समान्तर रेखाएँ
इमारतों के कई सारे घटकों में समान्तर रेखाएँ शामिल होती हैं, जैसे कि बीम, खम्भे, खिड़कियाँ, दरवाज़े, खिड़की की सलाखें, फ़र्श की टाइलें आदि।
संसाधन खण्ड में शिक्षकों के लिए बहुत सारी उपयोगी सामग्री है, जैसे कि सरल और आसानी से की जा सकने वाली गतिविधियाँ, विचार, पोस्टर और वर्कशीट।
इमारतों के कई सारे घटकों में समान्तर रेखाएँ शामिल होती हैं, जैसे कि बीम, खम्भे, खिड़कियाँ, दरवाज़े, खिड़की की सलाखें, फ़र्श की टाइलें आदि।
रेखाखण्डों का मापन और लम्बाई की अवधारणा बच्चों में स्वाभाविक रूप से प्रकट होती है।
प्रस्तावना : शुरुआत में ही यह बताना महत्त्वपूर्ण है कि कुछ अवधारणाओं को समझने में मदद के लिए तैयार की गई युक्तियाँ (manipulative) विषय के स्वयंसिद्ध (axiomatic) विकास के प्रतिस्थापन के लिए नहीं हैं। मूलतः इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को गणितीय अवधारणाओं के लिए अपने स्वयं के मानसिक मॉडल तैयार करने में सक्षम बनाना है।
आवश्यक सामग्री : एक संख्या तालिका और मोटे काग़ज़ या कार्ड पर प्रिंट किए गए और कटे हुए 12 पेंटोमिनो
का सेट।
तीन समूहों क, ख और ग के प्रत्येक चित्र में दो अलग रंगों से दर्शाई गई दो संख्याएँ जोड़ी गई हैं। इन संख्याओं और उनके योग के बारे में आप क्या पैटर्न देखते हैं?
बच्चों में संख्याओं की समझ स्वाभाविक रूप से तब शुरू होती है जब वे अपने आस-पास की दुनिया को टटोलते हैं — यहाँ तक कि शैशवावस्था में भी। वस्तुओं के साथ बार-बार होने वाली अन्तःक्रियाओं और अपने परिवेश में इस्तेमाल होने वाली भाषा के माध्यम से वे धीरे-धीरे संख्या सम्बन्धी प्रारम्भिक अवधारणाओं का निर्माण करते हैं।
मोनिका कक्षा-5 के विद्यार्थियों को ‘घनाभ का नेट’ पढ़ा रही थीं। पढ़ाने के बाद जब इन सत्रों के बारे में प्रतिक्रियाएँ ली गईं और इन पर चर्चा की गई तब गणित के एक शिक्षक ने इन सत्रों के दौरान उत्पन्न हुई दो ग़लत धारणाओं की ओर ध्यान दिलाया।
भिन्न पर दिए गए लेख से जुड़ी एक वर्कशीट यहाँ दी जा रही है। इस वर्कशीट का उपयोग शिक्षक अपने विद्यार्थियों की भिन्न की समझ को जाँचने के लिए कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल कक्षा-4 से 7 तक के विद्यार्थियों की समझ का आकलन करने के लिए आवश्यकतानुसार किया जा सकता है।
पूर्ण संख्याओं और भिन्नात्मक संख्याओं के योग के गुणधर्मों के चित्रात्मक औचित्य को देखने के बाद, यह पोस्टर इन्हीं संख्या समुच्चय के लिए गुणन के गुणधर्मों पर विचार करता है।
इनमें से: 5 + 6 5 + 7 5 + 8 +9 किसी के लिए भी समान चित्र बनाएँ और योग ज्ञात करें।
व्यवहारिक रूप से देखें तो हर मानवीय गतिविधि में सोचने-विचारने के कौशलों का इस्तेमाल निहित होता है। तो फिर सोचने-विचारने के कौशल क्या हैं? ये वे महत्त्वपूर्ण मानसिक प्रक्रियाएँ हैं जो हम करते हैं चीजों का वर्गीकरण करना, गुणधर्मों का अवलोकन करना, जानकारी का संकेतीकरण करना, तुलना करना, निर्णय लेना, निष्कर्ष निकालना और समस्याएँ हल करना। सोचने-विचारने के कौशलों को सोचने-विचारने के कैनवास के बुनियादी अंग के रूप में देखा जा सकता है। सोचने-विचारने के इन कौशलों को मोटेतौर पर दो वर्गों में वर्गीकृत किया जाता है निम्न कोटि सोच-विचार कौशल और उच्च कोटि सोच-विचार कौशल ।
एक वर्ग बनाएँ। अब किसी एक कोने को हटाकर एक त्रिभुज बनाएँ। आपको किस प्रकार का त्रिभुज मिला? दोनों प्रकार के त्रिभुजों पर विचार करें, यानी भुजा या कोण के आधार पर वर्गीकृत किए गए त्रिभुज।
हम ऐसे लेखों का स्वागत करते हैं जो गणित के सीखने के अनुभव को बढ़ाते हैं, विशेषकर 6-14 वर्ष की आयु वर्ग के विद्यार्थियों के लिए।
सबमिट