पिछले कुछ समय से, मुझे प्राथमिक और माध्यमिक, दोनों स्तरों पर शिक्षकों और बच्चों के साथ काम करने के कई अवसर मिले हैं। मैंने गणित के सत्रों को अधिक मज़ेदार बनाने के लिए रोज़मर्रा की ज़िन्दगी से जुड़ी हुई कुछ पहेलियाँ या सवाल पूछना अपनी आदत बना ली। जब भी किसी ने कोई समाधान सुझाया, तो मैं हमेशा उस समाधान तक पहुँचने के लिए उनके द्वारा अपनाई गई प्रक्रियाओं और उन प्रक्रियाओं को अपनाने के पीछे की उनकी सोच को समझने की कोशिश करता हूँ।

ऐसा ही एक सवाल यह रहा —

“किसी कमरे में कुछ ख़रगोश और कुछ मुर्गे हैं। किसी ने चौकीदार से मुर्गों और ख़रगोशों की संख्या पूछी। इसके जवाब में चौकीदार ने कहा कि वह यह तो नहीं जानता कि कमरे में कितने मुर्गे और कितने ख़रगोश हैं, लेकिन यह ज़रूर जानता है कि कमरे में कुल 100 सिर और 250 पैर हैं। क्या आप पता लगा सकते हैं कि उस कमरे में कितने ख़रगोश और कितने मुर्गे हैं?” (मैंने यह सवाल काफ़ी समय पहले कहीं पढ़ा या सुना था।)

जब भी इस सवाल को वयस्कों, माध्यमिक स्कूल के बच्चों या शिक्षकों से पूछा गया, तो उनमें से अधिकतर इसे अनुमान लगाकर और “परीक्षण और त्रुटि की विधि” (Trial And Error Method) को इस्तेमाल करके हल करते थे। जैसे कि वे अनुमान लगाते कि \(80\) मुर्गे और \(20\) ख़रगोश हैं, जिनको मिलाने पर हमें कुल \(100\) सिर हासिल होंगे। फिर जब वे पैरों की कुल संख्या की गणना करते, तो उन्हें \(240\) पैर मिलते। ऐसे में उन्हें एहसास होता कि सवाल में पैरों की संख्या 250 दी गई है और उन्हें अपने अनुमान को सुधारना पड़ेगा। इसके बाद वे मुर्गों और ख़रगोशों की संख्या को बदलकर फिर से पैरों की संख्या का हिसाब लगाते और \(100\) सिर और \(250\) पैर हासिल करने की कोशिश करते।

जब उनके सामने यह सवाल रखा जाता कि क्या इस सवाल को हल करने के एक से अधिक तरीक़े हो सकते हैं, तो बीजगणित जानने वाले कुछ वयस्क, माध्यमिक स्कूलों के बच्चे और शिक्षक सवाल को हल करने के लिए तुरन्त समीकरण तैयार कर देते। उदाहरण के लिए \(x + y = 100\) और \(2x + 4y = 250\) (जहाँ \(x\) मुर्गों की और \(y\) ख़रगोशों की संख्या होती)।

इसके बाद वे इन समीकरणों को सरल करने के लिए प्रतिस्थापन (Substitution), विलोपन (Elimination), क्रॉस गुणन (Cross Multiplication) जैसी विधियों का इस्तेमाल करके उन्हें ऐसे समीकरण में बदलते जिसमें मात्र एक चर हो। मसलन, ख़रगोशों की संख्या \(x\) मानने पर, मुर्गों की संख्या \(100 – x\) होगी। इससे समीकरण \(4x + 2 (100 − x) = 250\) मिलता है, जिससे \(x\) का मान पता करने में और ख़रगोशों और मुर्गों की संख्या की गणना करने में मदद मिलती है।

