यह लेख एट राइट एंगल्स पत्रिका के वॉल्यूम 3, अंक 1 में प्रकाशित गुणा पर आधारित पुलआउट से प्रेरित है। इस पुलआउट में पद्मप्रिया शिराली ने उल्लेख किया है कि कैसे हम गुणा के क्रम-विनिमय, साहचर्य और वितरण के गुणधर्मों को दृश्य रूप में (visually) सिद्ध कर सकते हैं। इसमें अच्छी बात है कि यह विधियाँ गणना से मुक्त हैं और पूर्ण संख्याओं के किसी भी संयोजन के लिए इन्हें इस्तेमाल किया जा सकता है या इनकी कल्पना की जा सकती है, चाहे संख्‍याएँ कितनी भी बड़ी क्‍यों न हों। हमें समान तरीक़े का इस्तेमाल करके योग के गुणधर्मों को खोजने में दिलचस्पी हुई। पहले तीन संख्या-समुच्च्यों यानी पूर्ण संख्‍या, भिन्‍न संख्‍या और पूर्णांक सभी के लिए योग के क्रम-विनिमय और साहचर्य गुणधर्मों की बुनियादी प्रक्रियाएँ समान रहती हैं। इस लेख में, हम पूर्ण संख्या और भिन्न के बारे में चर्चा करेंगे। आमतौर पर इन पर पाठ्यपुस्तक या कक्षा में चर्चा नहीं की जाती है। यहाँ तक कि यदि उच्च प्राथमिक स्तर पर इनका ज़िक़्र हो तो भी कभी-कभार ही इनकी तर्क-संगतता पर बात होती है। ज़्यादातर तो इन्‍हें मान लिया जाता है। हमने महसूस किया कि विद्यार्थियों के लिए इन गुणधर्मों की समझ बनाना ज़रूरी है, और विज़ुअलाइजेशन ऐसा करने के लिए एक आदर्श साधन होगा।

इसके लिए हम दो मॉडलों का उपयोग करेंगे : पूर्ण संख्या के लिए काउंटर और पूर्ण के रूप में भिन्न के लिए इकाई वर्ग। तो छह को छह काउंटर द्वारा और शून्य को किसी भी काउंटर की अनुपस्थिति के रूप में दर्शाएँगे। \(\frac{1}{4}\) को एक वर्ग को 4 ऊर्ध्वाधर हिस्सों में बराबर बाँटकर, और उनमें से 1 हिस्‍से को छायांकित करके दर्शाएँगे। इसी तरह \(\frac{5}{3}\) को दो समान वर्गों में से हरेक को 3 बराबर हिस्‍सों में बाँटकर उसके 5 हिस्‍सों को छायांकित करके दर्शाएँगे (चित्र-1)। इनका योगफल, कुल काउंटर्स की संख्या (पूर्ण संख्याओं के लिए) या कुल छायांकित क्षेत्र (भिन्‍न संख्‍याओं के लिए) होगा। किसी भी योग x + y के लिए, x बाईं ओर और y दाईं ओर दिखाया गया है।

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चित्र-1

क्रम-विनिमय गुणधर्म

क्रम-विनिमय गुणधर्म की समझ बनाने के पीछे मूल विचार किसी योगफल को दो अलग-अलग परिप्रेक्ष्य से देखना है।

चित्र-2

चित्र-2

चित्र - 3

चित्र-3

यहाँ 11 + 4 पर विचार करें, जैसा चित्र-2 (बिन्दु B से देखने पर) में दिखाया गया है। निरीक्षण करें कि यह बिन्दु A से कैसा दिखता है। इसे चित्र-3 में दिखाया गया है और यह चित्र-2 को 180° घुमाने पर बने चित्र जैसा ही है। इसलिए बिन्दु B से देखने पर यह 11 + 4 है और बिन्दु A से देखने पर 4 + 11 है।

