एक संख्‍या तालिका पर कहीं भी ‘L’-आकार का पेंटोमिनो रखें ताकि यह पूरी तरह से पाँच खानों (वर्गों) को ढक ले। इसके द्वारा ढकी गई पाँचों संख्याओं को जोड़ें। इसके बाद, इस पेंटोमिनो को तालिका पर किसी अलग स्थान पर सरकाएँ और उसके द्वारा ढकी जाने वाली नई संख्याओं को जोड़ें। ऐसा बार-बार करके देखें।

चित्र-1 को देखें। इन चार स्थितियों में ढकी गई संख्याओं के योग क्रमशः 121, 211, 311 और 346 हैं। क्या आप इनमें कोई पैटर्न देखते हैं?

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10
11 12 13 14 15 16 17 18 19 20
21 22 23 24 25 26 27 28 29 30
31 32 33 34 35 36 37 38 39 40
41 42 43 44 45 46 47 48 49 50
51 52 53 54 55 56 57 58 59 60
61 62 63 64 65 66 67 68 69 70
71 72 73 74 75 76 77 78 79 80
81 82 83 84 85 86 87 88 89 90
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चित्र-1 : संख्‍या तालिका पर L-पेंटोमिनो

इनमें से प्रत्येक का योग 5 के गुणज से एक अधिक है। दूसरे शब्दों में, आप इस ‘L’ पेंटोमिनो को तालिका पर चाहे कहीं भी सरकाएँ, इसके द्वारा ढकी गई संख्याओं के योग को 5 से विभाजित करने पर शेषफल 1 ही बचता है।

यदि इस पेंटोमिनो को घुमाया या पलटा जाए, तो क्या शेषफल तब भी 1 ही रहेगा?

अलग-अलग पेंटोमिनो के साथ ऐसा करने पर क्या होगा? और सबसे महत्त्वपूर्ण बात कि ऐसा क्‍यों होता है?

इन सवालों ने हाल ही में ‘एमटीएआई – आईआईटी पलक्कड़ टीचर्स मैथ सर्कल’ (MTAI – IIT Palakkad Teachers Math Circle) में मिडिल स्कूल के शिक्षकों के बीच एक समृद्ध गणितीय जाँच (investigation) को जन्म दिया। संख्‍या-तालिका एक परिचित और विविध सम्‍भावनाओं वाली शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) है, जिसका उपयोग प्राथमिक कक्षाओं में गिनती और स्थानीय मान के लिए व्यापक रूप से किया जाता है। हालाँकि, जैसा कि एट राइट एंगल्स के एक अंक (पैटर्न की खोज : कक्षा-2 में संख्‍याओं से सीखना : जागृति मेहरा, मार्च 2025) में रेखांकित किया गया था, यह उन्नत समस्या-समाधान (advanced problem-solving) के लिए भी एक स्प्रिंगबोर्ड के रूप में कार्य कर सकता है। यह लेख बताता है कि कैसे एक संख्‍या तालिका पर पेंटोमिनो रखने जैसी सरल गतिविधि, बीजगणित, सममिति और गणितीय प्रमाण की एक गहरी खोज में बदल गई।

शुरुआत : मूर्त अनुभव

पेंटोमिनो एक ज्यामितीय आकृति है जो पाँच एक जैसे वर्गों को उनके किनारों से जोड़कर बनाई जाती है। यदि घूर्णन और परावर्तन को मूल आकृति के समान ही माना जाए, तो कुल 12 अलग-अलग पेंटोमिनो आकृतियाँ होती हैं, जिनमें से प्रत्येक का नाम अँग्रेज़ी के उस कैपिटल अक्षर पर रखा गया है, जिसकी तरह वह लगती है।

चित्र-2: 12 त‍रह के पेंटोमिनो. Image source

कार्यशाला के दौरान, शिक्षकों को खेलने और खोजने के लिए संख्‍या तालिका के प्रिंटआउट और पेंटोमिनो के वास्तविक कटआउट दिए गए थे (चित्र-3)। जाँच-पड़ताल की स्वतंत्रता मिलने पर, अधिकांश शिक्षकों ने स्वाभाविक रूप से ‘I’ पेंटोमिनो के साथ शुरुआत की, शायद यह मानकर कि यह एक सीधी-रेखा वाली ज्यामिति आकृति है, इसलिए इसे समझना सबसे आसान होगा।

Pentominoes-fig2
चित्र-3 : गतिविधि का सेटअप

‘I’ पेंटोमिनो को विभिन्न पंक्तियों में क्षैतिज रूप से रखकर, उन्होंने तुरन्‍त एक अनुमान लगाया : क्षैतिज ‘I’ द्वारा ढकी गई संख्याओं का योग 5 से विभाजित करने पर शेषफल हमेशा 0 देता है।