\(50\) से भी ज़्यादा समूहों के साथ इस सवाल पर काम करने पर मैंने देखा कि लगभग सभी समूहों ने हल निकालने के लिए या तो परीक्षण और त्रुटि विधि या फिर बीजगणितीय समीकरणों का सहारा लिया। माध्यमिक स्कूलों के गणित के शिक्षकों या बीजगणित से परिचित लोगों ने तुरन्त ही अधिक औपचारिक तरीक़ा चुना। इसके उलट, प्राथमिक स्तर के ऐसे शिक्षकों और वयस्कों ने, जो बीजगणित से कतराते हैं, मुख्य रूप से परीक्षण और त्रुटि विधि को इस्तेमाल किया।

जब उनसे यह पूछा गया कि इस सवाल को किस स्तर के बच्चों से पूछा जाना चाहिए, तो गणित के सभी शिक्षकों ने एक स्वर में सहमति ज़ाहिर की कि यह एक कठिन सवाल है और इसे बच्चों से तब तक नहीं पूछा जाना चाहिए जब तक कि उन्हें बीजगणित की जानकारी न हो। उन्होंने सुझाव दिया कि यह सवाल कक्षा-\(6\) या उससे ऊपर की कक्षाओं के बच्चों के लिए ठीक रहेगा।

इस सवाल को प्राथमिक स्तर में पढ़ने वाले बच्चों के कुछ समूहों से भी पूछा गया। बहुत-से बच्चे इसे नहीं हल कर सके, उन्होंने कहा कि यह सवाल अलग था क्योंकि इसमें उनसे सीधे तौर पर जोड़ने, घटाने, गुणा करने या भाग देने को नहीं कहा गया था। कुछ बच्चों ने अलग-अलग तरीक़ों से चित्र बनाकर इसे हल करने की कोशिश की, लेकिन फिर उन्होंने यह कहते हुए इसे हल करने से इन्कार कर दिया कि सवाल कठिन था।

इस पूरे कार्य के दौरान, मुझे ऐसे दो-तीन बच्चे मिले जिनके जवाब सही थे और सवाल को हल करने के लिए उनके द्वारा अपनाए गए तरीक़े अनूठे थे। जब मैंने इनमें से एक बच्चे से सवाल को हल करने का उसका तरीक़ा पूछा, तो उसने अपनी भाषा में समझाया, “देखिए सर, इस सवाल में ख़रगोश और मुर्गे हैं। ख़रगोशों के चार पैर होते हैं और मुर्गों के केवल दो पैर होते हैं। चूँकि सिरों की कुल संख्या \(100\) है, तो मैं जानता हूँ कि जानवर \(100\) हैं। आइए सबसे पहले दोनों जानवरों को दो-दो पैर दे देते हैं, इससे हमें \(250\) पैरों में से \(200\) पैर मिल जाएँगे और हमारे पास \(50\) पैर बाक़ी बचेंगे। अब आप किसी भी जानवर को एक पैर नहीं दे सकते क्योंकि किसी भी जानवर के तीन पैर नहीं होते हैं। इसलिए आपको पैर 2-2 के जोड़े में देने होंगे। हमारे पास \(50\) पैर बचे हैं, अब अगर हम प्रत्येक को दो पैर देते हैं, तो हम \(50\) पैरों को केवल \(25\) जानवरों को ही दे सकेंगे। इस तरह से, जिन \(25\) जानवरों को ये पैर मिलेंगे उनके चार पैर होंगे, तो इस तरह से ये \(25\) जानवर ख़रगोश होने चाहिए और शेष \(75\) जानवर मुर्गे होंगे।”

बेशक़, वयस्क, माध्यमिक स्कूलों के बच्चे और शिक्षक इस सवाल को हल करने के लिए पाठ्यपुस्तक में दी गई विधियों को इस्तेमाल करते हैं, लेकिन प्राथमिक स्तर के बच्चे इसे हल करने में ख़ूब मज़े करते हैं और अपनी ख़ुद की विधियों का इस्तेमाल करते हैं। उनकी इन विधियों की जाँच-पड़ताल करने और यह अवलोकन करने पर कि किस तरह से सवाल को हल करने के लिए वे अपनी ख़ुद की विधियों का इस्तेमाल करते हैं, यह पता चलता है उनकी विधि में भी गणितीय तर्क और समस्या समाधान का तार्किक दृष्टिकोण शामिल होता है।

और लेख