‘A’ और ‘B’ पर स्थित विद्यार्थियों के दो समूहों, जो योगफलों को दर्ज कर रहे हैं, का यह निष्कर्ष निकालना समझ आता है कि 11 + 4 = 4 + 11 है क्योंकि ‘A’ या ‘B’ किसी भी बिन्दु से देखने पर काउंटर्स की संख्‍या में बदलाव नहीं होता है। ध्यान दें कि यह किन्हीं भी दो पूर्ण संख्याओं के लिए सही है। यह देखना आसान है कि एक या दोनों संख्याओं के शून्य होने पर भी यह बात सही है। बड़ी संख्याओं, जैसे 100 या यहाँ तक कि 50 के लिए भी, बहुत सारे काउंटर्स को इस तरह जमाना बोझिल हो सकता है। इसलिए बच्चों को उतनी ही बड़ी संख्‍याओं के लिए ऐसी कल्पना करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिनको वे विज़ुअलाइज़ कर सकें।

जब भिन्नों की बात आती है, तो तीन सम्भावनाएँ होती हैं :

  1. उचित + उचित
  2. विषम + उचित (और इसलिए उचित + विषम भी)
  3. विषम + विषम

हम क्रमांक 2 पर दी गई सम्भावना का एक उदाहरण प्रस्तुत करेंगे और दूसरी सम्भावनाओं को समान तरीक़े से विज़ुअलाइज़ किया जा सकता है। आइए चित्र 4 और 5 में दिखाए अनुसार भिन्‍नों के इस योगफल पर विचार करें।

चित्र-2

चित्र-4

चित्र - 3

चित्र-5

चित्र-4, बिन्दु B के परिप्रेक्ष्य से है और यह \(\frac{5}{3}\) + \(\frac{1}{4}\) को दिखाता है जबकि चित्र-5 इसी प्रश्न को बिन्दु A के परिप्रेक्ष्य से दिखाता है और \(\frac{1}{4}\) + \(\frac{5}{3}\) है। यहाँ पूर्ण के (इकाई वर्ग को) विषम भिन्न के अन्दर हाइलाइट करके दिखाया गया है। एक फिर चूँकि सिर्फ परिप्रेक्ष्य बदलता है इसलिए बच्चे इस बात का अवलोकन कर सकते हैं भिन्नों के योगफल में कोई बदलाव नहीं होता है यानी कि \(\frac{5}{3}\) + \(\frac{1}{4}\) =\(\frac{1}{4}\) + \(\frac{5}{3}\)। ध्यान दें कि यह किन्हीं भी दो भिन्नों के लिए सही है। वास्तव, किसी भी पूर्ण संख्या को उतने ही इकाई वर्गों द्वारा दर्शाया जा सकता है। इसे पूर्ण संख्या और भिन्न संख्या के किसी भी योग के लिए बढ़ाया जा सकता है।

साहचर्य गुणधर्म

इसके लिए, मूल विचार यह है कि अगर हमें x + y + z को जोड़ना है, तो इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि हम पहले x और y को जोड़ते हैं या y और z को।

