैं, ‘दहाई’ को दहाई चकती पर स्थान \(20\) पर खड़ा करते हैं और ‘सैकड़ा’ को सैकड़ा चकती के स्थान \(0\) पर खड़ा करते हैं। (चित्र-2 देखें)

चरण-2 : \(45\) जोड़ने के लिए हम यह करते हैं : चूँकि \(45 = 4\) दहाई तथा \(5 \)इकाई, इसलिए
- पहले, ‘इकाई’, इकाई चकती पर स्थान \(7\) से शुरू करके \(5\) खण्ड आगे बढ़ता है और इस तरह इकाई चकती पर स्थान \(2\) पर आ जाता है।
- चूँकि ‘इकाई’ ने स्थान \(0\) को एक बार पार कर लिया है, ‘दहाई’ \(20\) से \(30\) पर चला जाएगा। यानी हासिल आगे चला जाएगा।
- फिर हम दहाई चकती पर \(4\) खण्ड आगे बढ़कर \(4\) दहाइयाँ जोड़ते हैं। जहाँ वह अभी है वहाँ से शुरू करके : \(30\) से \(70\) पर।
तो नई स्थितियाँ होंगी इकाई चकती पर \(2 \)और दहाई चकती पर \(70\)। अतः \(27 + 45 = 72\) (चित्र-3)।

पाठकों के लिए झटपट किए जाने वाले कुछ अभ्यास :
- संख्या पहिया का उपयोग करके नीचे दिए गए सवालों को हल करें :
- \(7 + 5\)
- \(7 + 15\)
- \(72 + 54\)
- ऊपर दिए गए उदाहरण में हमने ‘हासिल’ के दृश्य रूपी अर्थ का थोड़ा वर्णन किया था। इस प्रक्रिया का अर्थ समझाएँ।
- इस गतिविधि को आगे बढ़ाते हुए दो दो-अंकीय संख्याओं के घटाव की प्रक्रिया को समझाएँ – ख़ासतौर से उधार के दृश्य रूपी अर्थ को।
- संख्या पहिया का उपयोग करके नीचे दिए गए घटाव के सवालों को हल करें :
- \(12 – 7\)
- \(48 – 39\)
- \(101 – 57\)
प्रकार-2 : पृथक पहिया
इस वाले स्वरूप में चकतियाँ को पृथक करके एक-दूसरे से अलग रखा जाता है (चित्र-4 देखें)। इकाई चकती को दाएँ रखा जाता है, दहाई चकती को बीच में और सैकड़ा चकती को बाएँ। यह व्यवस्था हर अंक के स्थानीय मान पर ज़ोर देने में मदद करती है, जिससे विद्यार्थियों के लिए दृश्य निरूपण को संख्यात्मक मानों से जोड़ना आसान हो जाता है।
यह प्रकार दो 2-अंकीय संख्याओं के जोड़ के एल्गोरिद्म (नियमों) को सिखाने के लिए ख़ासतौर से उपयोगी है, क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया को चरण-दर-चरण स्पष्ट रूप से दर्शाने का मौक़ा देता है। ध्यान दें कि यहाँ दहाई और सैकड़ा की चकतियों को भी \(0\) से \(9\)के रूप में चिह्नांकित किया जाता है, यह एक ऐसा प्रयोग है जिसके बारे में विद्यार्थियों को समझाया जाना ज़रूरी है (उदाहरण के लिए, इकाई चकती पर \(5\) का मतलब \(5\), दहाई चकती पर \(50\) और सैकड़ा चकती पर \(500\) होता है)। ).