लेकिन केवल कुछ अवलोकनों के आधार पर हम ऐसा निष्‍कर्ष नहीं निकाल सकते, इसके लिए एक स्पष्टीकरण या प्रमाण (proof) की आवश्यकता होगी। एक शिक्षक ने तर्क दिया कि ‘I’ पेंटोमिनो तालिका पर पाँच लगातार (क्रमागत) संख्याओं को ढकता है और पाँच लगातार संख्याओं का योग हमेशा 5 से विभाज्य होता है।

एक अन्य शिक्षक एक बीजगणितीय प्रमाण (algebraic proof) के साथ सामने आए : ‘I’ पेंटोमिनो जिन संख्याओं को ढकता है, उन्हें \(x\) – 2, \(x\) – 1, \(x\), \(x\) + 1, \(x\) + 2 के रूप में लिया जा सकता है। उनका योग 5\(x\) होता है और इसलिए यह 5 से विभाज्य है।

लेकिन क्या हो यदि ‘I’ पेंटोमिनो को ऊर्ध्वाधर रूप से रखा जाए? अब, यह 7, 17, 27, 37 और 47 जैसी संख्याओं को ढकता है। शिक्षकों ने ध्यान दिया कि इस अनुक्रम में लगातार आने वाली संख्याओं के बीच का अन्‍तर हमेशा 10 होता है। इसलिए इन पाँचों संख्‍याओं का योग बीच की संख्या का पाँच गुना होगा − और यह भी, हमेशा 5 का एक गुणज ही होगा।

शॉर्टकट खोजना : स्‍मार्ट और तेज़ अंकगणित

जब शिक्षक इस बात से सहमत हो गए कि ‘I’ पेंटोमिनो को संख्‍या तालिका में कहीं भी क्षैतिज या ऊर्ध्‍वाधर रखने पर पाँचों संख्‍याओं का योग 5 से पूरी तरह विभाजित होता है तब वे अन्‍य 11 पेंटोमिनों की ओर बढ़े।

अपने अनुमानों की जाँच करने के लिए, कई शिक्षकों ने शुरुआत में पाँचों संख्याओं को जोड़ने और 5 से विभाजित करने के लिए कैलकुलेटर का सहारा लिया। हालाँकि, जब उन्हें कैलकुलेटर से भी ‘अधिक स्मार्ट और तेज़’ तरीक़ा खोजने की चुनौती दी गई, तो उनके सोचने के तरीक़े में बदलाव देखने को मिले।

एक समूह ने महसूस किया कि उन्हें केवल इकाई के अंकों को देखने की आवश्यकता है। क्योंकि तालिका पर दी गई किसी भी संख्या को 10a + b के रूप में लिखा जा सकता है; इसका दहाई वाला हिस्सा (10a) पहले से ही 5 का गुणज है और उसे नज़रअन्‍दाज किया जा सकता है। इसके कुछ ही समय बाद, उन्होंने इसे और भी अधिक परिष्कृत किया : इकाई के अंकों को जोड़ने के बजाय, वे बस ‘पाँच को बाहर निकाल’ (cast out the fives) रहे थे।उन्होंने स्वतंत्र रूप से मॉड्यूलर अंकगणित (modular arithmetic) के एक मुख्य सिद्धान्‍त की खोज कर ली थी : किसी समूह की संख्याओं के योग को विभाजित करने पर मिलने वाला शेषफल, उस समूह की प्रत्येक संख्या को विभाजित करने पर मिलने वाले शेषफलों के योग में से अधिकतम बार भाजक निकालने पर मिलने वाले शेषफल के बराबर ही होगा। तार्किक चिन्‍तन की इस उछाल ने उनकी जाँच-पड़ताल को बेहद आसान बना दिया।


उदाहरण के लिए,चित्र-6 में नीले पेंटोमिनो द्वारा ढकी गई संख्याओं के योग को जब 5 से विभाजित किया जाता है, तो शेषफल ज्ञात करने के लिए उन्हें केवल ढकी गई प्रत्येक संख्या को 5 से विभाजित करने पर मिलने वाले शेषफलों (इस मामले में 1, 1, 1, 1 और 2) को ढूँढ़ना था, और फिर उनके योग 6 को 5 से विभाजित करने पर मिलने वाला शेषफल ज्ञात करना था। यह 6 + 16 + 26 + 36 + 37 = 121 का योग करने और फिर उसे 5 से विभाजित करके शेषफल निकालने की तुलना में कहीं अधिक आसान है।

चित्रों से प्रतीकों तक : अपरिवर्तनीयता (Invariance) को प्रमाणित करना

तेज़ी से गणना करके शिक्षकों ने एक स्पष्ट अनुमान (conjecture) स्थापित किया : शेषफल, तालिका पर पेंटोमिनो की स्थिति से पूरी तरह स्वतंत्र होता है। लेकिन इसे सिद्ध कैसे किया जाए?