चित्र - 3

चित्र-6

पूर्ण संख्याओं के लिए इसे एक गतिविधि के रूप में सबसे अच्छी तरह से किया जा सकता है। कोई भी तीन पूर्ण संख्याएँ लें, जैसे कि 7, 4 और 10 और इन्हें काउंटर्स के समूह के रूप में दर्शाएँ, अर्थात, पहले समूह में 7 काउंटर्स, दूसरे समूह में 4 काउंटर्स आदि (चित्र-6)। अब 7 + 4 + 10 का योगफल तीनों समूहों को एक कर देगा। यदि प्रत्येक चरण में केवल दो समूहों को जोड़ा जा सकता है, तो चरण 1 में पहले और दूसरे समूह को जोड़ सकते हैं, यानी, 7 + 4 का योग, और चरण 2 में तीसरे समूह को इसके साथ जोड़ा जा सकता है, अर्थात, 10 को 7 + 4 के योगफल में जोड़ना, या (7 + 4) + 10। वहीं दूसरे तरीक़े के, चरण 1 में हम दूसरे और तीसरे समूह यानी 4 + 10 का योग कर सकते हैं और चरण 2 में हम 4 + 10 के योगफल में पहले समूह को जोड़ सकते हैं, यानी 7 + (4 + 10)। दोनों ही तरीक़ों में परिणाम यह होता है कि तीनों समूह मिलकर एक हो जाते हैं, जिसमें कोई अतिरिक्त काउंटर न शामिल किया जाता है, और न ही बाहर किया जाता है। इसलिए इन दोनों योगफलों के समान होने को उचित ठहराया जा सकता है, अर्थात, (7 + 4) + 10 = 7 + (4 + 10)। ध्‍यान दें कि तीनों पूर्ण संख्याओं को बिना सोचे-समझे चुना गया था। बड़ी संख्याएँ जैसे कि 100, 1000, आदि के लिए, यदि काउंटर्स के समूह बनाना बोझिल या दिक़्क़त भरा हो तो, तो इस प्रक्रिया की कल्पना की जा सकती है। इस तरह से इसे किन्‍हीं भी तीन पूर्ण संख्‍याओं के लिए सामान्यीकृत किया जा सकता है।

भिन्‍न के लिए, हम काउंटर्स के समूहों की बजाय छायांकित क्षेत्रों को जोड़ने पर विचार कर सकते हैं। इसके लिए आठ सम्भावनाएँ हैं :

  1. सभी 3 संख्याएँ उचित भिन्न हों
  2. 2 उचित भिन्न हों और 1 विषम भिन्न
  • उचित + उचित + विषम
  • उचित + विषम + उचित
  • विषम + उचित + उचित
  1. 1 उचित भिन्न हो और 2 विषम भिन्न
  • उचित + विषम + विषम
  • विषम + उचित + विषम
  • विषम + विषम + उचित
  1. सभी 3 संख्याएँ विषम भिन्न हों

यहाँ पर हम क्रमांक 2‘ग’ में दी गई स्थिति का एक उदाहरण दिखा रहे हैं, और बाक़ी सम्भावनाओं को खोजने का काम पाठकों के लिए छोड़ रहे हैं।

चित्र - 3

चित्र-7

चित्र-7, उदाहरण \(\frac{5}{3} \)+ \(\frac{1}{4} \)+ \(\frac{4}{7}\) के शुरुआती बिन्‍दु को दर्शाता है।

हम चरण दर चरण यह दर्शाते हैं कि \(\left(\frac{5}{3} + \frac{1}{4}\right) + \frac{4}{7} \)और \(\frac{5}{3} + \left(\frac{1}{4} + \frac{4}{7}\right)\) को क्रमश: दिखाने के लिए क्षेत्रों को कैसे जोड़ सकते हैं। साथ ही यह भी दर्शाते हैं कि अन्तिम परिणाम दोनों के लिए समान है। इसलिए, \(\left(\frac{5}{3} + \frac{1}{4} \right) + \frac{4}{7} = \frac{5}{3} + \left(\frac{1}{4} + \frac{4}{7}\right)\)

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ध्‍यान दें कि इसे किन्‍हीं भी तीन भिन्‍न और यहाँ तक कि भिन्‍नों और पूर्ण संख्याओं के संयोजन के लिए उपयोग किया जा सकता है। इसलिए इसे भिन्न और पूर्ण संख्या के किसी भी संयोजन के लिए सामान्यीकृत किया जा सकता है। यह भी ध्यान दें कि छायांकित क्षेत्र की कुल क्षैतिज लम्बाई उस योगफल का आनुपातिक प्रतिनिधित्व है, जिसे वह दर्शाती है। इसका उपयोग संख्या रेखा पर योगफल दिखाने के लिए किया जा सकता है। यह परिमेय संख्याओं और वास्तविक संख्याओं के लिए इन गुणधर्मों की जाँच करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण क़दम है।

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