समीक्षा : गणितमाला
संख्याओं की समझ बनाने के लिए गणितमाला (चित्र-1) एक प्रबल युक्ति (manipulative) है। भारत में इसकी शुरुआत जोड़ो ज्ञान संस्था ने की थी। बाद में प्राथमिक गणित शिक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही कई संस्थाओं ने इसे अपनाया। 100 मनकों को धागे में पिरोकर इसे आसानी-से बनाया जा सकता है। कुछ इस तरह : किसी एक रंग (जैसे सफ़ेद) के 50 मनके और किसी दूसरे रंग (जैसे नीला) के 50 और मनके लें। दोनों रंगों के मनकों को 10 के समूह में बारी-बारी से धागे में पिरोएँ, यानी कि 10 सफ़ेद, 10 नीले, फिर 10 सफ़ेद, फिर 10 नीले और इसी तरह आगे। अधिक जानकारी, विशेषकर सहायक सामग्रियों की जानकारी, के लिए आप नीचे सन्दर्भ में दिए गए लेख को देख सकते हैं। यह गणितमाला एक तरह की संख्या रेखा है जो 0-100 तक की संख्याओं के साथ कई सारी पड़तालें करने का अवसर देती है। इनमें संख्याओं की तुलना करना और चारों संक्रियाएँ यानी जोड़, घटाव, गुणा, भाग भी शामिल हैं।

यह एक समानुपातिक (proportional) युक्ति है, क्योंकि इसमें ‘दहाई’ को 10 मनकों से दर्शाया जाता है जबकि ‘इकाई’ को 1 मनके से दर्शाया जाता है। एक मायने में यह पूर्व-समूहितi (pre-grouped) है क्योंकि हर 10 मनकों के बाद रंग बदल जाता है। वहीं दूसरी ओर, हर मनका ‘दहाई’ का हिस्सा हो सकता है या फिर संख्या के आधार पर उसे ‘इकाई’ भी माना जा सकता है। इस तरह इसमें समूहीयii (groupable) सामग्रियों के फायदे भी हैं। यह बात गणितमाला को अनूठी विशेषताओं वाली एक प्रबल युक्ति बनाती है। लेकिन पहले हमें यह जान लेना चाहिए कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
क्योंकि यह संख्या रेखा को दर्शाती है, अत: शून्य हमेशा बाईं ओर रहना चाहिए। इसलिए अध्यापक और विद्यार्थियों को गणितमाला के एक ही ओर रहना चाहिए ताकि दाएँ-बाएँ की दिक़्क़त न हो। दूसरी बात यह है कि हर संख्या को मनकों के बीच में रखा जाता है और वह बाईं ओर रखे गए मनकों की संख्या को दर्शाती है (चित्र-2)। तो एक तरह से हर मनका एक अन्तराल को दर्शाता है, जैसे कि (0, 1) (1, 2) आदि। तो अब 2-अंकीय किसी संख्या के लिए यह अपने आप ही ‘दहाई’ को बाईं ओर और ‘इकाई’ को दाईं ओर रखती है। उदाहरण के तौर पर, 31 की 3 दहाई बाईं ओर हैं और 1 इकाई दाईं ओर है (चित्र-3)। यह बात स्पष्ट रूप से इस बात से जुड़ती है कि हम किसी 2-अंकीय संख्या को कैसे लिखते हैं, यानी कि दहाई इकाई (TU)। इससे छोटे बच्चों को यह सीखने में भी मदद मिलती है कि 31 में 3 दहाई और 1 इकाई है (और न कि 3 इकाई और 1 दहाई) है। इसके अलावा गणितमाला गणन संख्या और क्रमवाचक संख्या (Cardinal and Ordinal numbers) के पहलुओं को जोड़ने में भी मदद करती है।


गणितमाला एक खुली या ख़ाली संख्या रेखा पर जाने में मदद करती है। खुली (या ख़ाली) संख्या रेखा में संख्याओं का क्रम तो क़ायम रहता है, लेकिन उनके बीच की दूरी किसी पैमाने पर आधारित नहीं होती है। इससे विद्यार्थियों को <100 के जोड़ और घटाव करने के अनेक तरीक़ों को खोजने में मदद मिलती है। इस प्रकार यह मानक एल्गोरिद्म (standard algorithm) को जानने से पहले ही संख्याओं के साथ खेलने और उनकी समझ विकसित करने के बहुत-से अवसर प्रदान करती है।
गुणा और भाग के लिए (चित्र-4) ‘कैचर’ का इस्तेमाल करना एक अच्छा ख़याल है। इसे स्थानीय सामग्री से भी बनाया जा सकता है। इसके बारे में विस्तृत जानकारी और चित्रों के लिए सन्दर्भ में दिया गया लेख देखें। इस माला को महत्तम समापवर्तक निकालने की भाग विधि के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। यह खोज एक सरकारी स्कूल के अध्यापक ने की थी, जिनकी कल्पना को इस युक्ति ने प्रोत्साहित किया था।

हालाँकि एक मानक गणितमाला 100 तक ही सीमित होती है, लेकिन कुछ लोग 4 रंगों को लेते हुए 200 मनकों की माला (सन्दर्भ में दिए गए लेख का पेज 2 देखिए — दुगनी गणितमाला) का भी इस्तेमाल करते हैं। 1000 मनकों वाली माला भी होती है। लेकिन ज़्यादातर कक्षाओं में इतनी लम्बी माला को लटकाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती है। इसकी बजाय >100 के लिए खुली संख्या रेखा पर जाना एक बेहतर विचार है।

जिस तरह संख्या रेखा को ऋणात्मक दिशा में बढ़ाया जाता है, उसी तरह पूर्णांकों के लिए गणितमाला को ‘दुगना’ किया जाता है। इसके लिए 200 मनकों की माला का इस्तेमाल होता है। वास्तव में इसके लिए 100 मनकों की दो मालाओं (अलग-अलग रंगों की) को जोड़ा जाता है।
बाईं ओर के 100 मनके संख्या रेखा के ऋणात्मक हिस्से को दर्शाते हैं, जबकि बचे हुए मनके पहले की ही तरह धनात्मक हिस्से को दर्शाते हैं।
यह पूर्णांकों का परिचय देने (एक कहानी के साथ दिया जाए तो आदर्श होगा), तुलना करने और पूर्णांकों को जोड़ने और घटाने के लिए भी बहुत अच्छी है (चित्र-5)।



इसके अतिरिक्त, इसे एक चर वाले रेखीय समीकरणों की एक विस्तृत श्रंखला को हल करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, उदाहरण के लिए (4-x)/3 = 5। वास्तव में, यह कहना सही होगा कि इसको ऐसे किसी भी समीकरण को हल करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है जिसमें केवल एक ही चर आया हो और उसका हल एक पूर्णांक हो! सन्दर्भ में दी गई लिंक में इस बारे में विस्तृत जानकारी है।
- अन्य पहले से समूहीकृत सामग्रियों में स्टैटिक बीड्स, डीन्स ब्लॉक्स और फ्लैट-लॉन्ग्स-यूनिट्स (2D आधार-10 ब्लॉक्स) शामिल हैं।
- अन्य समूहीकृत की जा सकने वाली सामग्रियों में बण्डल और तीली शामिल हैं, जहाँ प्रत्येक तीली को ‘इकाई’ के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, या उसे किसी बण्डल अथवा ‘दहाई’ में शामिल किया जा सकता है।