इस दौरान कई दृष्टिकोण सामने आए, जो अमूर्तीकरण के विभिन्न स्तरों को दर्शाते हैं :

  • दृश्यात्‍मक या स्‍थानान्‍तरणात्‍मक दृष्टिकोण (The Visual/Translational Approach) : एक समूह ने यह तर्क दिया, “यदि आप किसी पेंटोमिनो को एक कॉलम दाईं ओर सरकाते हैं, तो पाँचों संख्याओं का योग 5 (1 x 5) बढ़ जाता है। शेषफल नहीं बदलता। यदि आप इसे एक पंक्ति नीचे सरकाते हैं, तो योग 50 (10 x 5) बढ़ जाता है। शेषफल तब भी नहीं बदलता।”
  • ‘ग़ैर-शाब्दिक’ संरचनात्मक दृष्टिकोण (The ‘Non-Verbal’ Structural Approach) : एक अन्य समूह ने चित्र-4 में दी गई आकृतियों के सबसे बाईं ओर वाले कॉलम को x मान दिया और स्‍वेच्‍छा से x का मान 0 तय किया तथा कॉलम की सभी संख्याओं को 0 के रूप में लिया। जैसे ही वे एक कॉलम दाईं ओर बढ़े, उन्होंने दी गई संख्‍या में 1 जोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने दूसरे कॉलम के सभी खानों को संख्या 1 और तीसरे कॉलम के सभी खानों को संख्या 2 आवंटित कर दी। ध्यान दें कि दूसरी और तीसरी आकृति में चिह्नित x के नीचे के खाने में उन्होंने 0 नहीं लिखा है। इन सापेक्ष मानों (relative values) को आपस में जोड़कर, वे विशिष्ट तालिका संख्याओं की आवश्यकता के बिना ही शेषफल ज्ञात करने में सक्षम थे।
चित्र-4 : ‘ग़ैर-शाब्दिक’ दृष्टिकोण
  • औपचारिक बीजगणितीय दृष्टिकोण (The Formal Algebraic Approach) : कई समूहों ने अपने प्रमाणों को पुख्‍़ता करने के लिए बीजगणित का उपयोग किया। चित्र-4 के दाहिने किनारे पर स्थित ‘W’ पेंटोमिनो के लिए, एक शिक्षक ने समझाया : “एक संख्या का दोगुना, उसमें अगली संख्या का दोगुना जोड़ने और फिर उसकी अगली संख्या जोड़ने पर, शेषफल 4 मिलता है।” इसे प्रतीकात्मक रूप से लिखें तो, यदि पहले कॉलम की संख्या n है, तो योग होगा : 2n + 2(n + 1) + (n + 2) = 5n + 4 के रूप की किसी भी संख्या को जब 5 से विभाजित किया जाएगा, तो हमेशा शेषफल 4 बचेगा।

दिलचस्प बात यह है कि बीजगणितीय प्रमाणों को लेकर एक बहस छिड़ गई (चित्र-5)। समीकरण बनाते समय, क्या \(x\) को आकृति की सबसे छोटी संख्या का प्रतिनिधित्व करना चाहिए, या बीच के वर्ग का? बीच के वर्ग की संख्या के लिए \(x\) का उपयोग करने से अकसर अन्‍तिम समीकरण सरल हो जाता था, लेकिन \(x\) को सबसे छोटी संख्या के रूप में मानने से ऋणात्मक चिह्नों (जैसे\(x\) – 10) से बचा जा सकता था, जिसके बारे में कुछ शिक्षकों का तर्क था कि यह मिडिल स्कूल के विद्या‍र्थियों के लिए कहीं अधिक अनुकूल दृष्टिकोण है।

चित्र-5 : औपचारिक स्‍पष्‍टीकरण

एक नया मोड़ : दिशा और ‘सुन्‍दरन’ आकृतियाँ

यद्यपि तालिका पर किसी पेंटोमिनो को सरकाने से उसका शेषफल नहीं बदलता था, लेकिन शिक्षकों ने एक दिलचस्प खोज की : यदि पेंटोमिनो को घुमाया जाए या पलटा जाए, तो शेषफल बदल जाता है। एक ही पेंटोमिनो के आठ सम्‍भावित ओरिएंटेशन (चार घूर्णन, और प्रत्येक का एक पलटा हुआ रूप) की खोज करते हुए, एक बेहद सुन्‍दर सममिति सामने आई। शिक्षकों ने ध्यान दिया कि यदि कोई पेंटोमिनो एक निश्चित शेषफल देता है, तो उसे क्षैतिज या ऊर्ध्वाधर रूप से पलटने पर मिलने वाला शेषफल, पहले वाले शेषफल के साथ मिलकर 5 का एक पूर्ण पूरक (complement) बनाता है।

