स्नेहा टाइटस पिछले बीस वर्षों के पूर्णकालिक गणित-शिक्षण कार्य को छोड़कर अब वे सभी उम्र के बच्चों में तर्क सीखने के प्रति प्रेम पैदा करने और गणित की प्रासंगिकता को समझाने के अपने कैरियर लक्ष्य को पाने की कोशिश कर रही हैं। वह अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के विश्वविद्यालय संसाधन केन्द्र में काम करती हैं। साथ ही ग्रामीण और शहरी स्कूलों के गणित-शिक्षकों के साथ बतौर सलाहकार काम करती हैं। वह वर्तमान तकनीक, मीडिया से सम्बन्धित प्रासंगिक संसाधनों के साथ-साथ खेलों, पहेलियों और कहानियों को शामिल करते हुए छोटे शिक्षण मॉड्यूल के माध्यम का उपयोग करके कार्यशालाएँ आयोजित करती हैं, जो शिक्षकों और बच्चों दोनों को सक्षम और प्रेरित करेंगी।