प्रकार-3 : ओडोमीटर
इस स्वरूप में, जो कि प्रकार-1 का रूपान्तरित संस्करण है, एक ओडोमीटर का भौतिक मॉडल बनाया जाता है जिसका उपयोग किसी वाहन द्वारा किलोमीटर में तय की गई दूरी को मापने के लिए किया जाता है।
ज़रूरी सामग्री :
- कार्डबोर्ड का टुकड़ा (\(6\) सेमी x \(2\) सेमी)।
- काग़ज़ की तीन पट्टियाँ (प्रत्येक \(1\) सेमी x \(11\) सेमी)।
- कैंची, गोंद और मार्कर।
ओडोमीटर बनाने के चरण : (चित्र-5 देखें।)
चरण-1 : कार्डबोर्ड के आधार को तैयार करें
- कार्डबोर्ड लें और उसे तीन बराबर वर्गों में विभाजित कर दें जहाँ हर एक वर्ग \(2\) सेमी x \(2\) सेमी का हो।
- दाएँ से बाएँ पढ़ते हुए, वर्गों को क्रमश: इकाई स्थान, दहाई स्थान और सैकड़ा स्थान को निरूपित करने के लिए नियत कर दें।
चरण-2 : अंक पट्टियाँ बनाएँ
- काग़ज़ की तीन पट्टियाँ काट लें, हर एक की माप \(1 \)सेमी x \(11 \)सेमी होनी चाहिए।
- हर पट्टी को बराबर \(11\) वर्गों में बाँट दें, हर वर्ग \(1\) सेमी x \(1\) सेमी का होना चाहिए।
- ऊपर से नीचे की ओर जाते हुए इन वर्गों पर \(0\) से \(9\)अंकों तक के लेबल लगा दें। आखिरी वर्ग को ख़ाली छोड़ दें।
चरण-3 : अंक पट्टियों को कार्डबोर्ड में पिरोएँ
- कार्डबोर्ड के तीनों वर्गों पर ऊपर और नीचे एक-एक क्षैतिज काट लगाकर छेद बना दें।
- हर वर्ग के ऊपरी छेद में एक अंक पट्टी को पिरोते हुए उसे निचले छेद से बाहर खींच लें।
- हर अंक पट्टी को इस तरह मोड़ें ताकि पट्टी का ख़ाली वर्ग ‘0’ वर्ग के पीछे चिपक जाए। इससे यह सुनिश्चित होता है कि कार्डबोर्ड पर बने वर्गाकार झरोखे से एक समय पर एक ही अंक दिखाई देता है।
चरण-4 : ओडोमीटर के हिस्सों को जोड़ें
- एक बार जब सारी अंक पट्टियाँ पिरोई जा चुकी हों, तो आप पट्टियों को खिसकाते हुए तीन वर्गों में \(000\) से \(999\) तक की संख्याएँ दर्शा पाएँगे।

ओडोमीटर का उपयोग
इस मॉडल का उपयोग अन्य स्वरूपों के साथ की गई गतिविधियाँ करने के लिए किया जा सकता है, लेकिन यह व्यक्तिगत गतिविधि में अधिक मदद करता है। हम बच्चों को ओडोमीटर वाली कुछ रोचक शब्द समस्याएँ भी दे सकते हैं, जैसे कि :
जब आप घर से निकले तो ओडोमीटर \(27\) दिखा रहा था। आप \(45\) किलोमीटर दूरी तय करके स्कूल पहुँचे। स्कूल पहुँचने पर ओडोमीटर पर क्या संख्या दिखनी चाहिए?
कक्षा में संख्या पहियों का उपयोग करने के लिए कुछ व्यावहारिक सुझाव
- बच्चों से अपनी कॉपियों में पेंसिल से संख्या पहिया बनवाने या उन्हें प्रिंट-आउट देने की बजाय फ़र्श पर एक बड़ा संख्या पहिया खींचना ज़्यादा रोचक हो सकता है। बच्चे संख्याओं पर खड़े हो सकते हैं और संक्रियाओं को करते हुए वे अगली संख्या पर उछल या कूद सकते हैं। अन्य विद्यार्थी यह देख सकते हैं और सही संख्याओं की ओर इशारा करके मदद भी कर सकते हैं। इस तरह यह गतिविधि सीखने का एक सहयोगपूर्ण अनुभव बन जाती है।
- शिक्षकों को इस तरह के सवालों के जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए, जैसे कि “हम हमेशा \(1\) की बजाय \(0\) से क्यों शुरुआत करते हैं?” या “दहाई चकती पर \(0\) को पार करने के बाद क्या होता है?” ये सवाल संख्या पहियों के पीछे मौजूद सिद्धान्तों को मज़बूत करने में मदद कर सकते हैं और इस बात को स्पष्ट कर सकते हैं कि ये पहिए कैसे काम करते हैं।
- पासे का उपयोग इस गतिविधि को और मज़ेदार बना सकता है। उदाहरण के लिए, आप दो पासे फेंककर जोड़ या घटाव के लिए दो दो-अंकीय संख्याएँ बना सकते हैं। हालाँकि यह ध्यान में रखें कि साधारण पासे \(7\) से \(9\) तक के अंक नहीं बना सकते, जिससे बड़ी संख्याओं को बनाने के अन्य तरीक़ों के बारे में चर्चाएँ छिड़ सकती हैं।
- एक सृजनात्मक कक्षा में ये गतिविधियाँ बच्चों को संख्याओं को जोड़ने के लिए ख़ुद अपने एल्गोरिद्म बनाने की तरफ़ ले जा सकती हैं। ये टीएलएम बच्चों को घटाव को प्रस्तुत करने में भी मदद कर सकते हैं।
- Hall, D. E., & Hall, C. T. (1977). The odometer in the addition algorithm. The Arithmetic Teacher, 24(1), 18-21. Retrieved Jan 25, 2025, from https://doi.org/10.5951/AT.24.1.0018