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चित्र-6 : ‘L’ पेंटोमिनो का परावर्तन

इससे भी अधिक दिलचस्प वे आकृतियाँ थीं जिन्होंने इस बदलाव का पूरी तरह से विरोध किया। ‘I’, ‘X’, और ‘Z’ पेंटोमिनो ने प्रत्येक सम्‍भावित स्थिति और ओरिएंटेशन (दिशा) में लगातार 0 ही शेषफल दिया। इन आकृतियों में एक विशिष्ट, अन्‍तर्निहित सममिति को देखते हुए, शिक्षकों ने उन्हें प्यार से ‘सुन्‍दरन’ नाम दिया। इसका अर्थ है ‘सुन्‍दर’। जब गणितीय रूप से यह परिभाषित करने का प्रयास किया गया कि किस चीज़ ने एक आकृति को सुन्‍दरन बनाया, तो उन्होंने अन्‍ततः इसे ‘दाएँ-बाएँ और ऊपर-नीचे का एक प्रकार का सन्‍तुलन’ होने के रूप में वर्णित किया, जो औपचारिक घूर्णन सममिति के करीब पहुँचता है।

कक्षा में

इस तरह की गतिविधियाँ विद्यार्थियों को यह दिखाती हैं कि गणित केवल रटे-रटाए नियमों या प्रक्रियाओं का एक समूह होने से कहीं बढ़कर है। यह गतिविधियाँ, पैटर्न की खोजबीन से‍ मिलने वाले आनन्‍द और यह जानने के लिए हैं कि ये पैटर्न ऐसे क्‍यों हैं, साथ ही यह समझने के लिए भी कि उनकी तर्कपूर्ण व्‍याख्‍या कैसे की जाए।

यह विशिष्ट पेंटोमिनो टास्‍क एक शैक्षणिक ख़ज़ाना है। इसके लिए बहुत कम पूर्वज्ञान की आवश्यकता होती है, जिससे सभी स्तरों के विद्यार्थी सीधे मूर्त खेल में शामिल हो सकते हैं। यह बहुत ही ख़ूबसूरती से आगे बढ़ता है, शिक्षार्थियों को बुनियादी अंकगणितीय पैटर्न से बीजगणितीय अभिव्यक्तियों की ओर ले जाता है, और मॉड्यूलर अंकगणित से सहज परिचय कराता है।

कक्षा में पीरियड ख़त्‍म होने की घण्‍टी बजने पर यह खोज समाप्त नहीं हो जाती। उत्सुक दिमागों को व्यस्त रखने के लिए इस समस्या की सीमाओं को आसानी से आगे बढ़ाया जा सकता है :

  • क्या होगा यदि हम एक अलग तालिका का उपयोग करें, जैसे कि सामान्य 7 दिनों वाला कैलेंडर?
  • क्या होगा यदि हम पेंटोमिनो के बजाय ट्रायोमिनो या टेट्रोमिनो की खोज करें?
  • यदि हम योग को 5 के बजाय 3 या 10 से विभाजित करें, तो कौन-से पैटर्न उभरकर आते हैं?
  • क्या होगा यदि हम योग के बजाय गुणनफलों के शेषफल को देखें?

लेखक और कार्यशाला में भाग लेने वाले शिक्षकों, दोनों ने ही इस टास्‍क को अपनी-अपनी कक्षाओं में आज़माया है। उनके परिणाम लगभग समान थे : विद्यार्थी इन बीजगणितीय सच्चाइयों को उजागर करने में पूरी तरह सक्षम हैं। यह साबित करता है कि जब हम शिक्षार्थियों को सही संसाधन और एक दिलचस्‍प पहेली देते हैं, तो वे बड़े उत्साह से एक गणितज्ञ की भूमिका निभाने लगते हैं।

आभार

उन सभी शिक्षकों को धन्यवाद जिन्होंने कार्यशाला में पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और अपने काम तथा विचारों को खुलकर साझा किया। इस कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग के लिए एमटीएआई और आईआईटी पलक्कड़ को धन्यवाद। यह टास्‍क लिलजेडाहल, पी., चेरनॉफ़, ई. और ज़ाज़किस, आर. के शोध पत्र— Interweaving mathematics and pedagogy in task design: a tale of one task. J Math Teacher Educ 10, 239–249 (2007) से प्रेरित था।

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